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जीडीपी के मुकाबले बढ़ता कर्ज बना चिंता, युवाओं के भविष्य पर असर: कुमारी सैलजा

Rising Debt-to-GDP Ratio a Cause for Concern; Impact on Youths Future: Kumari Selja - Chandigarh News in Hindi

चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) की सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को विकास के नाम पर कर्ज के दलदल में धकेला जा रहा है। सांसद ने कहा कि सरकार लगातार जीडीपी वृद्धि का ढोल पीट रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि देश का कर्ज उससे कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2008 में भारत की जीडीपी लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर थी, जो 2026 तक बढ़कर लगभग 4.1 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। वहीं केंद्र सरकार का कर्ज इसी अवधि में 27 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 214 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। अर्थात जहां जीडीपी लगभग साढ़े तीन गुना बढ़ी है, वहीं सरकारी कर्ज लगभग आठ गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र सरकार का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात लगभग 45 प्रतिशत था, जो आज बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। यह स्थिति किसी भी जिम्मेदार अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। यदि देश की आय की तुलना में कर्ज तेजी से बढ़ रहा है तो यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों को मजबूत उत्पादन, रोजगार और निवेश के बजाय उधार के सहारे चला रही है। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भारी कर्ज लेकर देश में विकास का भ्रम पैदा करने का प्रयास किया है। जनता के पैसे से विज्ञापन, प्रचार अभियान, राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी लाभ के लिए की जाने वाली घोषणाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा हो रही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी की मार झेल रहा है। लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, उद्योगों में नई नौकरियां नहीं बन रही हैं और छोटे एवं मध्यम उद्योग आर्थिक दबाव में बंद हो रहे हैं। दूसरी ओर सरकार लगातार कर्ज लेकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। इसका सीधा असर देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मानती है कि कर्ज लेना अपने आप में गलत नहीं है, यदि उसका उपयोग उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, रोजगार सृजन और आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाए। लेकिन यदि कर्ज का उपयोग केवल दिखावटी परियोजनाओं, प्रचार-प्रसार और चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जाए तो उसका बोझ अंततः आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि देश को ऐसी आर्थिक नीति की आवश्यकता है जो रोजगार आधारित विकास, कृषि और उद्योग को मजबूती, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय अनुशासन पर आधारित हो। कांग्रेस पार्टी हमेशा ऐसी नीतियों की पक्षधर रही है जो विकास के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करें। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे, बढ़ते कर्ज के उपयोग और उसके परिणामों की जानकारी जनता के सामने रखे तथा रोजगार और उत्पादन आधारित आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करे।

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Web Title-Rising Debt-to-GDP Ratio a Cause for Concern; Impact on Youths Future: Kumari Selja
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