कहा तो यही जाता है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी प्राणियों में प्रकृति ने सर्वोत्तम प्राणी के रूप में केवल मानव की ही उत्पत्ति की है। प्रवचन, सत्संग, धर्म व अध्यात्म की बातें, अच्छी बुराई के भेद, करुणा, प्रेम, दया क्षमा, परमार्थ, परोपकार, सेवा-सत्कार जैसी बातें केवल मानव के मुंह से ही निकलती सुनाई देती हैं। यह मानव ही है जो कि विपदा के समय एक दूसरे का साथ देता है। ग़रीब, असहाय, भूखे, प्यासे, कमज़ोर अबला की मदद करने को आतुर रहता है।
परन्तु सहस्त्राब्दियों से लिखा जाने वाला इतिहास यहाँ तक कि इतिहास लेखन से पूर्व की पौराणिक कथाओं से भी यही पता चलता है कि इन्हीं मानव में हर दौर में अनेक सनकी शासक भी पैदा हुए। अनेक शासक ऐसे हुए जिन्होंने स्वयं को ईश्वर मनवाने तक की कोशिश की जब कि कुछ ऐसे भी हुए जो क्रूरता की सभी हदों को पार कर गये।
परन्तु उसका नतीजा यही है कि आज इतिहास उन बदनाम शुदा सनकी शासकों को या तो सनकी शासकों की सूची में रखता है या तानाशाहों अथवा क्रूर शासकों के रूप में उन्हें याद किया जाता है। इनमें एडोल्फ़ हिटलर जैसे तानाशाह भी हुए हैं जिसकी क्रूरता व तानाशाही के चलते जर्मनी के लोग आज भी अपने देश पर लगे 'हिटलर' रुपी धब्बे से शर्मिंदगी महसूस करते हैं। ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
एक हिटलर ही नहीं बल्कि इस दुनिया ने स्टेलिन, मुसोलिनी, ईदी अमीन, किम जोंग ईल, मुअम्मार ग़द्दाफ़ी, सद्दाम हुसैन, ज़िया उलहक़ जैसे अनेक शासक देखे जिन्होंने अपने सनकी व ज़िद्दी स्वभाव के अनुरूप शासन किया। परन्तु प्रायः उनके शासन करने का सनकी अंदाज़ न केवल उन शासकों व तानाशाहों की अपनी ही जान का दुश्मन बना बल्कि ऐसे कई देश बर्बादी व तबाही की कगार पर भी पहुँच गए और इन्हीं के ग़लत फैसलों के चलते लाखों बेगुनाह लोग मारे भी गए।
आज के दौर में भी दुनिया के कई देशों पर ऐसे ही सनकी लोगों का राज है। नतीजतन दुनिया युद्ध, तनाव, संबंधों में कड़वाहट व अविश्वास, अनिश्चितता जैसे वातावरण में जी रही है।
विश्व के अनेक शासक सत्ता में हमेशा बने रहने के लिए तरह तरह की युक्तियाँ इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई संविधान बदल कर आजीवन शासन करना चाह रहा है तो कोई धर्म जाति व क्षेत्रवाद का ज़हर बोकर अपनी सम्प्रदायिकता व जातिवाद की फ़सल तैयार कर रहा है। कोई अपने देशवासियों को ऐसे सपने दिखाता है जिससे लगे कि इससे पहले तो इतना बड़ा देशभक्त तो कोई पैदा ही नहीं हुआ। हद तो यह है कुछ सनकी लोग स्वयं को भगवन का अवतार कहने से भी नहीं हिचकिचाते। परिणामस्वरूप जनसमस्याओं व देश की प्रगति के तमाम मुद्दे इसी तरह की फ़ुज़ूल की भावनात्मक बातों में उलझकर रह जाते हैं।
अमेरिका के लोगों ने भी एक बार फिर 47वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में देश की बागडोर सौंपी है। डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालते ही अपने पूर्ववर्ती जो बाइडन द्वारा बनाए गए क़रीब 80 नियम-क़ानूनों को निष्प्रभावी बनाने के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं। शपथ लेने के बाद जिन दस्तावेज़ों पर ट्रंप ने सबसे पहले हस्ताक्षर किए उनमें बढ़ते वैश्विक तापमान से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए अहम पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के अलग होने वाले आदेश पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
इसी तरह एक विवादित फ़ैसला ट्रंप ने यह किया है कि उन की पराजय के समय 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में जो हिंसा हुई थी ट्रंप ने उस हिंसा में नामज़द अपने लगभग 1500 समर्थकों की सज़ा माफ़ करने की घोषणा कर दी। इनमें धुर-दक्षिणपंथी समूह ओथ कीपर्स और प्राउड बॉयज़ के सदस्य भी हैं। इनके सदस्य कैपिटल हिंसा से जुड़े केस में देशद्रोह की साज़िश जैसे मामलों के दोषी क़रार दे दिए गए हैं। ख़बर तो यह भी है कि न केवल इन अपराधियों को मुआफ़ किया गया है बल्कि उन लोगों पर मुक़द्द्मा चलने की भी ख़बर है जिन्होंने इन अपराधियों पर केस दर्ज किया था। इससे बड़ा सत्ता का दुरूपयोग और पक्षपातपूर्ण फ़ैसला और क्या हो सकता है?
इसके पहले चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री टुडो सहित अनेक विपक्षी नेता भी कह चुके है कि ऐसा होना मुमकिन ही नहीं है कि कनाडा 51वें राज्य के रूप में अमेरिका का हिस्सा बन जाये। गत दिसंबर में भी ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51 वां राज्य और ट्रूडो को उसका गवर्नर बता चुके थे। यहां तक कि क्रिसमस के बधाई संदेश में भी ट्रंप ने ट्रुडो को कनाडा का गवर्नर बताया था।
परन्तु इस तरह की बे सिर पैर की बात कर ट्रंप ने न केवल अपनी धुर दक्षिणपंथी राजनीतिक सोच का परिचय दिया है बल्कि दुनिया को यह सोचने के लिए भी मजबूर कर दिया है कि जो अमेरिका, कनाडा जैसे अपने सैन्य,व्यवसाय व ऊर्जा जैसे अनेक क्षेत्रों में भागीदारी निभाने वाले निकटस्थ देश पर अपनी बुरी नज़रें गड़ा सकता है उस अमेरिका से दुनिया के दूसरे देश आख़िर क्या उम्मीद करें?
इसी तरह ट्रंप ने अपने शुरुआती फ़ैसलों में मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' करने का आदेश दिया है।
इसी आदेश के अंतर्गत अलास्का के माउंट देनाली का नाम बदलकर अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति विलियम मैकिन्ली के सम्मान में माउंट मैकिन्ली करने का भी निर्देश दिया गया है। ट्रंप ने ये भी घोषणा कर दी है कि अमेरिका में केवल दो जेंडर को मान्यता होगी- पुरुष और महिलाएं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को "एक मूर्खतापूर्ण तोहफ़ा'' बताते हुये दावा किया है कि "पनामा नहर को चीन संचालित कर रहा है। '' ट्रंप ने कहा, "हमने इसे चीन को नहीं दिया। हम इसे वापस लेंगे। इसी तरह ट्रंप द्वारा लिया गया एक और सबसे दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है 'अमेरिका का डब्ल्यूएचओ से अलग होना।
यह ख़बर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य जगत के लिए एक बुरी ख़बर है?
