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‘‘गंभीर प्रकृति की 02 वृहद् अवैध व्यावसायिक बिल्डिंगों की पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही, एवं 07 निर्माणाधीन अवैध दुकानों, 02 नवीन अवैध कॉलोनियों का प्रारंभिक स्तर पर पूर्णतः ध्वस्तीकरण।’’

Action for concrete sealing of 02 large illegal commercial buildings of serious nature, and complete demolition of 07 illegal shops under construction, 02 new illegal colonies at initial stage. - Jaipur News in Hindi

जयपुर । जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए ‘‘गंभीर प्रकृति की 02 वृहद् अवैध व्यावसायिक बिल्डिंगों की पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही, एवं 07 निर्माणाधीन अवैध दुकानों, 02 नवीन अवैध कॉलोनियों का प्रारंभिक स्तर पर पूर्णतः ध्वस्तीकरण।’’ अनुमोदित योजना मंगलम इंडस्ट्रियल सिटी के भूखण्ड संख्या ए-1 में जेडीए की बिना अनुमति व स्वीकृति के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर उल्लंघन कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनीं 05 मंजिला गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध बिल्डिंग-19 फ़्लैट्स इत्यादि अवैध निर्माण की पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई, गैरअनुमोदित योजना आसींद नगर, सांगानेर में जविप्रा की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर उल्लंघन कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनीं 04 मंजिला गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध बिल्डिंग की पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। सांगानेर कुतरों की ढाणी, बागड़ों का बड़ में कृषि भूमि पर जेडीए की बिना अनुमति व स्वीकृति के नवीन अवैध कॉलोनी के प्रयोजनार्थ निर्माणाधीन 07 अवैध दुकानों का प्रारंभिक स्तर पर पूर्णतः ध्वस्तीकरण।, निजी खातेदारी करीब 11 बीघा कृषि भूमि पर नवीन अवैध कॉलोनी व अन्य अवैध निर्माण का पूर्णतः ध्वस्तीकरण किया गया।

मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन रघुवीर सैनी ने बताया कि जोन-12 के क्षेत्राधिकार मंगलम इंडस्ट्रियल एरिया जैतपुरा सीकर रोड़ पर अवस्थित अनुमोदित योजना मंगलम इंडस्ट्रियल सिटी जयपुर के भूखण्ड संख्या-ए-1 क्षेत्रफल करीब 596.08 वर्गगज में जीरों सेटबैक पर जेडीए की बिना अनुमति व स्वीकृति के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर उल्लंघन कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनीं 05 मंजिला वृहद् अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग-19 फ्लैट्स इत्यादि अवैध निर्माण के पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। उक्त गंभीर प्रकृति के वृहद् अवैध बिल्डिंग जिसमें प्रत्येक मंजिल पर 04-04 फ्लैट्स कुल 20 फ्लैट्स के अवैध निर्माण किये जाने का अवधान में आने पर भूस्वामी को 10 जून, 2016 को धारा 32,33 जविप्रा अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण रूकवाया जाकर उक्त वृहद स्तर के अवैध निर्माण को हटाने हेतु पाबंद किया गया था। इसके बावजूद भी भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाने पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर धारा-34(क) का नोटिस जारी कर 22 जून, 2016 को उक्त वृहद् अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग की नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही की गई थी।
अवैध निर्माणकर्ता द्वारा न्यायालय अपीलीय अधिकरण जविप्रा जयपुर में अपील संख्या-557/2016 दायर की गइर्, जिसमें न्यायालय द्वारा 11 मार्च, 2022 को निर्णय पारित कर सीलमुक्त करने एवं अग्रिम कार्यवाही करने के आदेश दिये जाने पर अवैध निर्माणकर्ता द्वारा स्वयं के स्तर पर ही सीलमुक्त कर प्रथम मंजिल के 01 फ्लैट में निवास करना चालू कर दिया गया, अवैध निर्माणकर्ता द्वारा न्यायालय की अनुपालना में अवैध निर्माण को नहीं हटाने पर 10 जून, 2022 को विधिक नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने हेतु पाबंद किया गया। विधिक नोटिस के विरूद्ध अवैध निर्माणकर्ता न्यायालय अधिकरण जयपुर में जाने पर स्थगन आदेश दिये गये जिस पर प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा प्रभावी ढंग से पैरवी कर जवाब प्रस्तुत करने पर स्थगन आदेश को निरस्त करवाया गया, अवैध निर्माणकर्ता द्वारा निर्धारित समयावधि गुजरने के पश्चात् भी अवैध निर्माण नहीं हटाने एवं वृहद् गंभीर प्रकृति के अवैध बिल्डिंग-20 फ़्लैट्स का निर्माण पूर्ण होकर अवैध रहवास-व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की प्रबल सम्भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर अवैध निर्माण की प्रथम मंजिल के एक फ्लैट को छोडकर बाकी 19 फ्लैट्स को आज 28 अप्रैल, 2023 को जोन-12 के राजस्व व तकनीकी स्टाफ की निशादेही पर उक्त वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग-फ्लैट्स के प्रवेश द्वारों, सीढ़ियों, खिड़कियों इत्यादि को इंजीनियरिन्ग शाखा की मदद से ईटो की दीवारो सेे चुनवाकर, गेटों पर ताले, सील चपडी लगाकर पुख्ता सीलिंग कार्यवाही की गई।जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्चे की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जावेगी।
उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-12, 13 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
जोन-08 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित गैरअनुमोदित योजना आसींद नगर सांगानेर जयपुर के भूखण्ड संख्या-195, क्षेत्रफल करीब 444.44 वर्गगज में, जविप्रा की बिना अनुमति व स्वीकृति के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर वॉयलेशन कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनीं 04 मंजिला गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध बिल्डिंग इत्यादि अवैध निर्माण के पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई।
उक्त गंभीर प्रकृति के अवैध निर्माण के अवधान में आने पर भूस्वामी को 18 मार्च, 2023 को धारा 32, 33 जविप्रा अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण रूकवाया जाकर उक्त वृहद स्तर के अवैध निर्माण को हटाने हेतु पाबंद किया गया था। अवैध निर्माणकर्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण प्रवर्तन शाखा की तकनीकी टीम से करवाया गया जो असंतोषप्रद पाया गया, अवैध निर्माण जारी रखने व भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाने तथा उक्त वृहद् गंभीर प्रकृति के अवैध बिल्डिंग का निर्माण पूर्ण होकर अवैध व्यावसायिक गतिविधियॉ संचालित होने की प्रबल सम्भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये सक्षम स्तर से स्वीकृति उपरान्त कल 27 अप्रैल, 2023 को धारा 34(क) का नोटिस जारी कर आज 28 अप्रैल, 2023 को जोन-08 के राजस्व व तकनीकी स्टाफ की निशादेही पर उक्त वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग-होटल के प्रवेश द्वारों, खिड़कियों इत्यादि को इंजीनियरिन्ग शाखा की मदद से ईटो की दीवारो सेे चुनवाकर, गेटों पर ताले, सील चपडी लगाकर पुख्ता सीलिंग कार्यवाही की गई।जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्चे की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जावेगी।
इस प्रकार के गम्भीर प्रकृति के जीरो सेटबैक के निर्माण वृहद अवैध बिल्डिंग-फ्लैटस/कॉमर्शियल बिल्डिंग्स, कॉम्प्लेक्स के अवैध निर्माण के मामलो में ’’जीरो टॉलरेन्स’’ की नीति के तहत अविलम्ब प्रभावी विधिसम्मत कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाती है; फलतः वर्तमान में गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश स्थापित हुआ है।
जोन-08 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित गैरअनुमोदित योजना आसींद नगर सांगानेर जयपुर के भूखण्ड संख्या-195, क्षेत्रफल करीब 444.44 वर्गगज में, जविप्रा की बिना अनुमति व स्वीकृति के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर वॉयलेशन कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनीं 04 मंजिला गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध बिल्डिंग इत्यादि अवैध निर्माण के पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई।
उक्त गंभीर प्रकृति के अवैध निर्माण के अवधान में आने पर भूस्वामी को 18 मार्च, 2023 को धारा 32, 33 जविप्रा अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण रूकवाया जाकर उक्त वृहद स्तर के अवैध निर्माण को हटाने हेतु पाबंद किया गया था। अवैध निर्माणकर्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण प्रवर्तन शाखा की तकनीकी टीम से करवाया गया जो असंतोषप्रद पाया गया, अवैध निर्माण जारी रखने व भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाने तथा उक्त वृहद् गंभीर प्रकृति के अवैध बिल्डिंग का निर्माण पूर्ण होकर अवैध व्यावसायिक गतिविधियॉ संचालित होने की प्रबल सम्भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये सक्षम स्तर से स्वीकृति उपरान्त कल दिनांक 27.04.2023 को धारा 34(क) का नोटिस जारी कर आज 28 अप्रैल, 2023 को जोन-08 के राजस्व व तकनीकी स्टाफ की निशादेही पर उक्त वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग-होटल के प्रवेश द्वारों, खिड़कियों इत्यादि को इंजीनियरिन्ग शाखा की मदद से ईटो की दीवारो सेे चुनवाकर, गेटों पर ताले, सील चपडी लगाकर पुख्ता सीलिंग कार्यवाही की गई।जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्चे की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जावेगी।
इस प्रकार के गम्भीर प्रकृति के जीरो सेटबैक के निर्माण वृहद अवैध बिल्डिंग-फ्लैटस/कॉमर्शियल बिल्डिंग्स, कॉम्प्लेक्स के अवैध निर्माण के मामलो में ’’जीरो टॉलरेन्स’’ की नीति के तहत अविलम्ब प्रभावी विधिसम्मत कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाती है; फलतः वर्तमान में गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश स्थापित हुआ है।

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