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क्या कारण है कि आजकल बाजार में उपलब्ध खरबूजे काफी मीठे है लेकिन उनसे निकले बीज में गिरी नहीं निकल रही है ?

What is the reason that melons available in the market these days are very sweet but the seeds produced from them do not produce kernels - Health Tips in Hindi

यह सच है कि आजकल बाजार में मिलने वाले खरबूजे मीठे तो होते हैं, लेकिन उनके बीजों में गिरी नही होती है। इस तथ्य का कारण जानने की कोशिश करेंगे परंतु पहले इसके फलों और बीजों की पौष्टिकता पर नजर डालते हैं।



खरबूजे के फल और बीज की पौष्टिकता: खरबूजा (Cucumis melo) शीतल प्रवृति तथा पौष्टिकता के कारण गर्मियों का एक पसंदीदा फल है। इसके 100 ग्राम गूदे में सिर्फ 17 कैलोरीज होती है, जिससे यह वजन घटाने का उत्तम खाद्य है। आयरन, फास्फोरस कैल्शियम जैसे खनिजो; कैरोटिन, थायमिन, नियासिन, रिबोफ्लोमिन जैसे विटामिंस, एंटी ऑक्सीडेंट्स, और अन्य तत्वों से भरपूर होने के कारण यह शक्तिवर्धक भी है। इसे खाने से पेशाब खुलकर आती है तथा गर्मियों में लू नही लगती है।

इसके बीज भी पौष्टिकता से भरपूर होते है। इनमें 40 से 45 % तक तेल होता है, तथा ये एंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं। फाइबर युक्त होने के कारण ये वजन घटाने में सहायक होते हैं। गुर्दे में पथरी होने की दशा में खरबूजे की गिरी विशेष लाभकारी होती है।

फलों का मिठास मापन: फलों की मिठास मापने का पैमाना उस में मौजूद टोटल साल्युबिल शुगर (TSS %) पर आधारित हैं। फलों और उनकी प्रजातियों में यह भिन्न भिन्न होती है। सामान्यजन के अंदाज के लिए पके दशहरी आम का जो अत्यधिक मीठा होता है, TSS 22% होता है।

खरबूजे में मिठास व अन्य विविधतायें: प्रकृति में खरबूजे के फलों के आकार- प्रकार, रूप- रंग तथा स्वाद में बहुत अधिक विविधता पाई जाती है।


फल गोल, अंडाकार या वृताकार; बाहरी छिलका अति पतला, मोटा, धारीदार या जालीदार; गूदे का रंग सफेद, गुलाबी या हरा; तथा गूदे का स्वाद मीठा या फीका हो सकता है। इसकी कुछ प्राकृतिक जैव विविधतायें टेबल में देखिए:

खरबूजे में कुछ प्राकृतिक विविधतायें पाई गई है।


खरबूजे में प्राकृतिक मिठास: प्रकृति में खरबूजों में 3.5 से लेकर 15% तक TSS पाई जाती है। इसके प्रत्येक फल की मिठास में भी अंतर होता है। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार खरबूजे की जातियों में अब सुधार किए गए है, खासकर मिठास में। कुछ खास उन्नत जातियों और हाइब्रिड खरबूजों का TSS प्रतिशत देखिए:

खरबूजे की प्रजातियों में मिठास (TSS %)


उन्नत प्रजातियों के ये मीठे फल (TSS % 12 से 17 के बीच) आज बाजार में बहुतायत से उपलब्ध हैं। वैज्ञानिकों के कठिन मेहनत से इनमें उच्च TSS का गुण खरबूजों में स्थापित कर दिया गया है और अब मिठासयुक्त खरबूजे एक हकीकत हैं।

लेकिन बीजों में गिरी क्यों नही है?: खरबूजे की नई प्रजातियों विशेषकर हाईब्रिड्स के बीज गिरी विहीन होते हैं। इनमें हाई TSS का गुण इसी कीमत पर संभव हो सका है।

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डा पीयूष त्रिवेदी आयुर्वेद चिकित्सा प्रभारी राजस्थान विधान सभा जयपुर।

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Tags: dr piyush trivedi, ayurveda medical incharge, rajasthan legislative assembly jaipur
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