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बीजेपी का महिला आरक्षण विरोधी चेहरा हुआ उजागर, इसलिए भ्रम फैला रही सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

BJPs Anti-Women Reservation Stance Exposed; Government Spreading Confusion: Bhupinder Singh Hooda - Chandigarh News in Hindi

चंडीगढ़। कांग्रेस ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए हरियाणा सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र का बहिष्कार कर दिया और सदन के बाहर सामानांतर विधानसभा का आयोजन किया। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में पार्टी ने एकमत से यह फैसला लिया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं का मजाक उड़ा रही है। महिला आरक्षण का मुद्दा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है, राज्य सरकार का नहीं। इसलिए यह राज्य सरकार द्वारा यह सत्र बुलाना असंवैधानिक है तथा कांग्रेस विधायको ने जनता की गाडी कमाई का दुरुपयोग रोकने के लिए सत्र के दौरान विधायकों को मिलने वाले TA, DA लेने से भी इंकार कर दिया। हरियाणा के इतिहास में विधानसभा बायकॉट का इस प्रकार का फैसला पहली बार हुआ है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने समानांतर सदन में भाजपा सरकार की महिला आरक्षण विरोधी नीति और नीयत को तथ्यों के साथ उजागर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर कीमत पर संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करेगी और बीजेपी के मंसूबे कामयाब नहीं होने देगी। प्रदेश सरकार ने असंवैधानिक उदेश्य से विशेष सत्र बुलाया था, जिसका कांग्रेस ने बॉयकॉट किया। विधानसभा के बाहर समानांतर सत्र में कांग्रेस विधायकों ने 2023 में पास हो चुके महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए उसे सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया और सरकार से इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की। क्योंकि संशोधन 2023 हो या संशोधन 2026 इनमें से किसी भी संशोधन में राज्यसभा में महिलाओं को आरक्षण देने का जिक्र नहीं है। क्योंकि सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास कर दिया था। इस पर राष्ट्रपति ने भी मुहर लग चुकी है। यह कानून संविधान का अभिन्न अंग बन चुका है। बावजूद इसके तीन साल बाद भी भाजपा ने इसे लागू नहीं किया। यहां तक आरक्षण विधेयक को 30 महीने के बाद अधिसूचित किया गया।
अब आरक्षण को और लटकाने के मकसद से सरकार ने जानबूझकर संसद में परिसीमन बिल पेश किया और उसमें साजिश के तहत महिला आरक्षण को जोड़ दिया। विपक्ष और पूरा देश भाजपा की इस चाल को समझ गया और सरकार की इस चाल को कामयाब नहीं होने दिया। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि 2023 में पास हो चुके बिल को फौरन लागू किया जाए। अपनी महिला विरोधी नीति को छिपाने के लिए भाजपा अब जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, पहली महिला मुख्यमंत्री, पहली महिला स्पीकर, पहली महिला राष्ट्रपति कांग्रेस ने ही बनाई।
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस की देन है। स्व. राजीव गांधी के नेतृत्व में लाए गए 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत तथा जिला पंचायतों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया गया। कांग्रेस ने ही 2010 में राज्यसभा में, जहां उसका संख्या बल था, महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराया था। लोकसभा में गठबंधन सरकार होने के कारण इसे पारित नहीं कराया जा सका। लेकिन भाजपा ने बिल पास होने और कानून बनने के बाद भी इसे लागू नहीं किया। हुड्डा ने की मांग है कि जिस स्वरूप में ‘महिला आरक्षण कानून 2023’ पास हुआ है, उसी स्वरूप में लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी लागू किया जाए ।
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा लाया गया निंदा प्रस्ताव पूरी तरह असंवैधानिक है। भाजपा जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठा रही है जो केंद्र के अधीन आते हैं। भाजपा महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती क्योंकि उसकी नीयत ठीक नहीं है और वह जानबूझकर इसे टालने की कोशिश कर रही है। अगर भाजपा की नीयत ठीक होती तो मौजूदा 543 सांसदों में ही आरक्षण देकर कानून लागू किया जा सकता था।
आज हरियाणा में युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, किसान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं, कानून-व्यवस्था ध्वस्त है और प्रदेश की महिलाएं व गृहणियां आसमान छूती महंगाई तथा रसोई गैस की किल्लत से जूझ रही हैं। ऐसे में भाजपा सरकार सदन का कीमती समय केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए बर्बाद कर रही है।
कांग्रेस ने सामानांतर सदन में महिला आरक्षण बिल 2023, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों को MSP, सतलुज-यमुना लिंक नहर (SYL), प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी आदि मुद्दों पर चर्चा की।
सामानांतर सदन की अध्यक्षता रघुबीर सिंह कादियान और शकुंतला खटक ने की। गीता भुक्कल ने सदन में चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है, सबका फर्ज है कि वहां अपनी बात रखें लेकिन यहां कोई असंवैधानिक बात नहीं करनी चाहिए। भाजपा जो विधानसभा में कर रही है, वह हरियाणा सरकार का विषय नहीं बल्कि केंद्र सरकार का विषय है। भाजपा महिला विरोधी है, यह सच्चाई अब सबके सामने उजागर हो चुकी है।
कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि परिसीमन बिल का गिर जाना सरकार की बड़ी हार है। सरकार इसे स्वीकार करे। किसी भी बिल को पारित करवाने से पहले सभी की सहमति जरूरी होती है, लेकिन भाजपा ने बलपूर्वक बिल पास करवाना चाहा। इस बिल का नाकाम होना पहले से तय था क्योंकि भाजपा के पास दो तिहाई बहुमत नहीं था। भाजपा ने संसदीय परंपराओं का मजाक बना दिया, लेकिन इंडिया गठबंधन ने एकजुट होकर भाजपा को रोक दिया।
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि भाजपा जो निंदा प्रस्ताव ला रही है, वह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यह पूरी तरह असंवैधानिक है। इसके विरोध में कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया है।

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