ट्रंप ने सत्ता संभालते ही कह दिया है कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ से अलग हो जाएगा। अमेरिका के पीछे हटने से डब्ल्यूएचओ की ओर से दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर असर होगा, जिसके लिए यह संगठन अपने बनने के साल 1948 से जाना जाता रहा है।
इसी आदेश में ट्रंप ने बाइडन के कार्यकाल के दौरान आप्रवासियों के लिए लाई गई कई योजनाओं पर भी रोक लगा दी है। जिससे दुनिया के कई देशों में बेचैनी बढ़ गयी है। जिन अप्रवासियों का अमेरिका के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान है ट्रंप उन्हें अमेरिका से निष्कासित करने पर तुले हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि दुनिया के जिस किसी भी देश में इस तरह का संकीर्ण व 'सनकी नेतृत्व ' है तो वह केवल उस देश के लिये ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिये ख़तरा है।
घर में अलमारी की सही दिशा क्या होनी चाहिए? जानिए वास्तु के अहम नियम
विजया एकादशी : नारायण की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय
महाशिवरात्रि 2026 पर भद्रा का साया? जानिए शिव पूजन के शुभ मुहूर्त और भद्रा का वास्तविक प्रभाव
मृणाल ठाकुर ने रिलेशनशिप को लेकर तोड़ी चुप्पी, अक्षय कुमार के गेम शो में दी अपनी 'सिंगल' होने की अपडेट
4 मार्च को बदलेगी ग्रहों की चाल, होली पर शुक्र-शनि खोलेंगे किस्मत के ताले, करियर में आएगा बड़ा मोड़
रोहित शेट्टी-रणवीर सिंह के मैनेजर का बयान दर्ज, पुलिस ने महत्वपूर्ण सीन को किया रीक्रिएट
पुरी के श्री लोकनाथ मंदिर में भक्तों की लंबी कतार, साल में एक बार होते हैं अद्भुत दर्शन
सलमान ने दिया वैलेंटाइन डे पर फैंस को तोहफा, रिलीज किया 'बैटल ऑफ गलवान' का रोमांटिक सॉन्ग
शरीर के लिए 'साइलेंट किलर' है नमक, जानें प्रतिदिन कितनी होनी चाहिए सोडियम की मात्रा
महाशिवरात्रि से पहले हंसराज रघुवंशी ने रिलीज किया 'महादेव की शादी' भक्ति गीत, जमकर नाच रहे सुर और असुर
मृणाल ने इस खास इंसान को लगाया लगे, शेयर की अपने दिल की बात
T20 विश्व कप: भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेहद खराब, सिर्फ 1 मैच में मिली है जीत
बचपन की तस्वीरों में छुपा है श्रुति हासन का मिजाज, अभिनेत्री ने लिखा, 'तस्वीरें सब बयां करती हैं'
'हर दिन को जीना चाहिए,' कैंसर सर्वाइवर हिना खान ने बताया जिंदगी के प्रति अपना नजरिया
राशिफल 13 फरवरी : शुक्रवार को किसके जीवन में आएंगी खुशियां, किसे बरतनी होगी सावधानी?
सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: आज से इन राशियों का गोल्डन टाइम शुरू, धन लाभ और तरक्की के संकेत
45 साल पहले आई यह फिल्म अनिल कपूर के लिए बनी थी टर्निंग प्वाइंट, अभिनेता आज भी बताते हैं 'मील का पत्थर'
दिल की बीमारी से जूझती रहीं मधुबाला, चेहरे पर रखी हमेशा मुस्कान
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष को दी मंजूरी

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाया प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप

भाजपा ने राहुल गांधी को लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा बताया, किसानों को गुमराह करने का आरोप
राशिफल: किसकी किस्मत देगी साथ, कौन रहेगा सतर्क? जानिए रविवार को क्या कहते हैं आपके सितारे
Rajasthan Tourism: प्रेम, आस्था और परंपराओं से जुड़ा जोधपुर का इश्किया गणेश मंदिर
अभिनय के साथ पूरा किया एमबीबीएस का सपना, श्रीलीला ने सोशल मीडिया पर साझा कीं तस्वीरें
बचपन की तस्वीरों में छुपा है श्रुति हासन का मिजाज, अभिनेत्री ने लिखा, 'तस्वीरें सब बयां करती हैं'
'हर दिन को जीना चाहिए,' कैंसर सर्वाइवर हिना खान ने बताया जिंदगी के प्रति अपना नजरिया
