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घूंघट मुक्त समाज बनाने में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका एवं विभिन्न विभागों के प्रयासों का समन्वय आवश्यक: डॉ. जोगाराम

Dr. Jogaram said, Coordinating the role of voluntary organizations and efforts of various departments in creating a veil-free society - Jaipur News in Hindi

जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जोगाराम ने कहा है कि घूंघट मुक्त समाज के निर्माण के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं एवं पुरुषोंं की भूमिका महत्वपूर्ण है जो इस बदलाव के लिए सामाजिक माहौल बनाने में सहायक बन सकते हैं। साथ ही महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सम्बन्धित विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।

डॉ. जोगाराम सोमवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागाेंं के अधिकारियों एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों से मिले फीडबैक के आधार पर सम्बोधित कर रहे थे।

उन्हाेंने कहा कि घूंघट मुक्त समाज के लिए समाज की सोच में बदलाव लाने का काम गैर सरकारी संगठन अच्छी तरह कर सकते हैं। उनके सुझावों एवं जमीनी स्तर से मिले फीडबैक को शामिल करके ही जयपुर जिले में घूंघट से मुक्ति के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, पंचायती राज विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि सोमवार की बैठक इस मायने में सार्थक रही कि जिलेभर में महिलाओं की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे एनजीओ ने न सिर्फ प्रासंगिक एवं व्यावहारिक मुद्दे उठाए बल्कि उनके समाधान के बारे में भी जानकारी अपने सुझावों के जरिए साझा की। इस सुझावों की समीक्षा कर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा ताकि जिले की महिलाओं को उनके लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

बैठक में विभिन्न अधिकारियों ने उनके विभागों में चलाई जा रही महिलाओं के सशक्तिकरण की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी एवं अपने अनुभव भी साझा किए। एसएमएस अस्पताल की पूर्व प्लास्टिक सर्जरी एचओडी प्रो. मालती गुप्ता ने अलवर के एक गांव को घूंघट मुक्त किए जाने की पूरी प्रक्रिया बताई। जिले में घूंघट प्रथा के लिए स्कूलों में बने गार्गी मंच, मीना मंच जैसे समूह का उपयोग कर, व्हाट्सअप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसे बारे में जागरुकता फैलाने, साथिन, आशा सहयोगिनी एवं महिला-पंच सरपंच का महिला ग्राम सभा द्वारा आमुखीकरण किए जाने, घूंघट प्रथा उन्मूलन में पुरुषों की भागीदारी के प्रयास करने, गांव के लोगों का सहयोग लेने जैसे विभिन्न सुझाव इस बैठक में सामने आए। पुलिस की सहायक उपायुक्त सदर डॉ. संध्या यादव ने घूंघट मुक्ति की शुरूआत अपने घर से ही करने का सुझाव दिया।

जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी भारती दीक्षित ने जालसू ब्लॉक में उनके प्रशिक्षण काल का अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने ग्राम पंचायत की सभा में केवल चुनी हुई महिला सरपंच को ही शामिल करने का निर्णय दिया तो पहले विरोध हुआ, लेकिन बाद में समझाइश से इसे स्वीकार किया गया। उप निदेशक महिला अधिकारिता डॉ. राजेश डोगीवाल ने बैठक के आरम्भ में महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी दी।

बैठक में एसआरकेपीएस, प्लान इंडिया, सेव द चिल्ड्रन जयपुर, इंडियन डवपलपमेंट सोसायटी, विशाखा, रूवा, जीवन आश्रम, वत्सला जयपुर, जन कल्याण साहित्य मंच, प्रयत्न जयपुर संस्था, राजस्थान प्रगतिशील संस्था, महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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Web Title-Dr. Jogaram said, Coordinating the role of voluntary organizations and efforts of various departments in creating a veil-free society
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