चंडीगढ़। पंजाब सरकार 1 अप्रैल, 2023 से शुरू होने वाले आगामी रबी मंडीकरण सीजन (आरएमएस) के दौरान गेहूँ की निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित बनाने के लिए वचनबद्ध है। इस सम्बन्धी राज्य की सभी मंडियों में पुख़्ता प्रबंध किए गए हैं। ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा खरीद के लिए 29,000 करोड़ रुपए की नकद कर्ज सीमा (सीसीएल) की मंज़ूरी दी गई है। पहले दिन से ही फ़सल की अदायगियाँ सुनिश्चित बनाई जाएंगी और किसानों की फ़सल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। गेहूँ की रीसाइक्लिंग रोकने के लिए खरीद केंद्र से स्टोरेज प्वाइंट तक गेहूँ की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी ट्रांसपोर्ट वाहनों में वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाने अनिवार्य किए गए हैं।
किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि सभी खरीद केन्द्रों में फर्स्ट-एड किटें मुहैया करवाई जा रही हैं। जिससे किसी भी असुखद घटना से सावधानी और पहल के आधार पर निपटा जा सके। मंडी बोर्ड द्वारा खरीद केन्द्रों में पीने वाले पानी और पखानों के पुख़्ता प्रबंध किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश रुकने के 24 घंटों के अंदर-अंदर खरीद कार्य फिर से शुरू हो जाएँ। मार्केट कमेटियों को कहा गया है कि वह म्युनिसिपल समितियों के साथ तालमेल बनाएँ और खरीद के समय के दौरान बारिश पडऩे की सूरत में सक्शन मशीनें और अपेक्षित लेबर उपलब्ध होने को सुनिश्चित बनाएं।
मंत्री द्वारा समूह जि़लों के खरीद प्रबंधों के साथ जुड़े हुए अधिकारियों को मंडियों में पूरी मुस्तैदी बरतने की हिदायत की गई। जिससे किसानों को कोई भी समस्या पेश न आए। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वह सूखी और पकी हुई फ़सल ही खरीद केन्द्रों में लेकर आएं, जिससे खरीद प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
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