• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 2

RTI के तहत CJI कार्यालय : विशेषज्ञों ने कहा, प्रधान न्यायाधीश का पीठ में होना मुद्दा नहीं

नई दिल्ली। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय को लाने का फैसला सुनाना कोई मुद्दा नहीं है और इसके बदले यह प्रक्रिया एक न्यायिक निर्णय से जुड़ी हुई है। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा, प्रधान न्यायाधीश निश्चित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसले सुनाने वाली पीठ में हो सकते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधान न्यायाधीश के पद को आरटीआई के दायरे में लाने का फैसला दिया था। फैसला कार्यालय से जुड़ा है, किसी एक व्यक्ति से नहीं। जब हितों के टकराव के मुद्दे पर पूछा गया तो द्विवेदी ने कहा कि हितों का टकराव बिल्कुल नहीं है। शीर्ष कोर्ट ने माना है कि पारदर्शिता के लिए न्यायापालिका को खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन जोर दिया कि कोई भी अपारदर्शी प्रणाली नहीं चाहता है।

शीर्ष कोर्ट की पीठ ने कहा, कोई अज्ञानता की स्थिति में रहना नहीं चाहता.. लेकिन हम सब के सामने सवाल है कि पारदर्शिता के नाम पर आप संस्थान को नष्ट नहीं कर सकते। द्विवेदी ने एक उदाहरण का हवाला दिया कि अगर किसी को शीर्ष कोर्ट के कॉलेजियम से समस्या है तो वह इसे शीर्ष कोर्ट में चुनौती देता है। द्विवेदी ने कहा, इसे न्यायाधीशों द्वारा ही सुना जाएगा।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-CJI under RTI Act : Expert says, Chief Justice being on Bench is no issue
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: cji under rti act, expert, chief justice of india, bench, delhi high court, right to information, cji ranjan gogoi, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, delhi news, delhi news in hindi, real time delhi city news, real time news, delhi news khas khabar, delhi news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2020 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved