• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

AIMPLB के अध्यक्ष ने सरकार से की मुस्लिमों को CAA में शामिल करने की मांग

AIMPLB head Maulana Rabey Hasani Nadwi says, Bring Muslims under CAA ambit - Lucknow News in Hindi

लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के अध्यक्ष और दारूल उलूम नदवातुल उलेमा के रेक्टर (कुलाधिसचिव) मौलाना राबे हसनी नदवी ने सरकार से नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) खत्म करने या इसमें मुस्लिमों को भी शामिल करने के लिए कहा है। यहां एक बयान में मौलाना ने कहा कि सीएए देश और समुदाय के लिए सही नहीं है। इस कानून के कारण देश में अव्यवस्था फैल गई है। इस कानून के तहत दी जाने वाली सुविधा से मुस्लिमों को बाहर रखकर देश की धर्म निरपेक्षता को नुकसान पहुंच रहा है। इससे दुनियाभर में हमारे देश की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ रहा है। हमारा लोकतंत्र सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार देता है लेकिन लोगों को हिंसक और भडक़ाऊ गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। इससे पहले 16 दिसंबर को लखनऊ के 121 साल पुराने मदरसा दारूल उलूम नदवातुल उलेमा के छात्रों ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे दिल्ली में जामिया तथा अलीगढ़ में एएमयू के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस मुद्दे पर मदरसा के छात्रों ने हॉस्टल से निकलकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद छात्रों द्वारा पत्थरबाजी करने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-AIMPLB head Maulana Rabey Hasani Nadwi says, Bring Muslims under CAA ambit
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: aimplb head maulana rabey hasani nadwi, muslims, caa ambit, all india muslim personal law board, rector of darul uloom nadwatul, citizenship amendment act, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, lucknow news, lucknow news in hindi, real time lucknow city news, real time news, lucknow news khas khabar, lucknow news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

उत्तर प्रदेश से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved