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राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा खुलासा, गहलोत के पैर छूने वाले तीनों लोग चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी नहीं निकले

Major revelation in Rajasthan civic polls: The three individuals who touched Gehlots feet were not officials on election duty - Jodhpur News in Hindi

जोधपुर। जोधपुर में 2026 के नगर निगम चुनावों के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया, जब एक वीडियो में एक व्यक्ति को पोलिंग स्टेशन पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूते हुए देखा गया।

भाजपा ने आरोप लगाया कि वह व्यक्ति सरकारी पोलिंग अधिकारी था, लेकिन जोधपुर जिला चुनाव अधिकारी की जांच में पाया गया कि वह व्यक्ति पोलिंग अधिकारी नहीं था। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पोलिंग स्टेशन पर तीन लोगों ने गहलोत के पैर छुए और उनमें से कोई भी चुनाव ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी नहीं था।
अशोक गहलोत अपना वोट डालने के लिए महामंदिर इलाके के वर्धमान जैन विद्यालय पोलिंग स्टेशन पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत भी थे। वोट डालने के बाद जब वे पोलिंग स्टेशन से निकल रहे थे, तो सोशल मीडिया पर लोगों के उनके पैर छूने का वीडियो सामने आया, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
सेक्टर ऑफिसर की रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर की गई जांच में उन तीनों लोगों की पहचान की गई।
पता चला कि जब गहलोत वोट डालने के बाद पोलिंग स्टेशन से निकल रहे थे, तो एक वोटर उनके पास आया, उनके पैर छुए और आशीर्वाद मांगा।
गहलोत के पैर छूने वाला दूसरा व्यक्ति निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश बागोरिया का पोलिंग एजेंट था, जो बूथ पर मौजूद था। बागोरिया के मुख्य चुनाव एजेंट ने भी गहलोत के पास जाकर उनके पैर छुए।
जोधपुर जिला चुनाव अधिकारी के आदेश पर हुई जांच में पाया गया कि वे तीनों सरकारी पोलिंग टीम के सदस्य नहीं थे।
इससे पहले दिन में, घटना की तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद, राजस्थान भाजपा के लीगल सेल ने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी ने पोलिंग स्टेशन पर एक राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेता के प्रति सम्मान दिखाया।
भाजपा ने तर्क दिया कि इस तरह का व्यवहार चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है और आरोपी पोलिंग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पार्टी ने निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए जोधपुर जिला कलेक्टर और राज्य चुनाव आयोग से संपर्क किया।
शिकायत के बाद, जोधपुर जिला चुनाव अधिकारी ने जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने सेक्टर ऑफिसर की रिपोर्ट के साथ-साथ पोलिंग स्टेशन की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच के नतीजों के अनुसार, पोलिंग पार्टी का कोई भी सदस्य गहलोत के पैर छूने के लिए अपनी सीट से नहीं उठा और चुनाव ड्यूटी पर तैनात कोई भी सरकारी कर्मचारी घटना में शामिल नहीं था।
जांच में पहचाने गए तीन लोगों में एक आम वोटर और निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश बागोरिया से जुड़े दो अधिकृत एजेंट शामिल थे।
जोधपुर के कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गहलोत, जो तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जोधपुर में लंबे समय से लोगों का समर्थन और सम्मान पाते रहे हैं। उन्होंने उनके पैर छूने की घटना को सम्मान का प्रतीक बताया और कहा कि भाजपा ने घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की।

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Web Title-Major revelation in Rajasthan civic polls: The three individuals who touched Gehlots feet were not officials on election duty
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