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देश में पहली बार सहकारिता क्षेत्र में पेपरलैस ऋण वितरण की व्यवस्था, यहां पढ़ें खास बातें

Arrangement of Paperless debt distribution in cooperative sector - Jaipur News in Hindi

जयपुर। प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जो सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को फसली ऋण वितरण की प्रक्रिया को पेपरलैस कर सहकारी फसली ऋण पोर्टल से ऋण वितरण की शुरूआत करने जा रहा है। इस पहल के साथ राज्य का सहकारी क्षेत्र अब डिजीटल क्रांति की ओर अग्रसर हो रहा है। सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना 3 जून से प्रारंभ होगी।
​आंजना ने बताया कि योजना के अनुसार सहकारी समिति के सदस्य किसानों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं बहुउद्देशीय कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों के माध्यम से फसली ऋण का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। इस योजना का क्रियान्वयन पैक्स/लेम्प्स एवं सहकारी बैंक की शाखाओं के स्तर से किया जा रहा है।
​उन्होंने कहा कि फसली ऋण वितरण की नई योजना के अनुसार फसली ऋण वितरण कार्यक्रम में स्थानीय विवेकाधीनता को समाप्त कर एकरूपी, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाया गया है। इसके अनुसार किसान को समिति या ई-मित्र केन्द्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन बायोमैट्रिक सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।
​सहकारिता मंत्री ने कहा कि सदस्य किसान को फसली ऋण बायोमैट्रिक सत्यापन के पश्चात् डिजीटल मेम्बर रजिस्टर (डीएमआर) के माध्यम से वितरित किया जाएगा। विभाग ने सहकारी फसली ऋण प्रक्रिया में किसान से आवेदन प्राप्त करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है।

सहकारी फसली ऋण पार्टल पर होगा पंजीयन

आंजना ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में नियमित फसली ऋण चुकाने वाले 25 लाख सदस्य किसानों को ग्राम सेवा सहकारी समिति से निर्धारित आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त होगा। जिसमें किसान आवश्यक सूचनाएं भर कर किसी भी समिति या ई-मित्र केन्द्र से सहकारी फसली ऋण पोर्टल पर पंजीयन कराएगा। पंजीयन के समय किसान को आधार नम्बर देना होगा।
​सहकारिता मंत्री ने कहा कि पंजीयन के दौरान किसान द्वारा बायोमैट्रिक सत्यापन के पश्चात् ऋण माफी योजना 2018 एवं 2019 के लाभान्वित किसान के ऋण माफी का पोर्टल पर उपलब्ध रिकार्ड का परीक्षण होगा। यदि किसान अवधिपार ऋणी सदस्य है या नया सदस्य बना है तो उसका दूसरे चरण में पंजीयन होगा। किसान का पंजीयन होने पर उसके अधिकृत मोबाइल पर मैसेज से सूचित किया जाएगा तथा रसीद दी जाएगी, जिस पर यूनिक आवेदन पत्र क्रमांक अंकित होगा। इस क्रमांक का उपयोग किसान द्वारा भविष्य में समिति, बैंक से व्यवहार या सेवा के लिए कर सकते है।

सदस्य की अधिकतम साख सीमा ऑनलाइन होगी स्वीकृत


​प्रमुख शासन सचिव सहकारिता अभय कुमार ने कहा कि किसान को अल्पकालीन फसली ऋण की अधिकतम साख सीमा एवं ब्याज दर सरकार एवं शीर्ष सहकारी बैंक की तय नीति के अनुसार होगी।
​ कुमार ने कहा कि पंजीकृत किसान की अधितम साख सीमा जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा फसलवार निर्धारित मापदण्ड, आवेदक की भूमि आकार एवं आवेदक द्वारा बोई जाने वाली फसलों के आधार पर खरीफ तथा रबी फसल हेतु पृथक-पृथक सहकारी फसली ऋण पोर्टल पर स्वतः स्वीकृत होगी। स्वीकृत अधिकतम साख सीमा 5 वर्ष के लिए मान्य होगी।



