• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

कभी हमारी परमाणु शक्ति का गवाह बना क्षेत्र अब सोलर एनर्जी के लिए भी बना वरदान

Never witness our nuclear power field now for solar energy - Jodhpur News in Hindi

जोधपुर/पोकरण। अब तक पोकरण क्षेत्र हमारी परमाणु ताकत का गवाह बना था, लेकिन अब यह सोलर एनर्जी के लिए भी जाना जाएगा। पोकरण के धूड़सर गांव में चल रहे रिलायंस सोलर पावर प्लांट की ओर से सीएलएफआर सीएसपी का 100 मेगावाट का प्लांट शुरू हुआ और उसके बाद यहां सोलर पावर प्लांट की क्रांति सी आ गई। रिलायंस कंपनी ने भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिनेवल एनर्जी (एमएनईआर) के तहत जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन में दुनिया का सबसे बड़ा थर्मल सोलर पावर प्लांट पोकरण में शुरू किया। पोकरण जोधपुर सडक़ मार्ग के पूर्व की तरफ स्थित धुडसर गांव में लगा 125 मेगावाट का सोलर थर्मल पावर प्लांट विश्व का सबसे बड़ा प्लांट है। इसकी वजह से अब परमाणु नगरी पोकरण सोलर हब के रूप में विख्यात होती नजर आ रही हैं।

प्लांट में 100 मेगावाट ग्रीन एनर्जी हो रही है जनरेट


धुडसर गांव के इस थर्मल सोलर पावर प्लांट में 100 मेगावाट ग्रीन एनर्जी जनरेट की जा रही है। कंपनी की ओर से जनरेट की गई बिजली राष्ट्रीय विद्युत व्यापार निगम को बेची जा रही है। निगम की ओर से इस ग्रीन एनर्जी को खरीदकर राजस्थान के तीन ग्रीडों में सप्लाई करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

2100 करोड़ है इस प्लांट की कीमत


रिलायंस कंपनी धूड़सर में थर्मल प्रोजेक्ट के तहत 100 मेगावाट बिजली उत्पादन कर दुनिया में पहले स्थान पर है। कंपनियां कॉम्पेक्ट लिनियर फ्रेशनल रिफलेक्टर (सीएलएफआर), कंसंस्ट्रेट सोलर थर्मल (सीएसपी) के तहत बिजली उत्पादन करना मुश्किल मानती थी। इसी के तहत कई कंपनियों ने फोटो वॉल्टिक (पीवी) प्लांट लगाया गया। जबकि रिलायंस कंपनी ने कुल 2100 करोड़ रुपए खर्च कर दुनिया का सबसे बड़ा थर्मल सोलर पावर प्रोजेक्ट शुरू कर 100 मेगावाट बिजली अथवा 1 लाख युनिट प्रति घंटा बिजली का उत्पादन करना शुरू किया।

कई कंपनियों का बढ़ा रुझान


पोकरण के पास स्थित कई गांवों में अब सूर्य की किरणों से बिजली पैदा करने के लिए कई कंपनियों ने यहां पर पांव पसारे हैं। वहीं सोलर से बिजली पैदा करने के लिए मरूधरा के छोटे से गांव में विश्व का सबसे बड़ा 125 मेगावाट का सोलर थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया गया। यहा सोलर के माध्यम से प्रतिदिन 140 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी पोकरण का नाम अब सोलर हब के रूप में जाना जाने लगा है।

यहां हुए सफल परमाणु परीक्षण


आपको बता दें कि परमाणु परीक्षण के बाद विश्व मान चित्र पर उभरे पोकरण का नाम अब स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। 11 और 13 मई 1998, 18 मई 1974 में दो सफल परमाणु परीक्षण के बाद पोकरण का नाम परमाणु नगरी के रूप में विश्व विख्यात हुआ। सरहदी जिले के धोरों की धरा में सबसे अधिक गर्मी पडऩे के कारण लोगों का इस ओर आने का रुझान हमेश कम होता था, लेकिन अब मरू प्रदेश में सूर्य की सीधी किरणें पडऩे से और भीषण गर्मी अब यहां के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। वहीं सूर्य की किरणों से अब यहां के लोगों को रोजगार मिलना प्रारंभ हो गया है, जिससे क्षेत्र में खुशहाली और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Never witness our nuclear power field now for solar energy
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: never witness, nuclear power, field, solar energy, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, jodhpur news, jodhpur news in hindi, real time jodhpur city news, real time news, jodhpur news khas khabar, jodhpur news in hindi
Khaskhabar Rajasthan Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2022 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved