• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

CJI के रिटायरमेंट में 4 दिन शेष, इन दिनों में SC सुनाएगा 9 फैसले

Today the Supreme Court will give 4 important decisions including reservation in promotion, Validity of Aadhaar card - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट आज आधार कार्ड की वैधता, प्रमोशन में आरक्षण, कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और दोषी नेताओं की कुर्सी किसके आदेश से जाएगी, इन मामलों पर फैसला देगा।

शुक्रवार को अयोध्या मामले में भी फैसला आ सकता है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायरमेंट से पहले 4 कार्य दिवस बचे हैं। इस दौरान उन्हें आधार, अयोध्या, अडल्टरी, सबरीमाला, एससी/एसटी में प्रमोशन में आरक्षण, कोर्ट कार्यवाही की रिकॉर्डिंग, भीड़ द्वारा संपत्ति के नुकसान पहुंचाने के मामले और एक्टिविस्टों के खिलाफ केस रद्द करने और एसआईटी जांच की गुहार पर फैसला देना है। चार कार्य दिवस में 9 अहम फैसले आने वाले हैं।

राइट टु प्रीवेसी मौलिक अधिकार : हां या ना ?


सुप्रीम कोर्ट में आधार मामले की सुनवाई के दौरान यह सवाल उठा था कि राइट टु प्रीवेसी मौलिक अधिकार है या नहीं? तब मामले को 9 जजों की संवैधानिक बेंच को भेजा गया था ताकि पहले यह तय होगा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। इसके बाद जहां तक आधार मामले का सवाल है कि क्या आधार के लिए लिया जाने वाला डेटा निजता का उल्लंघन है या नहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना ऐतिहासिक फैसला देगा। पांच जजों की संवैधानिक बेंच अब इस मामले में फैसला देनेवाली है।

याचिकाकर्ता की दलील

आधार एक्ट को चुनौती देते हुए सीनियर ऐडवोकेट गोपाल सुब्रह्मण्यम ने दलील दी थी कि आधार स्कीम के तहत नागरिक को सरकार की दया पर छोड़ दिया गया है। जहां तक डेटा लीक का सवाल है तो ये ऐक्ट में अपराध जरूर माना गया है, लेकिन ऐसी स्थिति में यूआईडीएआई सिर्फ शिकायत कर सकती है। उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई के फैसले से अगर कोई नागरिक प्रभावित है तो वह कहां जाए।

केंद्र सरकार की दलील

केंद्र सरकार की ओर से पेश अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि आधार कार्ड देश भर में लोगों ने बनवाएं हैं। अभी देश में 96 फीसदी लोगों के पास आधार है। जिनके पास नहीं है वह भी कोशिश में हैं कि आधार बनवाए जाएं। आधार नागरिक फ्रैंडली योजना है और ये सुरक्षित योजना है। अगर किसी के पास आधार नहीं है तो भी किसी बेनिफिट से वंचित नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट का डेटा लीक पर अहम सवाल

सुप्रीम कोर्ट में आधार मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सरकार कई बार दावा कर चुकी है कि आधार के लिए लिए जाने वाले व्यक्तिगत डेटा को गोपनीय रखा जाएगा, लेकिन हाल में देखने को मिला कि एक क्रिकेटर का डेटा लीक हो गया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार कानून 2016 में अमल में आया, लेकिन बायॉमेट्रिक डेटा काफी पहले लिया गया। बिना आधार के ये डेटा कैसे लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के सामने सवाल उठाते हुए कहा कि कानून लागू होने से पहले लिए गए डेटा को अवैध ठहराया जा सकता है? इसके लिए 2009 से ही बायॉमेट्रिक डेटा लिया गया था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार वित्तीय जानकारी और लेनदेन के बारे में जान सकती है। आईटी रिटर्न आदि के बारे में विस्तार से जानकारी मांग सकती है, लेकिन मैं अगर अपनी पत्नी के साथ किसी रेस्टोरेंट में जाता हूं और खाना खाता हूं तो उस बारे में कोई कैसे जानकारी ले सकता है। ऐसे मामले में दखल नहीं हो सकता। सरकार आधार के लिए जो जानकारी ले चुकी है उस डेटा का इस्तेमाल अपने लिए सरकार कर सकती है, लेकिन व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल अन्य उद्देश्य के लिए नहीं हो सकता।

