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पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में क्लबफुट प्लास्टर प्रबंधन पर अंतराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

International Workshop on Clubfoot Plaster Management Held at PBM Trauma Center - Bikaner News in Hindi

- जन्मजात टेढे मेढे पांवों का बिना ऑपरेशन पोन्सेटी विधि द्वारा इलाज सफल है बीकानेर । मेडिकल कॉलेज अस्थि रोग विभाग के तत्वाधान में पीबीएम ट्रॉमा सेंटर सभागार में जन्मजात टेढे मेढे पांवों के"क्लबफुट प्लास्टर प्रबंधन" पर अंतरराष्ट्रीय सप्रयोग कार्यशाला का आयोजन किया गया। ट्रॉमा सेंटर निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एल. खजोटिया ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जिसका प्रारंभिक अवस्था में ponseti पद्धति से उपचार से शत-प्रतिशत सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि पोन्सेटी विधि विश्व स्तर पर स्वीकृत, सरल एवं प्रभावी तकनीक है, जो बिना बड़े ऑपरेशन के बच्चों को सामान्य जीवन प्रदान कर सकती है।उन्होंने क्योर इंडिया इंटरनेशनल एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकीय गुणवत्ता को सुदृढ़ करते हैं और युवा चिकित्सकों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला में फ्लोरिडा (अमेरिका) के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कार्लटन ब्रूस स्मिथ ने पिरानी स्कोरिंग प्रणाली, ब्रेस के प्रोटोकॉल एवं रिलेप्स की रोकथाम, क्लबफुट विकृति का वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए पोन्सेटी विधि द्वारा क्लबफुट के चरणबद्ध उपचार की सप्रयोग जानकारी दी । उन्होंने कहा कि जन्मजात टेढे मेढे पांवों का बिना ऑपरेशन पोन्सेटी विधि द्वारा क्रमिक प्लास्टर तकनीक द्वारा सफल इलाज किया जाता हैं जिससे वह बच्चा स्वस्थ होकर देश और समाज के विकास में भागीदार बन सके । उन्होंने कहा कि बच्चों के माताओं का दायित्व है कि टेढे मेढे पांवों की विकृति ज्ञात होते ही इलाज के लिए संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सही मोल्डिंग तकनीक से बच्चों के टेड मेढे पांवों की जटिलताओं की रोकथाम की सकती है। । ब्रूस स्मिथ ने पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में बच्चों के प्लास्टर किए और बच्चों की जांच की। ब्रूस स्मिथ ने बताया कि वे भारत के 5 राज्यों में क्लब फुट विकृति के प्लास्टर प्रबंधन पर प्रदर्शन कर चुके हैं । राजस्थान में उनका पहला प्रदर्शन बीकानेर में हुआ है ।कार्यशाला में इंग्लैंड के रेजिडेंट हेनरी टिम्बर वर्गीस वुड भी शामिल थे।
कार्यशाला में क्योर इंडिया इंटरनेशनल के (प्रोजेक्ट सक्सेस एवं क्वालिटी) राजस्थान कॉर्डिनेटर शुभाशीष गिरायन ने बताया कि क्लबफुट में राज्य में 7000 बच्चे उपचाराधीन है । उन्होंने बताया कि राज्य के 10 दिवसीय कार्यक्रम में जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर के केंद्रों के अलावा चुरू बाड़मेर, झालावाड़, भीलवाड़ा में क्लब्फुट के नए केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे।
ट्रॉमा सेंटर में नियमित रूप से कार्यरत क्योर इंडिया इंटरनेशनल की जिला कॉर्डिनेटर क्लबफुट तकनीशियन कोमल वर्मा ने मरीजों की तैयारी एवं लाइव सत्र में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। उन्होंने बताया कि जन्मजात टेढे मेढे पांवों से पीड़ित 1500 बच्चे उपचाराधीन हैं जिन्हें प्लास्टर, जूते, उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं । कार्यशाला में वरिष्ठ लेखक अशफ़ाक कादरी ने पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में क्लब्फुट की सेवाओं की सराहना की । कार्यशाला में रेजिडेंट चिकित्सकों, फैकल्टी, प्लास्टर तकनीशियन एवं नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई ।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एल. के. कपिल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कार्यशाला से सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्र के पीड़ित बच्चों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होती हैं।

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Web Title-International Workshop on Clubfoot Plaster Management Held at PBM Trauma Center
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