• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा को लगाई फटकार, डेटा शेयरिंग के नाम पर निजता के साथ नहीं होगा खिलवाड़

Supreme Court rebukes WhatsApp and Meta, says privacy will not be compromised in the name of data sharing - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और उसकी मूल कंपनी मेटा को डेटा शेयरिंग के मामले में कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि डेटा शेयरिंग के नाम पर देश के नागरिकों की निजता के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत व्हाट्सएप को एक भी जानकारी किसी अन्य कंपनी के साथ साझा करने की अनुमति नहीं देगी। व्हाट्सएप की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि उपयोगकर्ताओं के पास शर्तों को अस्वीकार करने का विकल्प होता है। लेकिन, मुख्य न्यायाधीश ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक आम व्यक्ति इन जटिल शर्तों को कैसे समझ सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए पूछा कि सड़क किनारे सब्जी बेचने वाला व्यक्ति आपकी अंग्रेजी में लिखी टर्म्स एंड कंडीशंस कैसे समझेगा। कोर्ट ने मेटा पर आरोप लगाया कि कंपनी को सिर्फ अपना मुनाफा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कंपनी यह अच्छी तरह जानती है कि लोग व्हाट्सएप के आदी हो चुके हैं और इसका इस्तेमाल हर कोई करता है। लेकिन, फिर भी उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश ने मेटा से कहा कि कंपनी अपना व्यावसायिक हित तो समझती है। लेकिन, यह भी जानती है कि उसने उपभोक्ताओं को ऐप का आदी कैसे बनाया है। तमिलनाडु के किसी दूर-दराज गांव में बैठा व्यक्ति, जो सिर्फ अपनी स्थानीय भाषा समझता है, वह आपकी शर्तें कैसे समझेगा? कोर्ट ने मेटा से एक अंडरटेकिंग मांगी कि वह उपयोगकर्ताओं की जानकारी साझा नहीं करेगी, तभी मामले की मेरिट पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि व्हाट्सएप मैसेजिंग और संचार सेवा देने के लिए है, न कि डेटा इकट्ठा करके बेचने के लिए। उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टर से प्रिस्क्रिप्शन मिलते ही कुछ मिनटों में संबंधित विज्ञापन आने लगते हैं, जो डेटा के दुरुपयोग को दिखाता है।
जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट केवल निजता की बात करता है। लेकिन, कंपनी ऑनलाइन विज्ञापन के लिए डेटा का इस्तेमाल कर रही है।
अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। मेटा को अपना जवाब दाखिल करना है और केंद्र सरकार भी मेटा के जवाब पर अपनी प्रतिक्रिया देगी। यह मामला व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है, जिसमें डेटा शेयरिंग को लेकर विवाद है। कोर्ट ने उपयोगकर्ताओं की निजता की रक्षा पर मजबूत रुख अपनाया है।
--आईएएनएस

यह भी पढ़े

Web Title-Supreme Court rebukes WhatsApp and Meta, says privacy will not be compromised in the name of data sharing
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: whatsapp-meta data sharing policy, whatsapp, meta, data sharing policy, supreme court, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, delhi news, delhi news in hindi, real time delhi city news, real time news, delhi news khas khabar, delhi news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved