नई दिल्ली। आसमान में उड़ने वाले ड्रोन अब सिर्फ तस्वीरें खींचने या सामान पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। शनिवार को 'यूरोपियन इमरजेंसी मेडिसिन कांग्रेस' में पेश की गई एक स्टडी के अनुसार, ड्रोन का इस्तेमाल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) को उस जगह तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है जहां किसी व्यक्ति को अस्पताल के बाहर कार्डियक अरेस्ट हुआ हो।
कार्डियक अरेस्ट के मामले में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। भारत में हुए अध्ययनों के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब यह कम उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पुरुषों में आधे से अधिक दिल के दौरे 50 वर्ष से कम आयु में और एक चौथाई 40 वर्ष से कम आयु में होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सीपीआर और डिफिब्रिलेशन में हर एक मिनट की देरी से जीवित बचने की संभावना करीब 10 फीसदी कम हो सकती है।
ऐसे में सवाल यह है कि अगर एम्बुलेंस पहुंचने में समय लग रहा हो तो डिफिब्रिलेटर मरीज तक पहले कैसे पहुंचाया जाए। फ्रांस के शोधकर्ताओं ने इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की संभावनाओं का अध्ययन किया। ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
फ्रांस के क्रेतेइल में हेनरी-मोंडोर यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में इमरजेंसी मेडिसिन के प्रोफेसर मैथ्यू हेडेट ने कहा, "ईएमएस (इमरजेंसी मेडिकल सर्विस) संगठनों और ईएमएस डॉक्टरों के तौर पर हमारा मकसद है कि कार्डियक अरेस्ट के मरीजों को जल्द से जल्द डिफिब्रिलेशन मिल सके।"
शोधकर्ताओं ने ग्रेटर पेरिस क्षेत्र के उन इलाकों के 28,349 आउट-ऑफ-हॉस्पिटल कार्डियक अरेस्ट मामलों का विश्लेषण किया, जो 2011 से 2024 के बीच सामने आए थे। अध्ययन में सेंट्रल पेरिस को शामिल नहीं किया गया। इन मामलों के स्थान की तुलना वहां मौजूद 1,893 स्थायी एईडी की लोकेशन से की गई।
नतीजे बताते हैं कि मौजूदा व्यवस्था से हर मरीज तक समय पर डिफिब्रिलेटर पहुंचाना आसान नहीं है। केवल 30 फीसदी कार्डियक अरेस्ट के मामले ऐसे स्थानों पर हुए, जहां निकटतम स्थायी एईडी तक 500 मीटर की नेटवर्क दूरी थी।
अगर 84.5 फीसदी मामलों को 500 मीटर के दायरे में लाना हो तो 910 और स्थायी एईडी लगाने पड़ेंगे। वहीं 100 फीसदी कवरेज के लिए 1,712 अतिरिक्त एईडी की जरूरत पड़ेगी।
यहीं ड्रोन इस तस्वीर को बदल सकते हैं। शोधकर्ताओं के मॉडल के मुताबिक, करीब 3.9 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले ड्रोन बेस बनाए जाएं तो कम संख्या में अतिरिक्त उपकरणों के साथ काफी ज्यादा इलाकों को कवर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, 100 ड्रोन बेस और केवल 26 अतिरिक्त स्थायी एईडी के साथ 97 फीसदी से ज्यादा कार्डियक अरेस्ट मामलों को कवर किया जा सकता था।
200 ड्रोन बेस के मॉडल में सिर्फ चार अतिरिक्त स्थायी एईडी के साथ 99 फीसदी से ज्यादा मामलों को कवर करने की संभावना सामने आई।
शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि मौजूदा सड़क व्यवस्था से किसी स्थायी एईडी को घटनास्थल तक पांच मिनट के भीतर लाना कितना संभव है। मॉडल में केवल 30 से 40 फीसदी मामलों में ऐसा संभव पाया गया। इसके मुकाबले ड्रोन आधारित मॉडल में एईडी को पांच मिनट के भीतर लगभग सभी संबंधित मामलों तक पहुंचाने की क्षमता दिखाई दी। एक संयुक्त मॉडल में 200 ड्रोन बेस और 871 मौजूदा स्थायी एईडी के साथ करीब 99.4 फीसदी मामलों को कवर करने का अनुमान लगाया गया।
इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. हिलेरी मिंका के नेतृत्व वाली टीम का कहना है कि ड्रोन खास तौर पर शहरों के बाहरी इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और ऐसे स्थानों में उपयोगी हो सकते हैं जहां सड़क से पहुंचने में ज्यादा समय लगता है।
इस व्यवस्था में ड्रोन को किसी आपातकालीन कॉल के बाद सीधे घटनास्थल की ओर भेजा जा सकता है। आपातकालीन सेवा का डिस्पैच सेंटर कार्डियक अरेस्ट की सूचना मिलने पर ड्रोन को सक्रिय कर सकता है। ड्रोन स्वचालित उड़ान मार्ग से घटनास्थल तक पहुंच सकता है और अंतिम चरण में प्रशिक्षित ड्रोन पायलट उसकी निगरानी कर सकता है।
ड्रोन के पहुंचने के बाद एईडी को घटनास्थल पर मौजूद व्यक्ति मरीज के इस्तेमाल में ला सकता है। इसका मतलब यह है कि एम्बुलेंस के पहुंचने का इंतजार करते हुए सीपीआर और डिफिब्रिलेशन की प्रक्रिया पहले शुरू हो सकती है।
हालांकि, यह तकनीक अभी पूरी तरह से सामान्य चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा नहीं बनी है। मौजूदा अध्ययन कंप्यूटर मॉडल पर आधारित है और इसमें वास्तविक परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर ड्रोन तैनात करके परिणाम नहीं जांचे गए हैं। अध्ययन को अभी 'पीयर रिव्यू' भी नहीं किया गया है। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा है कि ड्रोन की लागत को इस तकनीक की व्यवहारिकता के आकलन में शामिल करना जरूरी होगा।
स्वीडन में एईडी पहुंचाने के लिए ड्रोन का वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा चुका है। 2020 के एक पायलट अध्ययन में ड्रोन से एईडी पहुंचाना संभव पाया गया था और कुछ मामलों में ड्रोन एम्बुलेंस से पहले घटनास्थल पर पहुंचा।
हालांकि विशेषज्ञ ये भी मानते हैं कि ड्रोन एम्बुलेंस का विकल्प नहीं हो सकते। उनका उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा टीम के पहुंचने से पहले एईडी उपलब्ध कराकर शुरुआती कुछ मिनटों को ज्यादा प्रभावी बनाना है।
कार्डियक अरेस्ट में यही शुरुआती मिनट जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन सकते हैं इसलिए आने वाले समय में अस्पताल से बाहर होने वाले कार्डियक अरेस्ट के मामलों में एम्बुलेंस के साथ आसमान से आने वाला एक छोटा ड्रोन भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा बन सकता है।
--आईएएनएस
साप्ताहिक राशिफल 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक
'ये जवानी है दीवानी' की लारा ने खोला मदरहुड का राज, बच्चों की शरारतों को लेकर बदला नजरिया
इंदिरा एकादशी 6 या 7 अक्टूबर? जानें सही तारीख, पूजा विधि और महत्व
'नई नवेली' का नया गाना 'फटा पटाखा' रिलीज, यामी गौतम के साथ दिखा अनोखा जॉम्बी डांस पार्टी का अंदाज
विनोद खन्ना की जयंती पर भावुक हुए जैकी श्रॉफ, पुरानी तस्वीरें शेयर कर बोले- 'हमेशा दिलों में रहेंगे'
6 अक्टूबर का पंचांग : उत्तर दिशा में टाल दें यात्रा, सुबह 11:51 से दोपहर 12:38 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
सर्व पितृ अमावस्या पर करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगी राहत
मार्क रफालो ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए जोरदार भाषण दिया
बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर
जन्मदिन विशेष: कभी हकलाने वाले शरद केलकर ने 'बाहुबली' की आवाज बन जीता देश का दिल
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, कहा—बतौर खिलाड़ी सफर जारी रहेगा
इशिता दत्ता ने शेयर कीं 'दृश्यम 3' की बीटीएस झलकियां, फिल्म के सभी कलाकार आए नजर
'केबीसी' में माधुरी दीक्षित की शानदार एंट्री, अमिताभ बच्चन की फरमाइश पर 'काहे छेड़ छेड़ मोहे' पर किया डांस
कमर दर्द से हैं परेशान? पूर्ण शलभासन से मिलेगा आराम, बढ़ेगा रक्त प्रवाह
'उन्हें किसी और टेक की जरूरत नहीं पड़ती', श्रेया सरन ने की 'दृश्यम 3' को-स्टार अजय देवगन की तारीफ
शेखर सुमन के शो में दिए बयान पर संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- स्क्रिप्टेड था, मेरी व्यक्तिगत सोच नहीं
राशिफल: आज इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते
जब अमिताभ बच्चन के पास नहीं थी डिस्को की मेंबरशिप, विनोद खन्ना कराते थे एंट्री
योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना से करना क्यों है जरूरी, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व

शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

किसी भी उम्र में हो सकता है मेनिनजाइटिस, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
राशिफल: वृषभ, तुला और वृश्चिक रहें सतर्क, जानें 6 अक्टूबर को कैसा रहेगा आपका दिन
पेरिस फैशन वीक में मियू मियू शो का हिस्सा बनीं जाह्नवी कपूर, वैश्विक मंच पर बढ़ाया भारत का मान
कम समय में खत्म हुआ बिग बॉस का सफर, ईशा रिखी ने जताई निराशा
‘चुंबक’ के निर्देशक आतिश कपाड़िया का पहला नैरेशन याद कर बोलीं संदीपा धर, 'उन्होंने हर किरदार को खुद निभाकर सुनाया था'
'उन्हें किसी और टेक की जरूरत नहीं पड़ती', श्रेया सरन ने की 'दृश्यम 3' को-स्टार अजय देवगन की तारीफ
'केबीसी' में माधुरी दीक्षित की शानदार एंट्री, अमिताभ बच्चन की फरमाइश पर 'काहे छेड़ छेड़ मोहे' पर किया डांस
'ये जवानी है दीवानी' की लारा ने खोला मदरहुड का राज, बच्चों की शरारतों को लेकर बदला नजरिया
शाहरुख खान ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की, बोले- जरूरत के वक्त मजबूती से डटे रहे
शेखर सुमन के शो में दिए बयान पर संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- स्क्रिप्टेड था, मेरी व्यक्तिगत सोच नहीं
विनोद खन्ना की जयंती पर भावुक हुए जैकी श्रॉफ, पुरानी तस्वीरें शेयर कर बोले- 'हमेशा दिलों में रहेंगे'
कमर दर्द से हैं परेशान? पूर्ण शलभासन से मिलेगा आराम, बढ़ेगा रक्त प्रवाह
बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर
गणपति विसर्जन से पहले बप्पा के दर्शन करने पहुंचीं सारा अली खान, सुरभि चंदना और करिश्मा तन्ना
पति के साथ कॉमेडी शो देखने पहुंचीं प्रीति जिंटा, मैक्स अमिनी के शो की शेयर की झलकियां
किसी भी उम्र में हो सकता है मेनिनजाइटिस, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
डायरेक्टर इशिका के काम की दीवानी हुईं अदा खान, बोलीं- मैं तो बस देखती ही रह गई
योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना से करना क्यों है जरूरी, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व
शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ
'इसे सुनते ही डांस करने का मन करता है', हेली शाह का नवरात्र स्पेशल सॉन्ग 'गलगोटो' रिलीज
काम से मिलने वाला सुकून है सफलता की असली निशानी- नायला ग्रेवाल
रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ की कहानी बड़े पर्दे पर लाएंगे करण जौहर, इस दिन रिलीज होगी फिल्म
कुणाल खेमू की 'वाइब' में उर्फी जावेद का कैमियो, बोलीं-बिना सोचे हां कर दिया
अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी
लारा दत्ता ने मां के अल्जाइमर से जूझने का किया जिक्र, बोलीं, 'इसे बढ़ती उम्र की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें'
शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद रोना, तनाव घटाने से लेकर आंखों की सफाई तक, जानें आंसुओं के फायदे
जिन इलाकों में लगे होते हैं खूब सारे पेड़, वहां बुजुर्ग आबादी रहती है डिप्रेशन से कोसों दूर: स्टडी में खुलासा
चेहरे की चमक से लेकर बालों की मजबूती तक, बादाम का तेल है कुदरती ब्यूटी टॉनिक
श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार कर्म की सिद्धि के लिए जरूरी हैं ये 5 कारक, जानिए सफलता के पीछे छिपा गहरा रहस्य
शरीर को लचीला और मन को शांत करता है गोमुखासन, जानें इसके फायदे
वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई के लिए सही रंगों का चुनाव और उनका महत्व
तनाव और थकान से हैं परेशान? रोज करें पश्चिमोत्तानासन, मन रहेगा शांत
बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे
'सजगता से करें अभ्यास, धैर्य से मिलेगी तरक्की', आयुष मंत्रालय ने माइंडफुल योग को लेकर दी सलाह
योग में आसनों का क्रम है जरूरी, पश्चिमोत्तानासन के बाद करें ये दो आसन
सूर्य नमस्कार से लेकर अर्ध मत्स्येन्द्रासन तक: किडनी को हेल्दी रखने के लिए रोजाना करें ये 9 योगासन
घर में तस्वीरें लगाते समय सिर्फ सुंदरता न देखें, वास्तु के अनुसार विषय और दिशा भी है मायने
योग साधना में उपयोगी मुद्राएं और बंध: मन की शांति से एकाग्रता तक, जानें इनके फायदे और सही तरीका
पेट की चर्बी से हैं परेशान? रोज करें उत्तानपादासन, जानें इसके फायदे
सारा दिन लैपटॉप पर बैठते हैं? रीढ़ की जकड़न और थकान दूर करेगा ये योगासन
नटराजासन से पहले जरूर करें ये 7 पूर्वाभ्यास, इन स्टेप्स से शरीर को बनाएं सेहतमंद
देखें आज 07/10/2026 का राशिफल
Romantic things you should do during your honeymoon
Rishabh Pant to donate match fee towards rescue operations in Uttarakhand
Telegram becomes most downloaded app on Google Play Store
WhatsApp working on new mention badge features for group chatsDaily Horoscope