ग्रीवेन्स रिड्रेसल अथोरिटी (जीआरए) करेगी परीक्षण


अभय कुमार ने कहा कि पंजीकृत किसान की अधिकतम साख सीमा की स्वीकृति या अस्वीकृति की समस्त कार्यवाही समिति को 10 दिवस में पूरी करनी होगी। दस दिन में कार्यवाही नहीं होने पर समस्त पंजीकृत आवेदकों की एम सी एल स्वीकृत मानकर बैंक शाखा आगे की कार्यवाही करेगी।
​प्रमुख शासन सचिव सहकारिता ने कहा कि समिति द्वारा जिन पंजीकृत किसान आवेदकों की अधिकतम साख सीमा बन्ध में असहमति प्राप्त होगी, ऐसे आवेदकों के परीक्षण के लिये रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर के निर्देशानुसार प्रत्येक शाखा स्तर पर जी. आर. ए. की नियुक्ति की जाएगी। जी. आर. ए. प्रकरणों का परीक्षणकर समिति को युक्तियुक्त अभिशंषा करेगी।



फसली ऋण वितरण के लिये तीन माध्यम




उन्होंने कहा कि नई फसली ऋण व्यवस्था में किसान बैंक की शाखा से फसली ऋण नकद रूप में प्राप्त करने के अलावा रूपे किसान डेबिट कार्ड के माध्यम से एटीएम से प्राप्त कर सकेगा। इसके अलावा किसान को सहूलियत देने के लिये समिति में एफआइजी (फिनेन्सियल इंक्लूजन गेटवे) के माध्यम से ऋण प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। किसान रूपे डेबिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण किये जाने से डिजिटल एवं कैशलेस व्यवस्था को बल मिलेगा।

फसली ऋण पंजीयन के लिये जरूरी हैं ये दस्तावेज व जानकारी



सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के. पवन ने कहा कि अल्पकालीन फसली ऋण हेतु आवेदन करने से पूर्व किसान को समिति का सदस्य होना जरूरी है तथा पंजीयन के लिये किसान का आधार नम्बर, जिस सहकारी बैंक में किसान का बचत खाता है उसका खाता संख्या व बैंक शाखा का आईएफएससी नम्बर की आवश्‍यकता होगी। इसके अतिरिक्त आवेदन पत्र में किसान के नाम पर जमाबन्दी के आधार पर राजस्व रिकार्ड में दर्ज भूमि का विवरण, रबी एवं खरीफ सीजन में बोई जाने वाली फसल का विवरण के साथ-साथ समिति तथा अन्य बैंक व संस्थाओं से लिये गये या स्वीकृत हुये ऋण की जानकारी दर्ज कराई जायेगी।
​डॉ. नीरज के. पवन ने कहा कि ने कहा कि को अधिकतम साख सीमा के अन्तर्गत फसली ऋण का वितरण किये जाने से पूर्व आवश्‍यक प्रपत्रों का दस्तावेजीकरण किया जायेगा। इसके लिये किसान वचन पत्र, ऋण पत्र (बॉण्ड पत्र) एवं प्रतिभूति पत्र हस्ताक्षरित कर समिति जमा कराया जायेगा।


किसान के हित होंगे सुरक्षित, स्थापित होगी वित्तीय पारदर्शिता



डॉ. पवन ने कहा कि किसानों के हितों को सुरक्षित करने तथा समिति में वित्तीय पारदर्शिता स्थापित करने के लिये किसान द्वारा संबंधित बैंक शाखा में या समिति में एफआईजी के माध्यम से अपनी ऋण राशि जमा कराने पर कम्प्यूटर जनित रसीद जारी की जायेगी।


किसानों को मिलेगा 16 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण



रजिस्ट्रार ने कहा कि प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों को वर्ष 2019-20 में 16 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण किया जायेगा। सदस्य किसानों को 10 हजार करोड़ रुपये खरीफ सीजन में तथा 6 हजार करोड़ रुपये रबी सीजन में वितरित किया जायेगा। केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा वितरित होने वाला अल्पकालीन फसली ऋण खरीफ सीजन में 1 अप्रेल से 31 अगस्त तक तथा रबी सीजन में 1 सितम्बर से 31 मार्च तक किसानों को वितरित किया जाता है।

