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मातृछाया ड्रीम बिल्डर्स पर RERA का कानूनी डंडा: कब्जे में देरी पर आवंटी को ब्याज देने का आदेश

RERA cracks down on Matrichhaya Dream Builders: Orders allottees to pay interest on delayed possession - jhunjhunu News in Hindi

खास खबर। झुंझुनूं राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RAJ-RERA) ने रीयल एस्टेट क्षेत्र में आवंटियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक और सख्त फैसला सुनाया है। अथॉरिटी ने 'मातृछाया ड्रीम बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड' की लापरवाही पर कड़ा प्रहार करते हुए आवंटी को 10.80% वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है। सदस्य सुधीर कुमार शर्मा ने साफ किया कि प्रमोटर निर्धारित अवधि में निर्माण पूरा न करने और घर खरीदार को अनिश्चितकाल तक अधर में लटकाए रखने के वित्तीय हर्जाने से बच नहीं सकता। यह मामला झुंझुनूं निवासी मोहन लाल सैनी और सह-आवंटी से जुड़ा है, जिन्होंने सीकर रोड स्थित प्रोजेक्ट "मातृछाया-II" (Matra Chaya-II) के ब्लॉक-B में छठी मंजिल पर फ्लैट नंबर B-606 बुक किया था। इस फ्लैट की मूल कीमत ₹11,35,000 तय की गई थी। दोनों पक्षों के बीच हुए अनुबंध के अनुसार, प्रमोटर को इस यूनिट का वैध भौतिक कब्जा 21 दिसंबर 2020 तक सौंपना था। आवंटी ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समय-समय पर कुल ₹10,98,060 का भारी-भरकम भुगतान भी कर दिया, जो कुल कीमत का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बावजूद, वर्षों बीत जाने के बाद भी आवंटी को अपने घर की चाबियां नसीब नहीं हुईं।
सुनवाई के दौरान प्रमोटर की ओर से देरी के पीछे तकनीकी और कोरोना महामारी के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के बहाने पेश किए गए। रेरा अथॉरिटी ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों का गहन विश्लेषण करने के बाद न्यायसंगत फैसला सुनाया। कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के प्रभाव को देखते हुए 21 दिसंबर 2021 से 20 दिसंबर 2022 तक के एक साल के समय को 'मोरेटोरियम पीरियड' (छूट की अवधि) के रूप में स्वीकार किया। हालांकि, इस छूट के बाद भी हुई अत्यधिक देरी के लिए बिल्डर को ही दोषी माना गया।
अथॉरिटी ने आवंटी को राहत देते हुए ब्याज की गणना को दो चरणों में विभाजित कर निर्देश जारी किए हैं कि शुरुआत में जमा कराई गई ₹5,41,351 की राशि पर निर्धारित कब्जा तिथि (21 दिसंबर 2020) से लेकर वास्तविक कब्जे के प्रस्ताव तक 10.80% की दर से ब्याज देय होगा (मोरेटोरियम अवधि को छोड़कर)। इसके बाद जमा कराई गई ₹5,56,709 की शेष राशि पर प्रत्येक जमा की तारीख से वैध कब्जे के प्रस्ताव तक पूरा ब्याज देना होगा।
रेरा ने आदेश दिया है कि इस संचित ब्याज राशि को आवंटी द्वारा प्रमोटर को दी जाने वाली किसी भी अंतिम बकाया राशि में सबसे पहले समायोजित (एडजस्ट) किया जाएगा। समायोजन के बाद यदि ब्याज की रकम अधिक निकलती है, तो बिल्डर वह राशि आवंटी को नकद लौटाएगा। इसके साथ ही, प्रमोटर को पाबंद किया गया है कि वह इस आदेश के पोर्टल पर अपलोड होने के 45 दिनों के भीतर पूरी कार्यवाही सुनिश्चित करे और आवंटी से कोई भी अतिरिक्त या नाजायज शुल्क न वसूले।

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Web Title-RERA cracks down on Matrichhaya Dream Builders: Orders allottees to pay interest on delayed possession
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