कोर्ट कार्यवाही की रिकॉर्डिंग
सुप्रीम कोर्ट बुधवार को तय करेगा कि कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और सीधा प्रसारण होना चाहिए या नहीं।

प्रमोशन में आरक्षण का मामला
प्रमोशन में आरक्षण मामले में 2006 के नागराज मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच के फैसले को सात जजों की संवैधानिक बेंच को रेफर किया जाए या नहीं, इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया था। इस पर फैसला बुधवार को आएगा। 2006 में नागराज से संबंधित वाद में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने कहा था कि सरकार एससी/एसटी को प्रमोशन में आरक्षण दे सकती है, लेकिन शर्त लगाई थी कि प्रमोशन में आरक्षण से पहले यह देखना होगा कि अपर्याप्त प्रतिनिधित्व है या नहीं।

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली संवैधानिक बेंच तय करेगी कि केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से लेकर 50 साल की उम्र की महिलाओं को एंट्री दी जाए या नहीं। इनकी एंट्री पर बैन के खिलाफ याचिका दायर की गई है।

शुक्रवार को अयोध्या मामले में फैसला
अयोध्या के राममंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। अयोध्या की जमीन किसकी है, इस पर अभी सुनवाई की जानी है। दरअसल, मुस्लिम पक्षकारों की ओर से दलील दी गई है कि 1994 में इस्माइल फारुकी केस में सुप्रीम कोर्ट ने अपने जजमेंट में कहा है कि मस्जिद में नमाज पढना इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है और ऐसे में इस फैसले को दोबारा परीक्षण की जरूरत है और इसी कारण पहले मामले को संवैधानिक बेंच को भेजा जाना चाहिए। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा है कि मामले में कोर्ट इस पहलू पर फैसला लेगा कि क्या 1994 के सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक बेंच के फैसले को दोबारा देखने के लिए मामले को संवैधानिक बेंच भेजा जाए या नहीं। फैसला सुरक्षित है।

अडल्टरी मामला
आईपीसी की धारा-497 (अडल्टरी) के प्रावधान के तहत पुरुषों को अपराधी माना जाता है जबकि महिला विक्टिम मानी गई है। याचिका में कहा गया है कि आईपीसी की धारा-497 के तहत जो कानूनी प्रावधान है वह पुरुषों के साथ भेदभाव वाला है। अगर कोई शादीशुदा पुरुष किसी और शादीशुदा महिला के साथ उसकी सहमति से संबंध बनाता है तो ऐसे संबंध बनाने वाले पुरुष के खिलाफ उक्त महिला का पति अडल्टरी का केस दर्ज करा सकता है, लेकिन संबंध बनाने वाली महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने का प्रावधान नहीं है जो भेदभाव वाला है। इस प्रावधान को गैरसंवैधानिक घोषित किया जाए।

भीड़ द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच इस मामले में गाइ़डलाइंस जारी करेगी। पुलिस और उत्पात मचाने वालों की जवाबदेही तय होगी।

ऐक्टिविस्टों का मामला
चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच एक्टिविस्टों की गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर फैसला देगी। याचिका में एफआईआर पर सवाल उठाया गया है और एसआईटी जांच की मांग की गई है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Today the Supreme Court will give 4 important decisions including reservation in promotion, Validity of Aadhaar card
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: chief justice deepak mishra, retirement, base, ayodhya, adultary, sabarimala, reservation in promotion in sc - st, recording of court proceedings, supreme court, 4 important decisions, promotion, reservation, validity of aadhaar card, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, delhi news, delhi news in hindi, real time delhi city news, real time news, delhi news khas khabar, delhi news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2022 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved