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केजरीवाल की सोलर पॉलिसी में भाजपा कर रही सिर्फ संशोधन, सभी सेक्टर को भी मिले लाभ: प्रियंका कक्कड़

BJP Merely Modifying Kejriwal Solar Policy; Benefits Should Extend to All Sectors: Priyanka Kakkar - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने दिल्ली सरकार की सोलर पॉलिसी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने जो सोलर पॉलिसी लागू की थी, भाजपा सरकार उसमें केवल संशोधन कर रही है। प्रियंका कक्कड़ का कहना है कि मौजूदा संशोधित नीति में मुख्य रूप से रेजिडेंशियल यानी घरेलू उपभोक्ताओं पर ध्यान दिया गया है, जबकि केजरीवाल सरकार की नीति में रेजिडेंशियल के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को भी शामिल किया गया था। दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना केवल बिजली की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने से भी है। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि वह पूर्व सरकार की सोलर पॉलिसी को और मजबूत करे तथा ऐसी शर्तें लागू न करे, जिससे लोग सोलर पैनल लगाने से पीछे हटें। आप प्रवक्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार की सोलर पॉलिसी में जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव यानी बिजली उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत सोलर पैनल लगाने वाले लोगों को हर यूनिट बिजली उत्पादन पर आर्थिक प्रोत्साहन मिलता था। उनका दावा है कि यह प्रोत्साहन इस बात पर निर्भर नहीं करता था कि उत्पादित बिजली का इस्तेमाल उपभोक्ता खुद कर रहा है या उसे ग्रिड में वापस भेज रहा है। इससे लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए आर्थिक रूप से भी प्रोत्साहन मिलता था।
प्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा किए गए संशोधनों में इस प्रावधान को हटा दिया गया है। उनका कहना है कि प्रति यूनिट उत्पादन पर मिलने वाला इंसेंटिव लोगों के लिए सोलर पैनल लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आकर्षण था। इसके हटने से सौर ऊर्जा अपनाने की गति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार की नीति का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इससे बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती थी।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। आप प्रवक्ता ने भाजपा सरकार से यह भी सवाल किया कि अगर सोलर पॉलिसी का उद्देश्य दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है, तो उसमें ऐसी शर्तें और संशोधन क्यों किए गए हैं, जो लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए हतोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और बताना चाहिए कि इंडस्ट्रियल तथा कमर्शियल सेक्टर को संशोधित नीति में पर्याप्त स्थान क्यों नहीं दिया गया।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा सरकार चाहे तो सोलर पॉलिसी का पूरा श्रेय खुद ले सकती है, लेकिन इसका असर दिल्ली की जनता और पर्यावरण पर नकारात्मक नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार पूर्व में लागू प्रभावी प्रावधानों को बनाए रखते हुए सौर ऊर्जा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम करे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय सरकार को दिल्ली के हित में ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे घरों के साथ उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहन मिले। आप ने साफ किया कि वह दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सौर ऊर्जा के विस्तार के पक्ष में है और सरकार से इसी दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करती रहेगी।
--आईएएनएस

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Web Title-BJP Merely Modifying Kejriwal Solar Policy; Benefits Should Extend to All Sectors: Priyanka Kakkar
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