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अगर सरकार को समर्थन दे रहे विधायक भी भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रहे हैं तो उनकी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

Bhupendra Singh Hooda said, If the MLAs supporting the government are also raising issues of corruption, then a CBI inquiry should be conducted - Chandigarh News in Hindi

निशा शर्मा
चंडीगढ़।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि अगर सरकार को समर्थन दे रहे विधायक भी भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रहे हैं तो उनकी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। सत्ता पक्ष को समर्थन दे रहे महम के आज़ाद विधायक बलराज कुंडू और टोहाना के जजपा देवेंद्र बबली की तरफ से लगाए गए आरोपों की तरफ धयान खींचे जाने पर हुड्डा ने कहा कि विधायकों की तरफ से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, ऐसे में भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार के लिए इनकी जांच कराना और भी जरूरी हो जाता है।

हुड्डा शुक्रवार को यहां अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। सरकार की तरफ से धान मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन कराने के मामले पर उन्होंने पूछा कि इससे क्या हुआ है? हजारों करोड़ का घोटाला है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कागजों में धान की खरीद हो गई और कागजों में ही धान मिलों में पहुंच गया। किसानों को क्या मिला? उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जो भ्रष्टाचार फैला रहे हैं, वही सरकार चला रहे हैं और लोग परेशान हैं।

भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को नॉन फंक्शनल सरकार बताते हुए हुड्डा ने कहा कि ऐसी सरकारें बनती तो हैं, लेकिन अपने बोझ से गिर भी जाती हैं। यह सरकार जितना चलेगी, लोगों को उतना नुकसान उठाना पड़ेगा। मेरी इन्हें शुभकामना है कि जनता से किए वादे पूरे किए जाएं। अगर ऐसा नहीं कर सकती तो जनता के सामने अपने दोनों हाथ जोड़ कर चल दें। सरकार के सौ दिन पूरे होने को हैं, लेकिन अभी तक एक भी वादे पर काम नहीं किया गया है।

नाराज विधायकों के सम्पर्क करने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि मिलते रहते हैं, लेकिन सभी बातें बताने की जरूरत नहीं है। विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं, व्यापारी, कर्मचारी और आम आदमी, इस सरकार से कोई भी खुश नहीं है। कहीं विभाग का झगड़ा है और कहीं कुर्सी का झगड़ा है। इन्होंने लोगों को बहका कर वोट ले लिए हैं। अब वादे पूरे करना इनकी जिम्मेदारी बनती है। अगर यह सरकार कोई अच्छा काम करेगी तो मैं इसकी तारीफ़ भी करूंगा, लेकिन यह सरकार दिशा और दशाहीन है।

सतलुज-यमुना जोड़ (एसवाईएल) नहर निर्माण के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि फैसला हरियाणा के हक में हो चुका है। अब तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाना है, राष्ट्रपति ने रेफरेंस मांगा था। इसके मुताबिक पंजाब की तरफ से नदी जल समझौते रद्द करने का एक तरफा फैसला गलत करार दिया जा चुका है। एसवाईएल का निर्माण नहीं कराने के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। जब सुप्रीम कोर्ट से फैसला हो चुका है तो फिर भाजपा को सहमति के आधार पर इस मामले को हल करने की सहमति देने की क्या जरूरत थी? हम भीख नहीं मांग रहे हैं, अपना हक मांग रहे हैं। जाहिर है कि भाजपा अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर मुख्यमंत्री कोई कदम उठाते हैं तो हम दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर उनका साथ देने को तैयार हैं, लेकिन वे तो इस मुद्दे पर हमें प्रधानमंत्री से भी नहीं मिलवा पाए।
मौजूदा सरकार को उसके काम के आधार पर नंबर दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर हुड्डा ने कहा कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। यह माइनस में चल रही है। पिछले कार्यकाल में इवेंट मैनेजमेंट तो होती थी, लेकिन इस बार तो यह भी नहीं हो रहा है। विकास के मामले में हरियाणा को पीछे ले जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि 300 करोड़ रुपए का लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट था। जमीन अधिग्रहण के मामले में अवाॅर्ड सुनाने से पहले ही इसे वापस कर दिया। इसी तरह दादूपुर नलवी नहर के मामले में अवार्ड होने के बाद जमीन छोड़ दी गई, इससे साफ़ है कि सरकार का विकास की तरफ कोई ध्यान ही नहीं है।

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर आगजनी के आरोपियों को खाप पंचायत के फैसले के बाद माफ़ी दे देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फैसला तो ठीक है, लेकिन फायदा तो तभी होगा, जब इसमें फंसे बेकसूर लोगों से केस वापस लिए जाएंगे। हमने तो आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की थी, पर सरकार की तरफ से जांच के लिए प्रकाश सिंह कमेटी गठित कर दी गई। फिर रिपोर्ट भी जारी नहीं की गई. इस रिपोर्ट में सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया गया था।

दिल्ली विधानसभा चुनावों में हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के प्रचार करने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि ड्यूटी लग गई हैं। दो अगस्त को वे भी दिल्ली चुनावों के लिए प्रचार करेंगे। वे 15-16 जगह कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में जनसभाएं करेंगे। हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सत्ता में नहीं आने के कारण स्पष्ट करते हुए हुड्डा ने कहा कि संगठन के मामले में फैसले लेने में थोड़ी देरी हुई। कुछ टिकटों का बंटवारा भी ठीक नहीं हुआ। जिला व ब्लॉक स्तर पर संगठन नहीं था। उन्होंने कहा कि वे रानिया से रणजीत सिंह, अम्बाला छावनी से पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की बेटी चित्र सरवारा, इंद्री से राकेश कम्बोज और नलवा से प्रो. सम्पत सिंह को टिकट दिलाने के इच्छुक थे, लेकिन सभी टिकटें मेरे कहने से नहीं मिल सकती, फिर भी कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया। पिछली बार 15 सीटें जीती थीं, इस बार कांग्रेस 31 सीटें जीती है।

कांग्रेस पार्टी के सदस्यता अभियान का जिक्र करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह प्रक्रिया तीन महीने में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद ही पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव भी हो जाएगा। आने वाले नगर निगम चुनाव पार्टी के चिन्ह पर लड़ने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि इस बारे में पार्टी में मिल बैठकर फैसला किया जाएगा।

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