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भोजन संबंधी इन दो आदतों वाले लोगों में होता है यह खतरा

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, आहार एक व्यक्ति के वजन से स्वतंत्र मधुमेह के जोखिम को प्रभावित करता है। टाइप-2 मधुमेह को एक साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। जब तक इसका निदान किया जाता है, तब तक अन्य संबंधित स्वास्थ्य जटिलताएं पहले से मौजूद हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, जो लोग मोटे होते हैं, उन्हें जटिल कार्बोहाइड्रेट के सेवन को सीमित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, क्योंकि वे रक्त-शर्करा के स्तर और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इंसुलिन प्रतिरोध वाले लोगों में, इस वृद्धि से आगे वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, हर दिन लगभग 30 से 45 मिनट शारीरिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखें, सप्ताह में पांच बार।

डॉ. अग्रवाल के कुछ सुझाव

- हर दिन व्यायाम करें और स्वस्थ आहार का सेवन करें।
- नियमित अंतराल पर अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करें।
- किसी भी रूप में परिष्कृत चीनी का सेवन न करें, क्योंकि यह रक्त प्रवाह में अधिक आसानी से अवशोषित हो सकती है और आगे की जटिलताओं का कारण बन सकती है।
- ध्यान और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से तनाव को कम करें।

(IANS)

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Web Title-Study says, No breakfast and late dinner may up heart attack risk
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Tags: study, breakfast, late dinner, heart attack risk, research, st-segment elevation myocardial infarction, stemi, dr minicucci
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