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डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मिट्टी के मटकों से रचा इतिहास, पिता को समर्पित किया अपना 10वां गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

Dr. Lakshyaraj Singh Mewar Creates History with Earthen Pots, Dedicates His 10th Guinness World Record to His Father - Udaipur News in Hindi

उदयपुर। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने सेवा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। उदयपुर के शिकारबाड़ी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने 1400 से अधिक मिट्टी के मटकों का निर्माण और वितरण कर अपना 10वां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस गौरवशाली उपलब्धि को उन्होंने अपने दिवंगत पिता महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ की स्मृति को समर्पित करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने मिट्टी के मटकों की प्राचीन भारतीय परंपरा और उनके वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में रेफ्रिजरेटर के बढ़ते उपयोग और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए मटके के प्राकृतिक रूप से ठंडे और शुद्ध जल के गुणों को अपनाने का आह्वान किया। यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि स्थानीय हुनरमंदों और कुम्हारों की कला को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन देने का एक सशक्त माध्यम भी बनी है। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ पिछले आठ वर्षों से समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। उनकी यह यात्रा मार्च 2019 में 3.29 लाख से अधिक वस्त्रों के दान के साथ शुरू हुई थी, जो दुनिया का सबसे बड़ा वस्त्र दान अभियान बना। इसके बाद उन्होंने अगस्त 2019 में 20 टन स्टेशनरी वितरित कर शिक्षा के क्षेत्र में दूसरा रिकॉर्ड बनाया। जनवरी 2020 में पर्यावरण के लिए मात्र 20 सेकंड में 4000 से अधिक पौधे लगाकर उन्होंने तीसरा कीर्तिमान स्थापित किया।
समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने जनवरी 2021 में महिला स्वच्छता प्रबंधन के तहत 12 हजार से अधिक उत्पाद वितरित किए। वर्ष 2022 में उन्होंने एक ही दिन में दो अलग-अलग रिकॉर्ड बनाए, जिनमें जरूरतमंदों को स्वेटर वितरण और 'कोई भूखा न सोए' संकल्प के तहत भोजन पैकेटों का वितरण शामिल था। जनवरी 2023 में 'बीज भविष्य का' अभियान के तहत 21 हजार से अधिक बीज बोकर उन्होंने सातवां रिकॉर्ड बनाया।
पिछले दो वर्षों में उनकी उपलब्धियां और भी विशिष्ट रहीं। जनवरी 2024 में उन्होंने तनाव प्रबंधन पर दुनिया का पहला रिकॉर्ड स्थापित कर मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में कार्य किया, वहीं जनवरी 2025 में 'सूर्योदय अभियान' के तहत सोलर लैंपों से सूर्य की विशाल आकृति बनाकर सौर ऊर्जा का संदेश दिया। अब, जनवरी 2026 में मिट्टी के मटकों के माध्यम से अपनी संस्कृति को सहेजने का यह 10वाँ रिकॉर्ड मेवाड़ के गौरवमयी इतिहास में एक नया अध्याय बन गया है। डॉ. लक्ष्यराज सिंह का मानना है कि ये रिकॉर्ड मात्र संख्या नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा और नागरिक कर्तव्यों की अलख जगाने का एक माध्यम हैं।-पढ़िए : डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कब, कौन-सा विश्व कीर्तिमान कैसे स्थापित कर सामाजिक चेतना जागृत करने का कार्य किया
रिकॉर्ड-1 : मार्च 2019 को भी जरूरतमंदों को 3 लाख 29 हजार से अधिक वस्त्रों का दान कर पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया था। एकत्रित किए तीन लाख कपड़ों को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूएसए, ओमान, श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के 80 शहरों से एकत्रित कर जरूतमंदों तक पहुंचाया।
रिकॉर्ड-2 : अगस्त 2019 को 24 घंटे में 20 टन से ज्यादा स्टेशनरी छात्र-छात्रों में वितरित कर दूसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उदयपुर संभाग में एक महीने तक शिक्षा प्रोत्साहन कैंपेन चलाकर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को किताब, कॉपी-पेन-पेंसिल, कलर्स बुक, बुक्स आदि शिक्षण सामग्री वितरित की।
रिकॉर्ड-3 : जनवरी 2020 को महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से 20 सैकंड में 4000 से अधिक पौधे लगाकर तीसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया। सिटी पैलेस के माणक चौक में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने अमलतास, गुलमोहर, सहजन व केशिया श्याम वृक्षों के 4035 पौधों को 20 सैकंड में लगाया गया।
रिकॉर्ड-4 : जनवरी 2021 को मात्र एक घंटे में महिला स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े 12 हजार से अधिक स्वच्छता प्रोडक्ट बांटकर चौथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। कोरोना महामारी के दौरान स्वच्छता और महिला माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की अलख जगाने के लिए साढ़े बारह हजार से ज्यादा सेनेट्री पेड, हैंड सेनेटाइजर, साबुन, टूथब्रश जैसे प्रोडक्ट्स दान किए।
रिकॉर्ड-5 : जनवरी 2022 को एक घंटे में सबसे ज्यादा स्वेटर वितरण कर 5वां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सर्दी के सीजन में जरूरतमंद 28 सौ लोगों को स्वेटर पहनाकर पुनीत पहल की।
रिकॉर्ड-6 : जनवरी 2022 को एक घंटे 2800 भोजन के पैकेट वितरण कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। उद्देश्य कोई भूखा ना सोए पहल का जन-जन तक संदेश पहुंचाना।
रिकॉर्ड-7 : जनवरी 2023 को बीज भविष्य का अभियान के तहत 21 हजार 58 विभिन्न तरह के पेड़-पौधों के बीज बोकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।
रिकॉर्ड-8 : जनवरी 2024 को जनसमूह को तनाव प्रबंधन का पाठ पढ़ाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया किया है। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व में पहली बार तनाव प्रबंधन से संबंधित यह श्रेणी बनाने की पहल की है।
रिकॉर्ड-9 : जनवरी 2025 : सोलर लैम्पों के संग्रह से सूर्य की सबसे बड़ी आकृति बनाकर यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। "सूर्योदय अभियान' का शुभारंभ कर पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की पहल की है।
रिकॉर्ड-10 : जनवरी 2026 : डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने 1400 से अधिक मिट्टी के मटकों का वितरण कर 10वाँ विश्व कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस कीर्तिमान को अपने दिवंगत पिता महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ को समर्पित किया।
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