45 साल पहले आई यह फिल्म अनिल कपूर के लिए बनी थी टर्निंग प्वाइंट, अभिनेता आज भी बताते हैं 'मील का पत्थर'
दिल की बीमारी से जूझती रहीं मधुबाला, चेहरे पर रखी हमेशा मुस्कान
गरीबी से शोहरत तक: हालातों से लड़कर कामयाबी की मिसाल बनीं मधुबाला
मृणाल ने इस खास इंसान को लगाया लगे, शेयर की अपने दिल की बात
सलमान ने दिया वैलेंटाइन डे पर फैंस को तोहफा, रिलीज किया 'बैटल ऑफ गलवान' का रोमांटिक सॉन्ग
रीढ़ की हड्डी मजबूत, पाचन बेहतर और तनाव दूर करने में कारगर 'सरल धनुरासन'
शरीर के लिए 'साइलेंट किलर' है नमक, जानें प्रतिदिन कितनी होनी चाहिए सोडियम की मात्रा
सुस्ती करे दूर, एकाग्रता भरपूर! बस रोजाना 5 मिनट करें ये योग क्रिया
फाल्गुन मास में क्यों होता है सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम? जानें क्या खाएं और क्या नहीं
न ज्यादा आराम, न ज्यादा भागदौड़! यूनानी चिकित्सा से जानें स्वस्थ जीवन का मंत्र
प्रसव के बाद मां-बच्चे की सही देखभाल है जरूरी, न करें ये लापरवाही
पीरियड्स में दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन से परेशान? सही देखभाल से रहें फिट
30 की उम्र के बाद नहीं छूट रही मीठा खाने की आदत, इन सुपरफूड्स से करें मधुमेह को कंट्रोल
सुबह उठते ही मुंह खट्टा या कड़वा होना देता है पेट से जुड़ी बीमारी का संकेत, जानें क्या है कारण
आयुर्वेद के 3 उपाय दूर करेंगे एनीमिया की परेशानी, रखना होगा कुछ विशेष बातों का ध्यान
क्या पूरे दिन गुनगुना पानी पीना सही है? आयुर्वेद से जानें सही नियम
शरीर पर चर्बी हटाने के लिए रोजाना करें उत्तान मंडूकासन, पीठ दर्द दूर करने में मददगार
आयरन की कमी से शरीर होने लगता है 'बेजान, अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोजाना कितनी मात्रा जरूरी?
बॉडी को डिटॉक्स कर तनाव दूर करता है शशांकासन, ऐसे करें अभ्यास
Fashion Tips: किसी भी ड्रेस में दिखना है स्लिम ट्रिम, तो न करें फैशन से जुड़ी गलतियां
किशोरावस्था में व्यायाम से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम: नई स्टडी में खुलासा
मधुमेह, बवासीर और पीलिया, रसौत है हर समस्या का समाधान
बच्चों को खिलाएं आलू पनीर कटलेट, इस रेसिपी से करें तैयार
Skin Care Tips: कचरा समझकर न फेंके नींबू का छिलका, स्किन केयर में इस तरह करें इस्तेमाल
छोटी-छोटी बातों पर आता है तेज गुस्सा? ज्ञान मुद्रा से पाएं मन की शांति
पेट, त्वचा और जोड़ों के लिए फायदेमंद वरुण मुद्रा, जानें अभ्यास से क्या परिवर्तन आते हैं
शरीर को अनगिनत फायदे देता है दालचीनी और शहद का कॉम्बिनेशन, जानें फायदों से लेकर सावधानी
ठंड से बचने के लिए रोजाना खाएं अंडा, इम्यूनिटी होगी मजबूत और थकान होगी दूर
मोरिंगा ऑयल : प्रदूषण और धूप से खराब स्किन पर असरदार, दाग-धब्बों को भी करे दूर
वायु दोष के असंतुलन में असरदार गरुड़ मुद्रा, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होता है कम
मोरिंगा : बढ़ते वजन को घटाने में मददगार, शरीर को अंदर से करता है डिटॉक्स
रात का हेल्थ बूस्टर है दूध, जानें सर्दी में कैसे करता है स्वास्थ्य की पूरी देखभाल
हेल्दी खाना खाकर भी बढ़ रहा वजन तो जरा इन आदतों पर भी कर लें गौर
तनाव दूर कर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है प्रसारित पादहस्तासन, ये सावधानी भी जरूरी
दांतों के लिए साइलेंट किलर है सड़न, जानें कब बढ़ सकती है दांतों से जुड़ी समस्याएं
देखें आज 15/02/2026 का राशिफल
Romantic things you should do during your honeymoon
Rishabh Pant to donate match fee towards rescue operations in Uttarakhand
Telegram becomes most downloaded app on Google Play Store
WhatsApp working on new mention badge features for group chatsDaily Horoscope