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मीरा के आर्शीवाद के लिए गौ सेवा जरूरी : गो-माता की सेवा के बिना दैवत्य की प्राप्ति संभव नहीं

Cow service is necessary for Meera blessings: Without serving cow, it is not possible to attain divinity - Chittorgarh News in Hindi

चित्तौडगढ़। मीरा के आशीर्वाद के लिए गोपाल तथा गौ माता दोनो को प्रसन्न करना जरूरी है। गौ माता संपूर्ण पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करती है। उपभोक्तावादी संस्कृति के चलते हमारे संस्कार कम होते जा रहे है। गो-माता की सेवा के बिना दैवत्य की प्राप्ति संभव नही है। उक्त बात प्रशासनिक संत हरे कृश्णा प्रभुजी ने सोमवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। गौ भक्तों की ओर से निकटवर्ती लालजी का खेड़ा स्थित नंदिनी गौशाला में 11 जनवरी से 14 जनवरी तक नानी बाई का मायरा का आयोजन किया जा रहा है। इसी संदर्भ में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रशासनिक संत हरे कृश्णा प्रभुजी ने कहा कि लोगों के मन में संवेदना का झरना सूखा जा रहा है और वृद्धा आश्रम में बढ़ोतरी होती है। उन्होने कहा कि सर्वत्र वैमनस्य बढ़ता जा रहा है तथा गौ माता उपेक्षित हो रही है। उपभोक्तावादी संस्कृति के चलते हमारे अन्दर संस्कारों की कमी आती जा रही है। उन्होने बताया कि सनातन संस्कृति में गौधुलि मुहुर्त गौ माता के कारण ही बना तथा गौमूत्र को भी गंगा जल के समतुल्य माना गया है। उन्होंने कहा कि भारतवर्श से सत्य, प्रेम और करूणा का झरना सूखता जा रहा है और इसका एकमात्र कारण हमारी जीवन पद्धति से सत्संग और गौ माता का दूर होना है। उन्होने आह्वान किया कि यदि भारतीय संस्कृति में संवेदनाओं को, प्रेम व सहानुभुति को, सत्य व करूणा को बचाना है तो हमें गौ माता एवं गौ सेवा के लिए आगे आना ही होगा। उन्होने बताया कि भक्तिमयी मीरा के ईश्ट गौपाल है और गोपाल के ईश्ट गौ माता है। इसलिए यदि हमें मीरा का आशीर्वाद पाना है तो गौ माता की सेवा तो करनी ही पडेगी। उन्होने कहा कि कुंभ के समकक्ष का पुण्य हमें गौ माता की सेवा से मिलता है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रशासनिक संत हरे कृश्णा प्रभुजी ने बताया कि गौ सेवार्थ आयोजित नानी बाई का मायरा कार्यक्रम में सूरजकुण्ड के स्वामी महाराजा अवधेशानंद का पावन सानिध्य प्राप्त होगा। उन्होने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार 11 जनवरी को प्रातः 9.30 बजें लालजी का खेड़ा स्थित चारभुजा मंदिर से 551 कलश तथा लगभग 11 सौ भक्तों के साथ गौ सेवा यात्रा प्रारंभ होगी जो विभिन्न स्थानों से होती हुई नंदिनी गौशाला पहुंचेगी जहां अभिजित मुहुर्त में गौ पूजन के बाद मायरे की कथा प्रारंभ हो जायेगी।
उन्होंने बताया कि 11 से 14 जनवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 से 9 बजें तक गौ पुश्टि सुरभि यज्ञ का आयोजन किया जायेगा तथा प्रतिदिन 11 बजें से 4 बजें तक नानी बाई के मायरे का वाचन किया जायेगा। 14 जनवरी को दिव्य मायरे का आयोजन किया जायेगा जिसमें लगभग 101 गांवों के मायरे के आने की उम्मीद आयोजकों द्वारा व्यक्त की जा रही है। चार दिवसीय इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन गुजरात से आये गौ निश्ट विप्रजन गौ पूजन की विधिवत पूजन पद्धति की जानकारी प्रदान करेंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान सरपंच मुकेश गुर्जर के साथ ही भरत बैरागी घटियावली, महेश नुवाल आदि गौ भक्त भी मौजूद थे।

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