• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

मरुधरा में होटल पॉलिटिक्स की वापसी : मतदान खत्म होते ही बाड़ेबंदी की गिरफ्त में पार्षद प्रत्याशी, रिसॉर्ट्स में कैद हुआ जनादेश

The Return of Hotel Politics in Rajasthan : Council Candidates Confined as Voting Ends - Jaipur News in Hindi

जयपुर। राजस्थान के लोकतंत्र का सबसे त्रासद और घिनौना यथार्थ यही है कि यहां जनता जिस क्षण वोट डालकर अपनी उंगली की स्याही सुखा रही होती है, उसी क्षण उसके चुने जाने वाले नुमाइंदों के गले में दलीय अविश्वास का पट्टा कस दिया जाता है। नगर निकाय चुनावों का मतदान शुक्रवार शाम को थमा नहीं कि पूरे प्रदेश में 'बाड़ेबंदी' का वह पुराना, सड़ा-गला सियासी खेल अपने पूरे शबाब पर शुरू हो गया। उदयपुर से लेकर राजधानी जयपुर, बीकानेर से लेकर हाड़ौती और शेखावाटी तक—तस्वीरें जुदा हो सकती हैं, लेकिन पटकथा एक ही है- अपने ही कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को बंधक बना लो।

प्रदेश के दर्जनों कस्बों और शहरों के चौराहों पर शुक्रवार देर रात तक जो दृश्य उभरा, वह किसी जनसेवक की गरिमा का नहीं, बल्कि हांक कर ले जाए जा रहे मवेशियों के रेवड़ जैसा था। मतदान खत्म होते ही प्रत्याशियों को एक जगह तलब किया गया, लग्जरी बसों में ठूंसकर अज्ञात रिसॉर्ट्स और होटलों के लिए रवाना कर दिया गया। किसी का मोबाइल छीन लिया गया, तो किसी पर पार्टी के 'विश्वस्त' पहरेदारों की आंखें गड़ा दी गईं। यह केवल विपक्षी सेंधमारी का खौफ नहीं है; यह उस आंतरिक लोकतंत्र का खोखलापन है जहाँ हर पार्टी जानती है कि उसने निष्ठावान कार्यकर्ताओं का हक मारकर जिन्हें मैदान में उतारा है, उनकी वफादारी की मियाद सिर्फ वोटों की गिनती तक ही है। यह कैसी विडंबना है कि जो प्रत्याशी कुछ घंटे पहले मोहल्ले की तंग गलियों में हाथ जोड़कर जनता से 'सेवा का एक मौका' मांग रहे थे, वे अपने परिवार और मतदाताओं को एक रात का हिसाब देने लायक भी नहीं समझे गए। चौदह तारीख को परिणाम आने तक यह कैद जारी रहेगी। इसके बाद जीतने वालों को सिर पर बिठाकर आगे की बाड़ेबंदी—यानी बोर्ड अध्यक्ष और मेयर के चुनाव तक—बंधक रखा जाएगा, और हारने वालों को दूध की मक्खी की तरह रिसॉर्ट के बाहर सड़क पर छोड़ दिया जाएगा।
शर्मनाक बात यह है कि इस नैतिक पतन को दलीय मुख्यालयों में 'रणनीतिक प्रबंधन' और 'प्रशिक्षण शिविर' जैसे चमकीले शब्दों से नवाजा जा रहा है। राजस्थान की सियासत ने विधायकों की बाड़ेबंदी तो बहुत देखी थी, लेकिन अब वार्ड स्तर के पार्षदों को भी तिजोरी में बंद करने की यह बीमारी बताती है कि हमारे राजनीतिक दल जनता के विवेक और अपने ही कार्यकर्ताओं के चरित्र पर कितना 'भरोसा' करते हैं। मरुधरा का जनादेश मतपेटियों में बाद में बंद हुआ, जनता के कथित नुमाइंदे पहले ही बाड़ों में कैद हो गए।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-The Return of Hotel Politics in Rajasthan : Council Candidates Confined as Voting Ends
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: return of hotel politics, rajasthan, council candidates, confined, voting ends, \r\n, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, jaipur news, jaipur news in hindi, real time jaipur city news, real time news, jaipur news khas khabar, jaipur news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved