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ड्रग्स, कबूतरबाजी, गैंगवार : अपराध की राजधानी बनने की तैयारी में पंजाब

Drugs, pigeon hunt, gang war: Punjab preparing to become crime capital - Punjab-Chandigarh News in Hindi

चंडीगढ़ । पंजाब में कई 'पाब्लो एस्कोबार' हैं, जो 'कबूतरबाजी के साथ करोड़ों डॉलर के अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल चला रहे हैं। इन सबके बीच अब अपराध की दुनिया में नई धमक गैंगस्टर्स ने दी है। इन गैंगस्टर्स ने अपहरण, सुपारी किलिंग के साथ-साथ डकैती में भी महारत हासिल की हुई है।

पुलिस अधिकारी मानते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय ड्रग लिंक वाले कुछ सबसे खूंखार अपराधी गैंगवार में भी शामिल हैं।

पंजाबी रैपर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या ने गैंगवार को फिर सुर्खियों में ला दिया है। मूसेवाला के इंस्टाग्राम पर 81 लाख फॉलोवर हैं। वह विशेष रूप ब्रिटेन और कनाडा में पंजाबी लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध था।

मूसेवाला के रैप में गन कल्चर और गैंगवार को दिखाया जाता था। पंजाब पुलिस ने उसके गीत 'पंज गोलियां' के लिए उसके खिलाफ साल 2020 में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बरार, जो बिश्नोई गैंग के लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है, उसने हत्या की जिम्मेदारी ली है। उसने कहा कि साल 2020 में बिश्नोई के सहयोगी गुरलाल बरार और 2021 में युवा अकाली नेता विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए मूसेवाला की हत्या की गई।

अधिकारी मानते हैं कि आपराधिक गिरोहों से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गत दशक के दौरान ये गिरोह कई हिस्सों में बंट गये और इन्होंने नये-गये गठबंधन बनाये। इन गिरोहों ने मजबूत राजनीतिक संरक्षण के साथ बदला लेने के लिए गैंगवार किया।

एक विश्लेषक का कहना है कि खालिस्तान आंदोलन के डेढ़ दशक के बाद ये गैंग बड़े पैमाने पर फले-फूले।

नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाले गैंग बड़े पैमाने पर गैंगवार, सुपारी किलिंग, रियल एस्टेट डेवलपर्स, शराब ठेकेदारों और गायकों से वसूली और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में शामिल रहे हैं।

सिंथेटिक ड्रग्स के अरबों रुपये के रैकेट के पैसे का इस्तेमाल गैंगस्टर आलीशान जीवन शैली जीने के लिए करते हैं।

पुलिस ड्रग कार्टेल और गैंग के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, लेकिन उन्हें इसमें सीमित सफलता ही मिली है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 300 सदस्यों के साथ 25 से अधिक संगठित गैंग्स सक्रिय हैं। इन गैंग्स के 50 फीसदी सदस्य विभिन्न जेलों में बंद हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कहते हैं, ''आतंकवादियों और गैंगस्टर्स के बीच पनप रहे गठजोड़ को तोड़ने का समय आ गया है।

उन्होंने कहा, इसके लिए हमें अत्यधिक प्रेरित राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। हमें अंतर्राज्यीय और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय समन्वय के साथ अधिक प्रभावी और कुशल नेटवर्क बनाने की जरूरत है ताकि हम इन नाजायज नेटवर्क को ध्वस्त कर सकें।

सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले साल कहा था कि उच्च न्यायालय के निदेशरें के बावजूद, कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार और प्रकाश सिंह बादल सरकार, दोनों ने उन 13 ड्रग तस्करों के प्रत्यर्पण के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने पंजाब में ड्रग्स की तस्करी की।

सिद्धू ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय रेसलर और अर्जुन पुरस्कार विजेता जगदीश भोला के 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट का उल्लेख करते हुए कहा था कि एक आम आदमी भी समझ सकता है कि इन ड्रग तस्करों को पिछले पांच वर्षों से प्रत्यर्पित क्यों नहीं किया गया।

बैक-टू-बैक चार्टबस्टर्स देने वाले मूसेवाला का 'बंबिहा बोले' (2020) गाना, दविंदर बंबिहा द्वारा चलाये जा रहे बंबिहा गिरोह का महिमामंडन करने के लिए माना जाता है। बंबिहा सितंबर 2016 में 26 साल की उम्र में एक मुठभेड़ में मारा गया था।

बंबिहा गिरोह अब दविंदर के सहयोगियों दिलप्रीत और सुखप्रीत द्वारा जेलों से चलाया जा रहा है।

मूसेवाला की हत्या के बाद नीरज बवाना गैंग ने बदला लेने की कसम खाई है। बवाना से जुड़े एक फेसबुक पोस्ट ने मूसेवाला की मौत पर दुख जताया और 'दो दिन में नतीजा देने' की चेतावनी दी।

पोस्ट में टिल्लू तकपुरिया, कौशल गुड़गांव और दविंदर बांबिया गिरोहों के बारे में भी बात की गई है। ये सभी कथित तौर पर बवाना गिरोह से जुड़े हैं। ये कथित तौर पर सिंगर परमीश वर्मा पर फायरिंग करने और सिंगर गिप्पी ग्रेवाल को धमकी देने में शामिल थे।

पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक शशि कांत ने कई नेताओं के नामों का खुलासा करके ड्रग्स के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। उनका कहना है कि गैंगस्टर दशकों से राज्य में सक्रिय हैं।

नेताओं का एक वर्ग गैरकानूनी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा है - चाहे वह ड्रग कार्टेल चलाना हो या हत्या हो या चुनाव जीतना हो। वे अब दिल्ली या मुंबई की तरह पंजाब की संस्कृति का हिस्सा हैं।

मूसेवाला की हत्या को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे डीजीपी वी.के. भावरा ने कहा कि उन्होंने कभी भी मूसेवाला को गैंगस्टरों से नहीं जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से गोल्डी बरार ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। जांच में हत्या के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

पंजाब को एक सीमावर्ती राज्य बताते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा, हमारा पड़ोसी शत्रुतापूर्ण है और अगर तत्काल कदम नहीं उठाये गये तो वह इस स्थिति का फायदा उठाकर राज्य को और भी अस्थिर कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मूसेवाला की हत्या के बाद से भय ने लोगों को जकड़ लिया है। लोग वसूली रैकेट चलाने वाले गैंगस्टरों को दी गई खुली छूट से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ये गैगस्टर लक्षित हत्याओं में भी शामिल हैं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, इस स्थिति के कारण छोटे-मोटे अपराधों के साथ-साथ दिनदहाड़े डकैती और बड़े पैमाने पर हत्याओं के मामले में वृद्धि हुई है।

--आईएएनएस

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