इन जिलों में वितरित होंगे 16 हजार करोड़



अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक इन्दर सिंह ने कहा कि खरीफ सीजन में बाडमेर जिले के किसानों में सर्वाधिक 1000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित होगा जबकि जयपुर में 950 करोड़ रुपये, पाली में 860 करोड़ रुपये, चित्तोड़गढ व प्रतापगढ़ में 800 करोड़ रूपये, सीकर एवं श्रीगंगानगर में 800-800 करोड़ रुपये, जोधपुर व हनुमानगढ़ में 760-760 करोड़ रुपये, भीलवाड़ा में 740 करोड़ रुपये, जालोर में 700 करोड़ रुपये, झालावाड़ में 660 करोड़ रुपये, नागौर में 640 करोड़ रुपये, कोटा में 600 करोड़ रुपये, अलवर एवं झुन्झुनूं में 550-550 करोड़ रुपये, सवाईमाधोपुर व करौली में 470 करोड़ रूपये, अजमेर में 450 करोड़ रूपये, भरतपुर व धौलपुर में 450 करोड़ रुपये तथा उदयपुर व राजसमंद में 420 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण वितरण सदस्य कृषकों को होगा।
​ इन्दर सिंह ने कहा कि इसी प्रकार से बूंदी जिलें में में 370 करोड़ रुपये, चुरू एवं दौसा में 360-360 करोड़ रुपये, बारां में 340 करोड़ रुपये, बीकानेर में 330 करोड़ रूपये, सिरोही में 320 करोड़ रुपये, जैसलमेर में 290 करोड़ रुपये, टोंक में 280 करोड़ रुपये, बांसवाड़ा में 240 करोड़ रुपये, डूंगरपुर में 150 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली सहकारी ऋण वितरित किया जाएगा।

दस लाख नये किसानों को मिलेगा फसली ऋण



प्रदेश में 10 लाख नये किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से आगामी फसली चक्र में फसली ऋण मुहैया कराया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा ज्यादा से ज्यादा किसानों को सहकारी फसली ऋण ढांचे के तहत आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराकर राहत देने के दिये गये निर्देशों की पालना में यह निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे इस निर्णय से किसान को दोहरा लाभ होगा। किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार जमीन को रहन रखे बिना ही फसली ऋण मिल सकेगा और साथ ही सहकारिता से जुड़ने के दूसरे सभी लाभ भी प्राप्त होंगे।
​हम सहकारी ऋण ढांचे को मजबूती प्रदान करना चाहते हैं। इसलिये हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को इससे जोड़ना चाहते है और हम इसके लिये आगामी फसली चक्र से नये 10 लाख किसानों को फसली ऋण वितरित करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने हाल ही में कई ऐसे प्रकरण सामने आये हैं इसके मद्देनजर यह निर्णय किया गया है कि किसी भी किसान का ऋण प्राप्त करने का हक न छिने इसके लिये हमने बायोमैट्रिक सत्यापन को ऋण वितरण प्रक्रिया में लागू किया है। इससे वास्तविक किसान को सहूलियत होगी और सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ किसान की साख में भी बढ़ोतरी होगी।
अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक ने कहा कि ऋण माफी के दौरान हमारी जानकारी में आया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कई ऐसे सदस्य हैं, जो कई वर्ष पूर्व समिति के सदस्य बन गये थे लेकिन उन्हे अभी तक सहकारी साख व्यवस्था के तहत फसली ऋण नहीं मिल पाया है। सरकार ने ऐसे किसान सदस्यों को फसली ऋण मुहैया कराने का निर्णय किया है।



द्वितीय चरण में नए किसानों का पंजीयन


​नए सदस्य किसानों का सहकारी फसली ऋण पोर्टल पर पंजीयन नियमित चुकारा करने वाले सदस्य किसानों के पंजीयन के बाद द्वितीय चरण में किया जाएगा। द्वितीय चरण में नए सदस्य किसानों के साथ अवधिपार सदस्य किसानों का भी पंजीयन किया जाएगा। पंजीकरण के उपरांत ऐसे किसानों को भी फसली ऋण मुहैया कराया जाएगा।

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