• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 2

अब तक अलीगढ़ से एक मुस्लिम और रामपुर से तीन हिंदू ही चुनाव जीत पाए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश 'गंगा-जमुनी तहजीब' यानी हिंदू-मुस्लिम की साझा संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह बात अलीगढ़ और रामपुर के पहले लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक के नतीजों पर गौर करने से पता चलता है। आजादी के बाद से अब तक रामपुर में 16 आम चुनाव हो चुके हैं। कभी यह एक नवाब का निजाम था। मगर यहां से तीन हिंदू जीतकर सांसद बने--राजेंद्र कुमार शर्मा, जया प्रदा और नेपाल सिंह। अगर अलीगढ़ का जायजा लिया जाए तो सन् 1952 से अब तक सिर्फ एक मुस्लिम ही जीता है। अलीगढ़ नाम ही बताता है कि यह मुस्लिम बहुल इलाका है और यहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी भी है। फिर भी इस क्षेत्र के सयाने मतदाता जम्हूरियत के आगे मजहब को दरकिनार करते रहे हैं।

रामपुर में जब पहला लोकसभा चुनाव हुआ तो यहां से जीते कांग्रेस के कद्दावर नेता और आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद। उनके बाद कांग्रेस के ही एस. अहमद मेहदी, जो यहां से दूसरा और तीसरा लोकसभा चुनाव जीते। यह इस ओर इशारा करता है कि इस निर्वाचन क्षेत्र के नाम में 'राम' होने के बावजूद बुद्धिमान मतदाताओं ने धर्म को नहीं, हमेशा उम्मीदवार की योग्यता को महत्व दिया। कांग्रेस रामपुर पर अपनी पकड़ अगले दो लोकसभा चुनावों में भी बनाए रखी। सन् 1967 और 1971 में जीते जुल्फिकार अली खान जो नाम मात्र के नवाब मुर्तजा अली खान के भाई और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी थे। हालांकि, 1977 में भारतीय लोकदल के राजेंद्र कुमार शर्मा इस सीट से जीते। उस बार कांग्रेस ने आपातकाल के कारण यहीं नहीं, समूचे उत्तर भारत में अपनी जमीन खो दी थी। जुल्फिकार अली खान जो 'मिकी मियां' के नाम से जाने जाते थे, सन् 1980 में यहां से जीत और 1984 फिर जीते।
सन् 1982 में भाई के इंतकाल के बाद नाम मात्र के नवाब बने और 1989 तक बने रहे। सन् 1991 में भारतीय लोकदल वाले राजेंद्र कुमार शर्मा बतौर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार यहां से जीते। सन् 1992 में एक सड़क हादसे में नवाब का इंतकाल हो गया। सन् 1996 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां से नवाब की विधवा बेगम नूर बानो को उम्मीदवार बनाया, मगर वह भाजपा के मुख्तार अब्बास नकवी से हार गईं। अगले ही साल 1999 में हुए चुनाव में मगर उन्होंने जीत हासिल की।
वर्ष 2004 के चुनाव में यहां से जया प्रदा जीतीं और 2009 में भी उन्होंने अपनी जीत दोहराई। दोनों बार वह समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार थीं। इस बार वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार हैं। वर्ष 2014 में इस सीट पर भाजपा के नेपाल सिंह काबिज हुए। नवाब के बेटे काजिम अली खान कांग्रेस के टिकट पर लड़े, मगर तीसरे स्थान पर रहे।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Aligarh elected only one Muslim, Rampur three Hindus since 1952
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: aligarh elected only one muslim, rampur three hindus since 1952, ganga-jamuni tehzeeb, aligarh and rampur lok sabha constituencies, lok sabha chunav 2019, general election 2019, election 2019, lok sabha chunav, लोकसभा चुनाव, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, lucknow news, lucknow news in hindi, real time lucknow city news, real time news, lucknow news khas khabar, lucknow news in hindi
Khaskhabar UP Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

उत्तर प्रदेश से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2019 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved