• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

जे.सी. बोस के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं युवा: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष

Youth Should Carry Forward J.C. Boses Scientific Vision: Haryana Governor Prof. Asim Kumar Ghosh - Chandigarh News in Hindi

चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज स्नातकों से आचार्य जगदीश चंद्र बोस के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी के इस दौर में आचार्य बोस की जिज्ञासा और नवाचार की भावना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने युवा पीढ़ी से विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में सीधे भागीदारी करने का आग्रह किया और कहा कि इसे केवल एक अवसर के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में लें। प्रो. घोष विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की और दीक्षांत भाषण दिया। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित थीं। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने स्वागत भाषण दिया तथा विश्वविद्यालय की अकादमिक, अनुसंधान, नवाचार, बुनियादी ढांचे और छात्र-विकास पहलों को प्रगति रिपोर्ट में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए अपने विवेकाधीन फंड से 25 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। इस फंड का एक हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के होनहार छात्रों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले, प्रो. असीम कुमार घोष ने चार प्रमुख संस्थागत परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें दीनदयाल उपाध्याय ज्ञान संसाधन केंद्र, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और मीडिया स्टूडियो शामिल हैं। यह विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, तकनीकी, रचनात्मक और ज्ञान संबंधी बुनियादी ढांचे के एक महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाता है। इसके पश्चात राज्यपाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जे.सी. बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद पारंपरिक शैक्षणिक शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना, राष्ट्रीय गीत, कुलगीत और दीक्षांत समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
अपने सम्बोधन में प्रो. असीम कुमार घोष ने डिग्री प्राप्तकर्ताओं, पदक विजेताओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने जे.सी. बोस विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत और फरीदाबाद के औद्योगिक विकास व हरियाणा में तकनीकी शिक्षा के विकास के साथ इसके संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को उद्योग, अनुसंधान और समाज के बीच एक सेतु के रूप में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत करना चाहिए और उद्योग-अकादमिक सहयोग, नवाचार और उद्यमिता के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना चाहिए।
प्रो. घोष ने व्यावसायिक और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि व्यावसायिक कौशलों के साथ शैक्षणिक ज्ञान को एकीकृत करने से युवा केवल नौकरी मांगने वाले ही नहीं, बल्कि नौकरी पैदा करने वाले (जॉब क्रिएटर) बन सकते हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक समावेशी पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया और विश्वविद्यालय से पूर्व छात्रों की सहभागिता, औद्योगिक भागीदारी और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के माध्यम से जरूरतमंद छात्रों के लिए सहायता तंत्र को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
प्रो. नागेश्वर राव ने अपने दीक्षांत भाषण में विश्वविद्यालय की अकादमिक और अनुसंधान पहलों की सराहना की और स्नातक छात्रों को जीवनभर सीखने वाला (लाइफलॉन्ग लर्नर) बनने, नवाचार को अपनाने और समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने तेजी से बदलते वैश्विक माहौल के लिए युवा स्नातकों को तैयार करने में गुणवत्ता, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास के महत्व पर बल दिया।
अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, एनईपी 2020 के कार्यान्वयन, अनुसंधान व नवाचार पहलों, उन्नत प्रयोगशालाओं और उत्कृष्टता केंद्रों के विकास, डिजिटल परीक्षा सुधारों, प्लेसमेंट और इनक्यूबेशन गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोगों तथा छात्र विकास पहलों पर प्रकाश डाला।
समारोह में वर्ष 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले कुल 3,877 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 2,079 छात्र और 1,798 छात्राएं शामिल हैं। उपाधि प्राप्तकर्ताओं में 68 शोधार्थी भी शामिल थे, जिनमें 46 महिला शोधकर्ता थीं। वर्ष 2024 और 2025 के लिए दो-दो विद्यार्थियों को गवर्नर-चांसलर मेडल और चीफ मिनिस्टर मेडल प्रदान किए गए। इसके अलावा, 19 विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए वाइस-चांसलर मेडल से सम्मानित किया जाएगा। पदक प्राप्तकर्ताओं में बीटेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) की विधि रैना और हर्षिका वत्स को गवर्नर-चांसलर मेडल, जबकि बीटेक (रोबोटिक्स एंड एआई) के राम सेवक और बीटेक (आईटी) की आकृति मित्तल को चीफ मिनिस्टर मेडल प्रदान किया गया।
दीक्षांत समारोह का समापन कुलाधिपति द्वारा स्क्रॉल पर हस्ताक्षर एवं समापन की औपचारिक घोषणा, अतिथियों के सम्मान, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अजय रँगा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव और शैक्षणिक शोभायात्रा की वापसी के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों के सदस्य, पूर्व छात्र संघ के सदस्य और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Youth Should Carry Forward J.C. Boses Scientific Vision: Haryana Governor Prof. Asim Kumar Ghosh
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: jc bose university, ymca faridabad, asim kumar ghosh, haryana governor, convocation 2026, jc bose science and technology university, faridabad, nageshwar rao, rajeev kumar, research and development, artificial intelligence, robotics, renewable energy, biotechnology, uav technology, anti drone technology, electric vehicle technology, nep 2020, higher education, haryana news, education news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, chandigarh news, chandigarh news in hindi, real time chandigarh city news, real time news, chandigarh news khas khabar, chandigarh news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

हरियाणा से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved