• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

एमडीएम अस्पताल में वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा : प्रिंसिपल का चार पेजी पत्र सरकार तक पहुँचा

Financial irregularities at MDM Hospital exposed: Principal four-page letter reaches government - Jodhpur News in Hindi

राजकुमार शर्मा (शैलू), जोधपुर। मथुरादास माथुर अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचारपूर्ण गतिविधियों और नियमविरुद्ध निविदा प्रक्रियाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डॉ. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज जोधपुर के प्रिंसिपल डॉ. बी.एस. जोधा ने एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए आयुक्त सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग, संयुक्त सचिव (ग्रुप-2) जयपुर और जिला कलेक्टर जोधपुर को चार पेज का विस्तृत पत्र भेजा है।
पत्र में यह कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन में चल रही इन गड़बड़ियों से न केवल अस्पताल की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के भरोसे पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
निविदाओं में धांधली और चहेती फर्मों को फायदा
पत्र के अनुसार, अधीक्षक द्वारा कई संविदाएं समय पर पूरी नहीं की गईं, जबकि अनावश्यक रूप से निविदाओं को निरस्त कर नई निविदाएँ आमंत्रित की गईं।इससे न केवल प्रक्रियाधीन कार्य ठप हुए, बल्कि कुछ विशेष फर्मों को अनुचित लाभ पहुँचाने की मंशा भी झलकती है।
हाल ही में संपादित मैनपावर निविदा को अंतिम चरण में पहुँचने के बाद निरस्त कर दिया गया, जिससे “चहेती” कंपनियों को लाभ देने का आरोप स्पष्ट होता है।इसी तरह दवाओं की केंद्रीयकृत निविदा में भी पुरानी निविदा को अवैध रूप से बढ़ाया गया, जबकि नई निविदा को रोक दिया गया।
चिरंजीवी योजना में कथित गड़बड़ी
डॉ. जोधा ने लिखा कि वर्ष 2022 से “अमर मूमल संस्था” को एकल बोली (Single Bid) के आधार पर 13% कमीशन पर कार्यादेश दिया गया, जबकि यह दर अत्यधिक थी।नई निविदा में अन्य फर्मों को जानबूझकर अयोग्य घोषित कर दिया गया और मात्र 17 मिनट में तकनीकी और वित्तीय बोली का मूल्यांकन कर लिया गया — जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
संस्था ने कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआई अंशदान जमा नहीं कराया, बावजूद इसके अधीक्षक ने कोई कार्रवाई नहीं की। संवेदक द्वारा ₹50 के स्टाम्प पर झूठा शपथपत्र प्रस्तुत किया गया, लेकिन अधीक्षक ने न एफआईआर दर्ज कराई, न वैधानिक कार्रवाई की।
लंबित भुगतानों में लापरवाही और कुप्रबंधन
प्रिंसिपल के अनुसार, अस्पताल में लंबित ₹64.16 करोड़ की देनदारियों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती गई। कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया कि ₹6.17 करोड़ के बिल गुम हो गए, और ₹14.11 करोड़ की अतिरिक्त देनदारियां अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत की गईं।
अधीक्षक द्वारा समिति के निर्देशों का पालन नहीं किया गया, और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णयों पर प्रश्न उठाए गए। जोधा ने इसे गंभीर कार्यालय कुप्रबंधन और “वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति असम्मानजनक रवैया” करार दिया।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं, एसीबी तक की रिपोर्ट लंबित
पत्र में आरोप है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के परिवाद, ईएसआई और पीएफ संबंधी शिकायतों, और पूर्व सैनिकों के भुगतान मामलों में अधीक्षक ने अब तक कोई तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। यहां तक कि राजमेस जयपुर, वित्तीय सलाहकार व चिकित्सा शिक्षा निदेशालय से आए पत्रों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कैंसर संस्थान में लापरवाही
क्षेत्रीय कैंसर संस्थान से जुड़ी परियोजनाओं में भी अधीक्षक की उदासीनता पर सवाल उठाए गए हैं।डिस्कॉम द्वारा स्थापित किए जाने वाले GSS के स्थल चयन और उपकरणों की सूची के लिए बार-बार निर्देश देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
विभागीय कार्यवाही की मांग
पत्र के अंत में डॉ. जोधा ने अनुरोध किया है कि एमडीएम अस्पताल में चल रही इन वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाहियों को संज्ञान में लिया जाए और अधीक्षक सहित संबंधित कार्मिकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Financial irregularities at MDM Hospital exposed: Principal four-page letter reaches government
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: financial irregularities, mdm hospital, exposed, principal, f, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, jodhpur news, jodhpur news in hindi, real time jodhpur city news, real time news, jodhpur news khas khabar, jodhpur news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2025 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved