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फिजीकल लिटरेसी को बढ़ावा देने की आवश्यकता और सिर्फ चैंपियन बनाने पर ना हो फोकस: पुलेला गोपीचंद

Pullela Gopichand said, need to promote physical literacy and not just focus on making champions - Jaipur News in Hindi

जयपुर। एल्फाबेटिकली एवं न्यूमेरिकली आगे बढ़ने से अधिक फिजीकल स्पोर्ट्स में आगे बढ़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है, क्योंकि हमारा देश शारीरिक क्षमताओं में पिछड़ रहा है। हमारे देश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो खेलना नहीं जानते। यह कहना था पद्मभूषण पुलेला गोपीचंद का। वें गुरुवार को मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर (एमयूजे) में शुरू हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘फिजीकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस (आईसीपीईएसएस-2020)‘ के उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने आगे कहा कि कभी-कभी हम प्राकृतिक रूप से प्राप्त क्षमताओं को महत्व नहीं देते हैं। प्रोफेशनल स्पोर्ट्स का उद्देश्य सिर्फ चैंपियन बनाने के लिए ही नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए विकास का प्रथम चरण फिजीकल लिटरेसी होना चाहिए। खेल के मैदान सिर्फ खेलने वाले लोगों के लिए ही नहीं बल्कि उन लोगों के लिए भी होने चाहिए, जो नहीं खेलते हैं। प्रत्येक बच्चे को फिजीकल एजुकेशन के मूल सिद्धांत पढ़ाए जाने चाहिए और उन्हें शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए।

डिस्कस थ्रो में भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण-पदक जीतने वाली पद्मश्री डॉ. कृष्णा पूनिया ने कहा कि जब भारतीय एथलीट खेलों में भाग लेते हैं तो वे सिर्फ परिणामों के बारे में ही सोचते हैं। हमें उन बच्चों की सराहना करने की भी आवश्यकता है जो खेलकूद में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते। हमें यह समझने की जरूरत है कि भारत में खेलों की क्या स्थिति है, और जहां लोग मुख्य रूप से पदक के बारे में सोचते हैं। उन्होंने आगे कहा कि खेल आपको जीवन जीने का तरीका सिखाता है। सभी को चैंपियन बनने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी का खेलों में भाग लेना जरूरी है। अधिकतर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे इंजीनियर व डॉक्टर बनें, लेकिन वे खेलों में मेडल लाने की उम्मीद दूसरों से रखते हैं। वर्तमान समय की आवश्यकता है कि बच्चों को खेल के मैदानों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई व खेल के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में भी लाभ मिलेगा। पूनिया ने कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि थीं।

लिवरपूल जॉन मूरेस यूनिवर्सिटी में फिजीकल एजुकेशन के सीनियर लेक्चरर, नाइजील ग्रीन ने कहा कि फिजीकल लिटरेसी को बढ़ावा के लिए खेल नीति के नीतिनिर्धारकों को प्रेरित करने वाले एम्बेसेडर्स की आवश्यकता है। व्यक्तियों को स्वयं की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए अवसर देने चाहिए। पैरेंट्स को फिजीकल एक्टिविटीज की महत्व समझाने के लिए उन्हें जागरूक व शिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्कूलों में फिजीकल एजुकेशन के टीचर्स को स्टूडेंट्स को प्रशिक्षित करने के सबसे बेहतर तरीके ज्ञात होने की जरूरत है, ताकि स्टूडेंट्स का शारीरिक, प्रभावी एवं समग्र विकास हो सके।

इस अवसर पर मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर (एमयूजे) के प्रेसीडेंट, डॉ. जी. के. प्रभु द्वारा यूनिवर्सिटी के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एमयूजे एक प्रोग्रेसिव यूनिवर्सिटी है, जिसके द्वारा स्टूडेंट्स को फिजीकल एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के अवसर प्रदान करने के जरिए खेलों को बढ़ावा दिया जाता है।


डीन, एफओए व एल, प्रो. मृदुल श्रीवास्तव द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। इसी प्रकार कॉन्फ्रेंस की आयोजन सचिव, डॉ. रीना पूनिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


इससे पूर्व खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को गोपीचंद एवं पूनिया द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें चैंपियन एयर राइफल शूटर, मानिनी कौशिक, पैरालंपिक, मनीष पांडे और ओलिंपियन व वर्ल्ड पुलिस गेम्स में 20 किलोमीटर रेस वॉक में पदक जीतने वाली सपना पूनिया शामिल थीं।


इसके बाद ‘प्रिलिमनेरी सैशन-1‘ आयोजित किया गया, जिसमें द कॉलेज एट ब्रॉकपोर्ट के डायरेक्टर, डॉ. रॉबर्ट सी. श्नाइडर और कन्नूर के असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. अनिल आर शामिल हुए। दोपहर में स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एंड स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स, एक्सरसाइज फिजियोलॉजी, फिटनेस एंड हाइपोकैनेटिक डिसीज, ओलम्पिज्म एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट और साइकोलॉजिकल इंटरवेंशंस एंड स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस विषयों पर चार पैरेलल सैशन आयोजित किए गए। इसके पश्चात पोस्टर प्रेजेंटेशन हुए और शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।


उल्लेखनीय है कि आईसीपीईएसएस 2020 कॉन्फ्रेंस मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर (एमयूजे) के डिपार्टमेंट ऑफ आर्ट्स (फिजीकल एजुकेशन) व स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीज की ओर से आयोजित की जा रही है, जो 11 जनवरी तक चलेगी। इसमें अमेरिका, तुर्की, ब्रिटेन, स्लोवाकिया, बांग्लादेश सहित 15 देशों के करीब 500 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। कॉन्फ्रेंस के तीनों दिन प्रिलिमनेरी व टेक्निकल सेशन आयोजित किए जा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के उप-विषयों में एक्सरसाइज प्रिस्क्रिप्शंस एंड फिजीकल फिटनेस, मेंटल हैल्थ, योगा एंड रिसर्च पेडगॉगी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, एजिंग तथा एक्सरसाइज फिजियोलॉजी शामिल हैं।

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