• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

श्रम विभाग में वर्क स्लिप जांच के बाद राहत, वैध श्रमिकों की आईडी जल्द होगी एक्टिव: अनिल विज

Relief after work slip verification in Labour Department, IDs of valid workers will be activated soon: Anil Vij - Chandigarh News in Hindi

खास खबर। चंडीगढ़ हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में वर्कस्लिप (90 दिन कार्य रसीद) से जुड़ी अनियमितताओं की जांच में वैध पाई गई वर्क स्लिप के श्रमिकों को बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले लाभों के लिए जल्द आईडी एक्टिवेट/पोर्टल खोल दिया जाएगा जिनका डाटा सही/असली पाया गया है क्योंकि सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को भेजे गए प्रस्ताव के संबंध में मंजूरी/सिफारिशें प्राप्त हो चुकी है।
विज ने बताया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को उनके द्वारा भेजा गया था, और इस प्रस्ताव के संबंध में मंजूरी/सिफारिशें उच्च स्तरीय समिति द्वारा प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि इस उच्च स्तरीय समिति में विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के महानिदेशक राजीव रत्तन, अंबाला के आईजी पंकज नैन और वास्तुकला विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल हैं। विज ने बताया कि इस उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के अनुसार हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा जिला स्तर पर एक ग्रीवेंस कमेटी का गठन भी किया जाएगा ताकि श्रमिकों की समस्याओं का निदान किया जा सकें।
श्रम मंत्री ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति ने यह भी कहा है कि जिन श्रमिकों के पास कुछ वैध वर्क स्लिप हैं, उनका नया पंजीकरण किया जाएगा और अगर वेरिफ़िकेशन के बाद ऐसे श्रमिक रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र पाए जाते हैं, तो पात्रता के अनुसार उन्हें लंबित लाभ भी दिए जाएंगे। विज बताया कि उनके द्वारा हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में वर्कस्लिप (90 दिन कार्य रसीद) से जुड़ी अनियमितताओं कि जांच के लिए गठित की गई 22 जिलों की कमिटियों से रिपोर्ट प्राप्त हुई थी जिसमें लगभग 90 प्रतिशत वर्क स्लिप फर्जी पाई गई।
उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की सतर्कता और पैनी निगाह के चलते गत दिनों श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में लंबे समय से चली आ रही वर्कस्लिप (कार्य रसीद) से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा गया था और प्रारंभिक जांच में यह घोटाला लगभग संभवतः 1500 करोड़ रूपए तक का होने की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विज ने इस पूरे प्रकरण की किसी प्रतिष्ठित जांच एजेंसी से गहन जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया था जिस पर सरकार ने फर्जी वर्करों को दी गई राशि की व्यापक रिपोर्ट देने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए थे।
विज ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर तीन जिलों हिसार, कैथल और जींद में जांच कराई गई, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। इसके पश्चात श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी कर जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया, जिनमें श्रम विभाग के अधिकारी सहित तीन अन्य अधिकारी शामिल किए गए। इन समितियों द्वारा ऑनलाइन वर्कस्लिपों का भौतिक सत्यापन किया गया है और कुल 90 प्रतिशत वर्क स्लिप फर्जी पाई गई। जिनमें कुल 2178523 वर्कस्लिपों में केवल 270945 वर्कस्लिप सही पाई गई है जबकि 1907578 वर्कस्लिप फर्जी पाई गई है।
विज ने बताया कि फिलहाल राज्य के 22 जिलों में पिछले दो साल तक की अवधि की जांच कराई गई थी जबकि हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा ये योजना लाभ वर्ष 2008 से संचालित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से संचालित योजनाओं का लाभ लेने वाले श्रमिकों के वर्क स्लीपों की भी जांच की जा सकती है जो कि अभी दो साल अवधि का अनुमानित 1500 करोड़ रूपये का घोटाला की राशि और अधिक होने की संभावना है जोकि हजारों करोड़ रूपये के घोटाला हो सकता है। विज ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वालों को सज़ा देने पर भी विचार किया जा रहा है।
विज ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि कई स्थानों पर गांव- गांव/ शहर-शहर में फर्जी पंजीकरण कर वर्कस्लिपें बनाई गईं, ताकि अपात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। एक श्रमिक को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से औसतन 2.5 लाख रूपए तक का लाभ दिया जाता है, जिससे सरकार को भारी वित्तीय क्षति होने की संभावना है। श्रम मंत्री ने कहा कि “जो पात्र नहीं हैं, वे योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यह सीधी-सीधी लूट है और सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है।”
उन्होंने बताया कि हरियाणा में निर्माण श्रमिकों के लिए मातृत्व-पितृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा प्रतिपूर्ति, पेंशन, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता, आवास ऋण, दुर्घटना मुआवजा सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका उद्देश्य वास्तविक श्रमिकों का सशक्तिकरण है। इन योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलना चाहिए जो 90 दिनों के कार्य सत्यापन के बाद विधिवत पंजीकृत हों।
श्रम मंत्री ने दोहराया कि भ्रष्टाचार पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विज ने बताया कि हरियाणा में भवन निर्माण में लगे श्रमिकों को विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को लाभ प्रदान किया जाता है जिनमें मातृत्व लाभ 36 हजार रुपये, पितृव लाभ 21 हजार रुपये, पंजीकृत कामगार के बच्चों की शिक्षा हेतु दिए जाने वाले लाभों के अंतर्गत बच्चों की पहली कक्षा से उच्च शिक्षा/पीएचडी तक की वार्षिक वित्तीय सहायता 8,000 रुपये से 20,000 रुपये तक, पंजीकृत कामगारों के मेधावी बच्चों के 10वीं/12वी की परीक्षा में 60 र्प्रतिशत से 90 प्रतिशत अंक प्राप्ति पर 21 हजार रुपये से 51 हजार रूपए छात्रवृत्ति।
वास्तविक सरकारी खर्च के अनुसार कामगार के बच्चों को प्रोफेशनल व टेक्निकल कोर्स हेतु पूर्ण शैक्षणिक व्यय की प्रतिपूर्ति, कामगार के बच्चों को व्यवसायिक संस्थानों में हॉस्टल सुविधा हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये तक सहायता राशि, पंजीकृत कामगार के बच्चों को व्यावसायिक कोर्स की कोचिंग हेतु 20 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक सहायता राशि, पंजीकृत निर्माण कर्मकार की पुत्री के लिए इलैक्ट्रिक स्कूटर की खरीद के लिए 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री श्रम योगी प्रतिभावान योजना के तहत लैपटॉप हेतु 49 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, साइकिल की खरीद की अदायगी के लिए 5,000 रुपये, औजार के लिए अनुदान 8,000 रुपये, सिलाई मशीन के लिए 4,500 रुपये, मुख्यमंत्री महिला निर्माण श्रमिक सम्मान योजना के तहत 5,100 रुपये, कन्यादान योजना के तहत 03 बच्चों की शादी हेतु वित्तीय सहायता (सुपुत्री) के लिए 1,01,00 रुपये, महिला श्रमिक की स्वयं की शादी हेतु वित्तीय सहायता 50,000 रुपये की राशि दी जाती है।
इसी तरह, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण पर वास्तविक किराए की प्रतिपूर्ति के तहत वास्तविक रेल (द्वितीय श्रेणी) बस (साधारण) किराए की भरपाई और पैतृक घर जाने पर वास्तविक किराए की प्रतिपूर्ति के तहत वास्तविक रेल (द्वितीय श्रेणी)/बस (साधारण) किराए की भरपाई की जाती है। ऐसे ही, चिकित्सा सहायता (मजदूरी क्षतिपूर्ति) के अंतर्गत न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मजदूरी की भरपाई, घातक बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता के तहत एक लाख रूपए तक सहायता, अपंगता सहायता के अंतर्गत डेढ रुपये से 3 लाख रूपए, अपगंता पेंशन 3 हजार रूपए प्रतिमाह, अक्षम बच्चों को 3 हजार रूपए वित्तीय सहायता प्रतिमाह, पेशन (60 वर्ष उपरांत) 3,500 रुपये प्रतिमाह, पारिवारिक पेंशन 1,750 रुपये प्रतिमाह, विधवा पेंशन 3000 रुपये प्रतिमाह, मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मृत्यु पर वित्तीय सहायता के अंतर्गत कार्यस्थल पर दुर्घटना में 5,15,000 रुपये और अपंजीकृत श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर डेढ लाख रूपए से 3 लाख रूपए और मृत्यु हो जाने पर वित्तीय सहायता 4 लाख रुपये दी जाती है।
उन्होंने बताया कि मकान की खरीद/निर्माण हेतु ब्याज मुक्त ऋण 2 लाख रुपये तक और मुख्यमंत्री पंजीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत 1,100 रुपये की राशि श्रमिकों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं को लेने के लिए श्रमिक बोर्ड में कामगारों को अपने आपको पंजीकृत करवाना होता है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण करने के लिए श्रमिक का 90 दिन से ज्यादा कार्य करने की वैरीफिकेशन/सत्यापन किया जाता है और वैरीफिकेशन होने के बाद ही पंजीकरण किया जाता है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Relief after work slip verification in Labour Department, IDs of valid workers will be activated soon: Anil Vij
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: chandigarh, special, news, haryana, labour, minister, anil, vij, id, activation, portal, construction, workers, welfare, board, hbocwwb, work, slips, 90, days, benefits, verification, high-level, committee, approval, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, chandigarh news, chandigarh news in hindi, real time chandigarh city news, real time news, chandigarh news khas khabar, chandigarh news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

हरियाणा से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved