"शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, थाने औ तहसील। सब मिलकर ताबूत में, ठोंक रहे हैं कील।।" यह दो पंक्तियाँ महज़ अलंकार नहीं, बल्कि उस निराशा का संगीन उद्घोष हैं, जो आम आदमी की उम्मीदों को कुचलकर उसे निराशा की चुम्बक बनाती हैं। ये पाँच स्तंभों से हमारा समाज अपनी नाजुक मिट्टी का संतुलन बनाये रखता है — पर, अफ़सोस, वे स्वयं पत्थर बन चुके हैं। बचपन से हमें सिखाया गया कि शिक्षा से इंसान का चरित्र बनता है। पर अब चरित्र कहीं बिकता नहीं, बल्कि कोचिंग सेंटर की दीवारों पर टंगा पाया जाता है।
दसवीं बोर्ड हो या मेडिकल प्रवेश, सवाल योग्यता का नहीं, पक्षपात और सिफ़ारिश का होता है। वर्दीधारी शिक्षक उस जादुई इकाई में बदल चुके हैं, जहाँ से विद्वता कम, फीस वसूली ज़्यादा जरूरी है। स्मार्ट क्लासरूम में धूल जमी पाठ्यपुस्तकें नहीं, बल्कि अभिभावकों के कष्ट होते हैं। एनआईटी का सपना देखता छात्र, एनपीए (नॉन-परफ़ॉर्मिंग असैट) बन जाता है, क्योंकि रोजगारदाता अब 'डिग्री' नहीं, 'प्रैक्टिकल स्किल्स' मांगते हैं जिन्हें हासिल करने का रास्ता फीस के अतिरिक्त टेस्ट में दिक्कतें है। वह कोचिंग सेंटर जहाँ प्रवेश परीक्षा की तैयारी होती थी, वह अब नक़दी की परीक्षा लेता है।
हर साल लाखों अभिभावक 'अब्ज़ॉर्ब' हो जाते हैं एक कोचिंग सेंटर की माला में पिरोकर, दूसरा सेंटर की रस्सी से लटका दिए जाते हैं। नतीजा? शिक्षा की किरणें फीकी पड़ चुकी हैं। स्वास्थ्य सेवा का नाम सुनते ही सरकारी अस्पतालों के मरघट जैसे माहौल की याद ताज़ा हो जाती है। जहाँ प्रतीक्षा कक्ष में पंखे हवा नहीं, बल्कि बीमारी फैलाने की तैयारी करते हैं। डॉक्टर गिनती में कम, प्राइवेट विभागीकरण में ज़्यादा। मरीज तो बस एक ‘कैश-काउंटर’ बन कर रह गया है। ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
निजी अस्पतालों ने बीमार ग्राहक को ‘लक्षित बाजार’ मान लिया है। जांच-परीक्षण, एमआरआई, सर्जरी सब कुछ पैकेज में बिका जाता है। एक छोटी सी खांसी के लिए भी प्रोसिज़र चार्ज लगता है, जबकि कमरे में बिताई एक रात का बिल हृदयाघात से कम नहीं। अगर ग़रीब मौत को गले लगा लेता है, तो उसे सकुशल ताबूत में अंतिम यात्रा के लिए भी केवल ‘शव-परिवहन शुल्क’ अदा करना होता है। एक मरीज की जिद्दी साँसें किसी को नहीं रुलाती; केवल उसका बिल रुलाता है। डॉक्टर अब जीवनदायी गुंजन नहीं, जीवनदायी इनकम-रसीद बन गए हैं।
चिकित्सकीय कौशल की जगह, बीमा कंपनी के क्रेडेंशियल्स की कीमत पर सौदा होता है। और जब बीमारी हिम्मत हार जाती है, तो अस्पताल भी ‘फ्री डिस्चार्ज’ का विज्ञापन ऑफ़र कर देता है ग़रीबों के आखिरी ‘मोक्ष’ का प्रचार। चिकित्सा शब्द का अर्थ होता है बीमारी का निवारण, पर अब मिक्स-फेक्स का बाज़ार सजीव हो गया है। जनरल प्रैक्टिशनर अब बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के एजेंट की भूमिका निभाते हैं।
हर खांसी पर टेबलेट, हर दर्द पर इंजेक्शन; मर्ज मायाजाल बनता चला जाता है। बिना एमआरआई या सीटी—स्कैन के कोई डॉक्टर अब मर्ज का अंदाज़ा नहीं लगाता। कटघरे में तब मरीज आता है, जब उसकी जेब से दवा का डिब्बा गायब हो जाता है। जॉइंट पेन के इंजेक्शन से ‘मेरुदण्ड का व्यापार’ फल-फूल रहा है, और किडनी ट्रांसप्लांट का ‘वॉर रूम’ हड्डियों की चिमत्कार कर रहा है। हर दिन नए मर्ज की लिस्ट एप्रूवल के लिए सीईओ के टेबल पर जमा होती है।
यहाँ तक कि आयुर्वेद और यूनानी भी ‘लक्ज़री-ब्रांडेड’ काउंटर में बिकने लगे हैं। प्रभावी हर्बल फ़ॉर्मूलों की जगह, चाय-पत्ती का ढेर और ‘SUV के चक्के’ तुल्य कीमतों में दवा बिक रही है। मरीज तो बस ‘फलता प्रमाणपत्र’ बन कर रह जाता है, जिसकी असली कीमत उसे तब पता चलती है, जब वह बैंक शाखा में ‘सुसाइड नोट’ लिखने बैठता है।
हमारी कल्पना में पुलिस ‘न्याय का प्रहरी’ थी, पर अब वह ‘प्रहार का दूत’ बन चुकी है। थानों में धूल नहीं, बल्कि रिश्वत का आयोजन होता है। मोल-भाव के बाद मुकदमा दर्ज होता है या ठुकरा दिया जाता है। शिकायतकर्ता को पहले परमिशन लेनी पड़ती है और यदि रुपये नहीं दिए, तो परमिशन के साथ ‘खामोशी’ भी थमा दी जाती है। मारूति गाड़ी से टकरा भी जाओ, तो कोर्ट-कचहरी की झकझोराहट से पहले चार्जशीट का पेपर वसूली होती है। फास्ट-ट्रैक की जगह, फास्ट-पेमेंट ट्रैकिंग सिस्टम चालू हो गया है। भारी भरकम बजट मिलने के बावजूद, पुलिस स्टेशन का एकमात्र फ़ंड ‘मुझबक़ों की रकम’ बन चुका है। इंसान इतना छोटा हो गया है कि दर्ज शिकायत से पहले उसका ‘राशन कार्ड’ पूछा जाता है। केस फ़ास्ट-ट्रैक की हकीकत
एफआईआर के लिए रिश्वत
बरी होने के लिए और रिश्वत
डीटेंशन में खाने के लिए रिश्वत
और जब इंसाफ़ नसीब हो, तब भी वह ‘याचिका शुल्क’ में डूबकर मर जाता है। एक बार पुलिस की अक्षुण्ण मशीन में फँस गए तो पत्ते नहीं, रुपए उड़ते हैं। तहसील एक ऐसा महल है, जहाँ दस्तावेज़ों की भीड़ में इंसान गुम सा हो जाता है। भूमि का बंटवारा हो या जाति-प्रमाण-पत्र, हर चीज़ के लिए ‘पर्ची’ की महफ़िल सजती है। सरकारी स्टांप पेपर, ई-सिग्नेचर, ऑनलाइन पोर्टल सब आधुनिकता के नाम पर जंजाल हैं। कागज़ी जंगल में सफ़र करते हुए, आदमी भूल जाता है कि उसका मकान है या कागज़ों का ‘ब्रोकरेज’। लैंड रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में पसीना सुखता है, लेकिन ‘कमेटी शुल्क’ नहीं सूखता।
जाति प्रमाण पत्र के लिए ‘बैकडेटेड’ दस्तावेज़ों का जादूगर हीरो बन जाता है। एक भूल से दस्तावेज़ रद्द, और फिर ‘नया दस्तावेज़’ यानी नया बिल।
यहाँ ‘नवाचार’ नाम पर फ्लिपकार्ट-पोशाक की तरह ‘डिजिटल इमेजिंग’ बिक रही है पर असल में मोबाइल पर मैसेज चेक कराते-कराते आदमी की आत्मा सूख जाती है। ‘ऑनलाइन आवेदन’ में करंसी के बजाय ‘क्रेडिट कार्ड’ रोल करता है। और जो भारी-भरकम फीस भरता है, वही असली ‘अदालत’ में दर्शक बनकर रह जाता है।
ये पाँचों स्तंभ, जो हमारे विश्वास के आधार थे, आज ताबूत की कीलें बन चुके हैं। हर समाज में विकार होते हैं, पर जहाँ विकार व्यवस्था की आत्मा बन जाए, वहाँ परिवर्तन की पुकार गूँज उठती है। पर क्या हमारी पुकार चुप्पी तोड़ पाएगी?
शिक्षा के निजी कोचिंग मॉल के बजाय सामुदायिक ज्ञान-केन्द्रों का निर्माण करें। स्वास्थ्य सेवाओं को मुनाफ़े के बजाय मानवता के सिद्धांत पर पुनर्निर्मित करें।
चिकित्सा व्यावसायीकरण को विनियमन के जरिए रोके—लाभ का नहीं, इलाज का मानदंड बनाए। पुलिस सुधार अधिनियमों को लागू करें—न्याय के प्रहरी को रिश्वत की मशीन न बनने दें। तहसील और प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता लाकर ‘कागज़ी जंगल’ को ‘सुनहरे बग़ीचे’ में बदल दें। तब तक तक़दीर की ठोकरें चलेंगी, पर हम खेती की कलम से अंकुरित करेंगे न्याय, सेवा और गरिमा के बीज। तभी शायद ये कीलें ताबूत से जुदा हों, और देश की आत्मा फिर से फड़फड़ाए।
रवि प्रदोष और मास शिवरात्रि का शुभ संयोग, जानें सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल
टाइगर श्रॉफ और ताहा शाह बदुशा ने 'प्लेइंग फॉर ह्यूमैनिटी' चैरिटी मैच में फुटबॉल मैदान पर दिखाया दमदार अंदाज़
26 साल बाद भी वही दोस्ती, लारा दत्ता ने प्रियंका चोपड़ा संग शेयर कीं खास तस्वीरें
लाल बनारसी साड़ी, स्लीक बन और गजरा... अनुष्का रंजन ने दोहराया अनुष्का शर्मा का आइकॉनिक लुक
लंदन में फैमिली टाइम एंजॉय करती दिखीं प्रियंका चोपड़ा, तस्वीरें हुईं वायरल
धर्मेंद्र को पहली बार देखकर क्या सोचती थीं हेमा मालिनी? खुद किया खुलासा
'हिंदू संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है विचारों की आजादी', जावेद अख्तर का पुराना वीडियो वायरल
एक मोहब्बत, जो अधूरी रह गई : जिस तारीख को खोया प्यार, उसी दिन दुनिया को कह दिया अलविदा
चमेली का इत्र दिला सकता है सफलता, जानिए धार्मिक मान्यताओं में इसका महत्व
साप्ताहिक राशिफल 13 जुलाई से 19 जुलाई 2026: जानें किस राशि के लिए कैसा रहेगा नया सप्ताह
शनि गोचर 2026: बदली चाल से मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों के सामने बढ़ सकती हैं चुनौतियां
राशिफल 11 जुलाई : जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा शनिवार का दिन
शिल्पा शिंदे के ऑर्डर पर फूट-फूटकर रोईं शिवांगी जोशी, दोस्त हर्षद चोपड़ा से दूरी बनाने की बात पर छलके आंसू
बेल पत्र, भांग-चन्दन, रजत मुकुट और रुद्राक्ष की माला से बाबा महाकाल का शृंगार, की गई भस्म आरती
व्हाट्सएप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार की बड़ी तैयारी, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए बन सकते हैं एक जैसे नियम
'आखिर किसकी शादी थी?' ओरी की वायरल बारात रील में जाह्नवी कपूर, नीता अंबानी, अनंत अंबानी, जैकलीन फर्नांडिस समेत कई सितारे आए नजर
12 जुलाई का पंचांग: शिव और लक्ष्मी की पूजा करना उत्तम, दोपहर 12:05 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त
पहली बार एक साथ आए भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारे, 'भोजपुरी बवाल' में दिखेगी स्टार्स की असली कहानी
बंगाल नाव हादसे पर प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा

ट्रंप का बड़ा ऐलान- अमेरिका 'होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक', 20 प्रतिशत शुल्क के साथ तय होगी जहाजों की आवाजाही

वियतनाम बोट हादसे में मारे गए 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई भेजे गए
राशिफल 14 जुलाई 2026: भौमवती अमावस्या पर कई शुभ-अशुभ योग, जानें सभी 12 राशियों का संक्षिप्त भविष्यफल
एक मोहब्बत, जो अधूरी रह गई : जिस तारीख को खोया प्यार, उसी दिन दुनिया को कह दिया अलविदा
26 साल बाद भी वही दोस्ती, लारा दत्ता ने प्रियंका चोपड़ा संग शेयर कीं खास तस्वीरें
मां के नाम पेड़ लगाकर भावुक हुईं हुमा कुरैशी, बोलीं- 'उन्होंने सिखाया असली ताकत का मतलब'
लंदन में फैमिली टाइम एंजॉय करती दिखीं प्रियंका चोपड़ा, तस्वीरें हुईं वायरल
धर्मेंद्र को पहली बार देखकर क्या सोचती थीं हेमा मालिनी? खुद किया खुलासा
लाल बनारसी साड़ी, स्लीक बन और गजरा... अनुष्का रंजन ने दोहराया अनुष्का शर्मा का आइकॉनिक लुक
पिटबुल के कॉन्सर्ट में झूमीं अनन्या पांडे, गाया 'रेन ओवर मी' सॉन्ग
'आखिर किसकी शादी थी?' ओरी की वायरल बारात रील में जाह्नवी कपूर, नीता अंबानी, अनंत अंबानी, जैकलीन फर्नांडिस समेत कई सितारे आए नजर
टाइगर श्रॉफ और ताहा शाह बदुशा ने 'प्लेइंग फॉर ह्यूमैनिटी' चैरिटी मैच में फुटबॉल मैदान पर दिखाया दमदार अंदाज़
'हिंदू संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है विचारों की आजादी', जावेद अख्तर का पुराना वीडियो वायरल
दर्शकों पर जादू चलाने के लिए अभिनेत्री काजल अग्रवाल 'द इंडिया स्टोरी' के साथ तैयार
शिल्पा शिंदे के ऑर्डर पर फूट-फूटकर रोईं शिवांगी जोशी, दोस्त हर्षद चोपड़ा से दूरी बनाने की बात पर छलके आंसू
यादों में लीला चिटनिस : दिलीप कुमार से राज कपूर तक की ऑनस्क्रीन मां, कभी थीं ग्लैमरस सुपरस्टार
'वे जुनून' में दिशा पाटनी का दिल जीत लेने वाला अंदाज़, 'आवारापन 2' में बिखेरा नया रोमांस
पहली बार एक साथ आए भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारे, 'भोजपुरी बवाल' में दिखेगी स्टार्स की असली कहानी
छोटी उम्र में सफेद हो रहे बाल? दवा नहीं योगासन से बनेगी बात, रोजाना करें सर्वांगासन का अभ्यास
सिर्फ फल नहीं, जामुन के बीज भी हैं सेहत का खजाना, जानिए शरीर को कैसे पहुंचाते हैं फायदा
क्या कम हो रही है आपकी सुनने की क्षमता? शरीर पहले ही देने लगता है ये संकेत
हरी सब्जियों के शौकीन लोग पहले जान लें खाने का सही तरीका, आयुर्वेद में बताए गए हैं नियम
रोजाना शराब की एक ड्रिंक भी बढ़ा सकती है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा: अध्ययन
डिजिटल दौर में आंखों का रखें ख्याल, आयुर्वेद के ये आसान उपाय आएंगे काम
रीढ़ को मजबूत कर पाचन को बेहतर बनाता है अर्ध मत्स्येंद्रासन, आयुष मंत्रालय ने गिनाए फायदे
गर्मियों में कॉफी पीना फायदेमंद या नुकसानदायक? जानिए शरीर पर क्या पड़ता है असर
गर्दन-कंधों की जकड़न दूर करेंगे ये 4 योग मूवमेंट्स, बढ़ेगी ऊर्जा और घटेगा तनाव
तनाव और बेचैनी से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद शून्य मुद्रा, कानों की परेशानी से भी मिलती है राहत
भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव करेंगे ये नेचुरल ड्रिंक्स, पूरे दिन बनी रहेगी एनर्जी
हाइपरटेंशन की समस्या से राहत दिलाइगा बद्ध कोणासन, रोजाना 15 मिनट के अभ्यास से मिलेंगे कई फायदे
माइग्रेन की पीड़ा से हैं परेशान? योगासन है रामबाण समाधान, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह
एसी के ज्यादा इस्तेमाल से बढ़ रहा त्वचा और बालों का रूखापन, ऐसे करें देखभाल
याददाश्त कमजोर होने से पहले मस्तिष्क देता है यह संकेत, अल्जाइमर पर नई रिसर्च में खुलासा
सिर्फ सजावट नहीं, सेहत का भी ख्याल रखता है स्नेक प्लांट, जानिए फायदे
भद्रासन से मजबूत होते हैं घुटने और कूल्हे, महिलाओं के लिए भी लाभकारी: आयुष मंत्रालय
कमजोर कोर मसल्स, खराब पाचन और कब्ज से छुटकारा, आयुष मंत्रालय ने बताए 'शलभासन' के फायदे
क्या हाई ब्लड प्रेशर बदल सकता है आपका व्यक्तित्व? नई स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला दावा
पीठ- कमर दर्द से राहत, तो दूर शरीर की जकड़न दूर करने में कारगर ये योगासन, आयुष मंत्रालय की सलाह
5 से 12 साल के बच्चों की डाइट में शामिल करें ये चीजें; तेज होगा दिमाग, मजबूत होगी इम्यूनिटी
बुजुर्गों में स्मार्टफोन की लत से बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
'लकड़ी की काठी' की सफलता को लेकर शेखर कपूर बोले, 'तब नहीं सोचा था कि यह गीत कई पीढ़ियों का पसंदीदा बन जाएगा'
क्या कॉफी पीने से कम होता है लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा? अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे
देखें आज 14/07/2026 का राशिफल
Romantic things you should do during your honeymoon
Rishabh Pant to donate match fee towards rescue operations in Uttarakhand
Telegram becomes most downloaded app on Google Play Store
WhatsApp working on new mention badge features for group chatsDaily Horoscope