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गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा : नायब सिंह सैनी

Haryana Moving Forward with Villages as the Pivot of Development: Nayab Singh Saini - Panchkula News in Hindi

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
योजनाओं की किस्त भी जारी की
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की।
इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है।
बिनापर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग:

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है।

गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके।

प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है।
विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे।

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