• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

राजस्थान में पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि -घरेलू पर्यटक 28 और विदेशी पर्यटक 22 प्रतिशत बढ़े

Rajasthan witnessed a significant increase in tourist numbers – domestic tourists increased by 28 percent and foreign tourists by 22 percent. - Jaipur News in Hindi

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के मूल मंत्र के साथ राज्य सरकार ने गत दो वर्षों में प्रदेश के सांस्कृतिक और एतिहासिक गौरव को और समृद्ध करते हुए पर्यटन उद्योग को नई पहचान दी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि राजस्थान में पर्यटन के लिए आने वाले देशी- विदेशी पर्यटकों को स्तरीय सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षित और अच्छा वातावरण मिले और वे अपने साथ सुखद अनुभव लेकर जाएँ।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन के विकास के लिए किये जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है कि वर्ष 2024 में देशी पर्यटकों की संख्या में 28.50 प्रतिशत तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में 21.92 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार वर्ष 2025 में अगस्त माह तक, वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में देशी एवं विदेशी पर्यटक यात्राओं में 11.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पर्यटक यात्राओं की संख्या में राजस्थान का देश में 5वां स्थान
प्रदेश में घूमने के लिए आने वाले मेहमानों को नए अनुभव प्रदान करने तथा हर उम्र के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन के विभिन्न आयामों को विकसित किया जा रहा है। हैरिटेज, धार्मिक, रूरल, एडवेंटर तथा ईको टूरिज्म के विकास के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों की सुविधा के विस्तार तथा ब्रांडिंग के लिए 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड (त्ज्प्ब्थ्) का गठन किया गया है।
पर्यटकों में राजस्थान के प्रति बढ़ते आकर्षण की बानगी है कि वर्ष 2025 में अगस्त तक राज्य में 15 करोड़ से अधिक देशी पर्यटक तथा लगभग 12 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए हैं। वर्ष 2024 की देशी व विदेशी पर्यटक यात्राओं में देश में राज्य को 5 वीं रैंक प्राप्त हुई है।

पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ा निवेश और रोजगार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार सृजन को गति देने के लिए 04 दिसम्बर 2024 से श्राजस्थान पर्यटन इकाई नीतिश् लागू की गई है। इससे प्रदेश में पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आई है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े निवेशकों एवं उद्यमियों को लाभ मिलने से निजी क्षेत्र में नई पर्यटन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिल रहा है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नित नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

100-100 करोड़ से महाराणा प्रताप और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट का विकास
राज्य सरकार द्वारा राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और आस्था को एक सूत्र में पिरोते हुए महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट को 100- 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत महाराणा प्रताप से जुड़े चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर और उदयपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया जाएगा। वहीं जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए विकसित किये जा रहे ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट के तहत सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृकुंडिया जैसे स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा ब्रज चौरासी परिक्रमा और कृष्ण गमन पथ जैसा परियोजनाओं का कार्य भी किया जा रहा है।
प्रदेश में प्राचीन और ऐतिहासिक धर्म स्थलों की यात्रा के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों लोग आते हैं। इन यात्रियों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किये जा रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी, पुष्कर, नाथद्वारा, श्री महावीर जी और गलता तीर्थ को जोड़ते हुए एक समग्र धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है।
स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद 2.0 योजनाओं के अंतर्गत खाटू श्याम जी, करणी माता मंदिर, मालासेरी डूंगरी समेत अनेक धार्मिक स्थलों का विकास कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 252 धार्मिक पर्यटन स्थलों पर जीर्णाेद्धार एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं। माही डैम क्षेत्र में आइलैंड टूरिज्म विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा ठोस पहल की जा रही है। पर्यटन विकास की इन योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

झुंझुनूं, सीकर और चुरू की 662 हवेलियों का होगा संरक्षण
राजस्थान में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जैसलमेर जिले में तनोट माता मंदिर के विकास हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है तथा भारतदृपाक सीमा पर बीएसएफ रिट्रीट सेरेमनी के आयोजन के लिए तनोट में कॉम्पलेक्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हेरिटेज संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत झुंझुनूं, सीकर और चुरू जिलों की 662 हवेलियों को संरक्षण हेतु चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही राज्य में अब तक 62 नई हेरिटेज होटल एवं सम्पत्तियों को हेरिटेज प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं।

आईफा अवार्ड और वैड इन इंडिया एक्स्पो से मिली वैश्विक पहचान
हैरिटेज इमारतों, हैरिटेड होटलों, शाही किलों, महलों और रेतीले टीलों और यहां की मेहमाननवाजी के प्रति आकर्षण के चलते राजस्थान शाही शादियों और फिल्म पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग और फिल्म पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य किये हैं। फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2024 एवं 2025 में फिल्मांकन, डॉक्यूमेंट्री और विज्ञापन शूटिंग हेतु 86 अनुमतियां जारी की गईं। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठित आईफा अवार्ड के 25वें समारोह का आयोजन भी 7 से 9 मार्च 2025 को जयपुर में किया गया, जिससे राजस्थान को वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान प्राप्त हुई। पहली बार जयपुर में “Wed in India Expo” का आयोजन किया गया, जिससे राज्य में वेडिंग टूरिज्म को नई पहचान मिली है।
प्रदेश में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते यहां पारम्परिक पर्यटन से इतर वेलनेस टूरिज्म के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ा है।

पहली बार भव्य तीज मेले औऱ घूमर फेस्टिवल का आयोजन
राज्य की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस वर्ष सभी संभाग मुख्यालयों पर पहली बार भव्य स्तर पर घूमर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। जयपुर के पौण्ड्रिक पार्क में महिलाओं के लिए विशेष तीज मेले का भी प्रथम बार आयोजन हुआ।
प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए यूनेस्को इंडिया के सहयोग से 214 कलाकारों एवं हस्तशिल्प कर्मियों को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही रेस्पॉन्सिबल और सस्टेनेबल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए जयपुर में इंडियन रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म स्टेट समिट एण्ड अवार्ड्स का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1,075 लपकों के विरुद्ध कार्रवाई
प्रदेश में आने वाले पर्यटकों विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर में 15 फरवरी 2024 से पर्यटक सहायता बल द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत लगभग 1,075 लपकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राजकीय स्मारकों पर पर्यटकों से ऑनलाइन फीडबैक लेने की व्यवस्था भी प्रारम्भ की गई है।

पंच गौरव से बढ़ा जिलों का गौरव
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 17 दिसम्बर 2024 को प्रारम्भ की गई पंच गौरव योजना जिलों की विशेषताओं को वैश्विक मंच पर लाने की अभूतपूर्व पहल है। इस योजना के अंतर्गत 550 करोड़ रुपये के बजट से प्रत्येक जिले को उसकी विशिष्ट पहचान के आधार पर विकसित किया जा रहा है, जिससे जिले अपनी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और स्थानीय विशेषताओं के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बना सकें।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Rajasthan witnessed a significant increase in tourist numbers – domestic tourists increased by 28 percent and foreign tourists by 22 percent.
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: domestic tourists in rajasthan, rajasthan toursim\r\n, news in hindi, latest news in hindi, news, jaipur news, jaipur news in hindi, real time jaipur city news, real time news, jaipur news khas khabar, jaipur news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

बॉलीवुड

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved