• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

कूटनीतिक सफलता से पर्यावरण संरक्षण : डेज़र्ट नेशनल पार्क में AI तकनीक से गूंजी 'गोडावण' की किलकारियां

Environmental Conservation Through Diplomatic Success : Great Indian Bustard Chicks Chirp to Life in Desert National Park Thanks to AI Technology - Jaisalmer News in Hindi

जैसलमेर। विलुप्त होने की कगार पर खड़े भारत के सबसे प्रतिष्ठित पक्षी 'ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (GIB) यानी गोडावण के संरक्षण को लेकर राजस्थान के जैसलमेर से एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर आई है। डेज़र्ट नेशनल पार्क (DNP) के उप वन संरक्षक एम. गुप्ता ने जानकारी दी है कि साल 2026 का ब्रीडिंग सीजन (प्रजनन काल) शानदार उपलब्धियों के साथ शुरू हो चुका है। इस सीजन की सबसे बड़ी कामयाबी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सफल प्रयोग रही है, जिसकी मदद से दो नन्हे चूजों ने अंडों से बाहर आकर जीवन की शुरुआत की है। वन विभाग इस सफलता को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बहुत ही सकारात्मक और क्रांतिकारी संकेत मान रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने बचाई 'मरुभूमि के गौरव' की जान
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल अब तक दोनों प्रजनन केंद्रों (ब्रीडिंग सेंटर्स) में कुल 18 गोडावण के चूजों का जन्म हुआ है। इनमें से सबसे खास 10 मई और 11 मई 2026 को पैदा हुए दो बच्चे हैं।
इन दोनों बच्चों का जन्म पूरी तरह से AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की देखरेख और मदद से हुआ है। अंडों को सेने (इन्क्यूबेशन) से लेकर उनकी मॉनिटरिंग और तापमान नियंत्रण जैसे बेहद संवेदनशील कामों में एआई का सटीक उपयोग किया गया, जिससे नवजात चूजों के जीवित रहने की दर में बड़ा सुधार देखा जा रहा है।
प्रजनन केंद्रों में बढ़ी गोडावण की आबादी
उप वन संरक्षक एम. गुप्ता के अनुसार, इस सफल प्रजनन काल के बाद अब दोनों केंद्रों को मिलाकर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) की कुल संख्या बढ़कर 86 हो गई है। एक समय ऐसा था जब देश में गोडावण की संख्या 150 से भी कम रह गई थी, ऐसे में कृत्रिम प्रजनन केंद्रों में 86 की संख्या तक पहुंचना वन विभाग और पर्यावरणविदों के अथक प्रयासों का बड़ा परिणाम है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सफलता?
विलुप्ति से बचाना: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) आईयूसीएन (IUCN) की रेड लिस्ट में 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' (Critically Endangered) श्रेणी में शामिल है।
धीमी प्रजनन दर: गोडावण साल में अमूमन एक ही अंडा देती है, और वह भी जमीन पर होने के कारण अन्य जानवरों (जैसे जंगली कुत्तों और सियार) के हमले का शिकार हो जाता है। ऐसे में इंसानी देखरेख और आधुनिक तकनीक से 18 चूजों का सुरक्षित जन्म होना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
भविष्य की उम्मीद: एआई तकनीक के इस सफल ट्रायल के बाद अब आने वाले समय में अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे।
जैसलमेर के डेज़र्ट नेशनल पार्क में पर्यावरण और आधुनिक विज्ञान के इस अनूठे तालमेल ने 'राजस्थान के राज्य पक्षी' को विलुप्त होने से बचाने की उम्मीदों को एक नई उड़ान दी है।
Great Indian Bustard, Jaisalmer, Desert National Park, GIB Breeding Season 2026, AI Technology In Wildlife, Rajasthan Forestry.

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Environmental Conservation Through Diplomatic Success : Great Indian Bustard Chicks Chirp to Life in Desert National Park Thanks to AI Technology
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: environmental conservation, diplomatic success, great indian bustard chicks, desert national park, \r\n, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, jaisalmer news, jaisalmer news in hindi, real time jaisalmer city news, real time news, jaisalmer news khas khabar, jaisalmer news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved