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प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपना कर जहर मुक्त खेती कर धरती माता एवं खेत बचाएं : सांसद

Adopt natural and organic farming to ensure toxin-free agriculture and save Mother Earth and the land: MP - Bhilwara News in Hindi

कृषि विभाग एवं इफको के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन 400 से अधिक किसानों ने लिया भाग भीलवाड़ा। सांसद दामोदर अग्रवाल ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि में संतुलित पोषण प्रबंधन एवं नवीन तकनीकों का समावेश समय की आवश्यकता है। किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपना कर जहरमुक्त खेती करे। रासायनिक उर्वरक डीएपी युरिया एवं रासायनिक कीटनाशक का क्रमबद्ध रूप से कम करते हुए बंद करे। इससे धरती माता एवं खेत को बचाए। इस खेती से आने वाली पीढियो को उपजाऊ खेत और स्वस्थ जीवन मिलेगा।
अग्रवाल कृषि विभाग एवं इफको के तत्वाधान में आयोजित जिला स्तरीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला में किसानों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री प्रशांत मेवाड़ा ने भीलवाड़ा जिले को प्राकृतिक खेती आधारित जिला बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) विनोद जैन ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्राकृतिक खेती की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्राकृतिक खेती के प्रमुख सिद्धांतों की संक्षिप्त जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र, भीलवाड़ा में कृषि विभाग एवं इफको के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर से 400 से अधिक कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र भीलवाड़ा के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सी. एम. यादव ने किसानों को प्राकृतिक खेती की परिभाषा, मूल सिद्धांतों एवं व्यवहारिक पक्षों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्राकृतिक खेती के चार प्रमुख स्तंभ बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन (मल्चिंग) एवं वाफसा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीजामृत बीज एवं पौधों को रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है, जीवामृत मृदा में सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाकर पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में सहायक है, जबकि मल्चिंग से भूमि में नमी संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण एवं मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है। उन्होंने वाफसा की अवधारणा समझाते हुए बताया कि पौधों की जड़ों को जल एवं वायु का संतुलित मिश्रण उपलब्ध कराने से फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन में वृद्धि होती है।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक लालाराम चौधरी ने किसानों को उर्वरक प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा विभिन्न पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एकल उर्वरकों के निरंतर उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए गोबर खाद (एफवाईएम) एवं वर्मी कम्पोस्ट की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग की वैज्ञानिक विधि, उसके लाभ एवं फसलों में प्राप्त होने वाले सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ती है, लागत में कमी आती है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
कृषि विज्ञान केंद्र शाहपुरा के वैज्ञानिक एच. एल. बुगालिया ने किसानों को उन्नत पशुपालन की आधुनिक तकनीकों एवं उससे होने वाले आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में ओमप्रकाश शर्मा ,अविनाश जीनगर, गोपालनाथ योगी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में कृषि अधिकारी श्री रमेशचंद्र चौधरी ने उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कृषकों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर इसे अपनाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) विनोद जैन, उप निदेशक कृषि (उद्यान) शंकर सिंह राठौड़, कृषि विज्ञान केंद्र भीलवाड़ा के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सी. एम. यादव एवं इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक लालाराम चौधरी के निर्देशन में किया गया।
कार्यशाला में कृषि विभाग की ओर से सहायक निदेशक कृषि किशन गोपाल जाट, धीरेंद्र सिंह राठौड़, कृषि अधिकारी श्री रमेशचंद्र चौधरी, जीतराम चौधरी, रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्राकृतिक खेती की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्राकृतिक खेती के प्रमुख सिद्धांतों की संक्षिप्त जानकारी दी।

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Web Title-Adopt natural and organic farming to ensure toxin-free agriculture and save Mother Earth and the land: MP
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