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आवास बोर्ड ने किया 19 हजार से अधिक फ्लैट्स का निर्माण

Housing Board made more than 19 thousand flats - Chandigarh News in Hindi

चण्डीगढ़ । हरियाणा के आवास एवं जेल मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि आवास बोर्ड द्वारा वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 19,356 फ्लैट्स का निर्माण किया गया है और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग श्रेणियों के लगभग 5,000 मकान निर्माणाधीन हैं। मकानों के निर्माण पर अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। यहां एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री पंवार ने कहा कि एक नई योजना के तहत नगर एवं ग्राम आयोजना, शहरी स्थानीय निकाय तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से लगभग 400 एकड़ भूमि का प्रबंध मकान बनाने के लिए किया गया है और आगामी वर्ष 2019-20 तक भूतपूर्व सैनिकों, कर्मचारियों और ईडब्ल्यूएस के लिए गुरुग्राम, करनाल और हिसार में लगभग 6000 मकान बनाने की योजना है। इसीप्रकार, गुरुग्राम में बीपीएल के लगभग 1700 फ्लैट बनाने की सरकार की योजना है जिसके लिए लगभग 2500 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मंत्री पंवार ने कहा कि हरियाणा की सभी जेलों के लिए 140 मोबाइल फोन जैमरों की आवश्यकता है। प्रथम चरण में, 6.76 करोड़ रुपये की लागत से झज्जर, सोनीपत, अम्बाला और गुरुग्राम में 4जी जैमर लगाए जा रहे हैं। दूसरे चरण में, 17.53 करोड़ रुपये की लागत से जिला जेल रोहतक में 11 तथा गुरुग्राम में 17 4जी जैमर लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में कुल 19 जेल हैं जिनमें से तीन जेल- अम्बाला, हिसार-1 और हिसार-2 केन्द्रीय जेल हैं। उन्होंने बताया कि इन जेलों में लगभग 18,230 बंदियों को रखने की क्षमता है और इस समय लगभग 19,860 बंदी जेलों में बंद हैं।
उन्होंने बताया कि पानीपत, रेवाड़ी और नूह में नई जेलों का निर्माण किया जा रहा है जिनकी क्षमता एक-एक हजार बंदियों की होगी। इसके अलावा, जिला जेल जीन्द व सिरसा में तीन-तीन अतिरिक्त पुरुष बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह, जिला जेल भिवानी में 5 पुरुष बैरकों व एक महिला बैरक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि जिला जेल करनाल और फरीदाबाद में ओपन एयर कैंपस स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत जेल से बाहर 30-32 मकान बनाए जाएंगे जहां बंदी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे और बाहर जाकर छोटा-मोटा काम भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ये मकान ऐसे बंदियों को दिए जाएंगे जिनका व्यवहार अच्छा होगा।
पंवार ने बताया कि पहले कैदियों को उनके परिजनों से सप्ताह में 10 मिनट दूरभाष पर बात करने की अनुमति थी। वर्तमान सरकार ने पुरुषों के लिए बात करने का समय सप्ताह में 10 मिनट से बढ़ाकर 35 मिनट और महिला कैदियों के लिए 60 मिनट किया है। इसके अलावा, तेरह जेलों में वीडियो कॉलिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि जेलों में बंदियों के खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्हें दिये जाने वाले आहार में राजमा, काला चना तथा सफेद चना को शामिल किया गया है। बन्दियों को खाने में सप्ताह में एक बार राजमा, काले चने, सफेद चने, मूंग दाल, मसूर दाल, चना दाल तथा उड़द की दाल दी जाती है। एक बंदी को 350 ग्राम की छ: रोटियां और साथ में दाल दी जाती है। इसके अलावा, बंदियों को दूध और खीर भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर भोजन की जांच भी की जाती है।
मंत्री ने बताया कि पहले बंदियों को केंटीन से सामान खरीदने के लिए प्रतिमाह 6,000 रुपये तक के कैशलेस कूपन दिए जाते थे। पहली नवम्बर, 2018 से इस राशि को बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। बंदी के परिजन इस राशि को उसके खाते में जमा करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा कुशल श्रमिक बन्दी का दैनिक मानदेय 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये, अर्ध-कुशल श्रमिक बन्दी का 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये तथा अकुशल श्रमिक बन्दी का मानदेय 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है।

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Web Title-Housing Board made more than 19 thousand flats
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