• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

दक्षिण भारत में कुछ ऐसे मनाई जाती है गणेश चतुर्थी, मां-बेटे के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है ये पर्व

This is how Ganesh Chaturthi is celebrated in South India; the festival symbolizes the sacred bond between mother and son. - Puja Path in Hindi

नई दिल्ली । भारतीय संस्कृति में प्रथम पूज्य गजानन बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता के रूप में पूजे जाते हैं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के अवसर पर यह पावन पर्व पूरे भारतवर्ष में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, लेकिन दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में यह उत्सव सिर्फ बप्पा के आगमन तक ही सीमित नहीं है बल्कि, यह मां गौरी और भगवान गणेश के पवित्र रिश्ते और प्रकृति से जुड़ने का महापर्व माना जाता है। दरअसल, दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गणेश चतुर्थी से ठीक एक दिन पहले 'गौरी हब्बा' (गौरी मां की पूजा) मनाया जाता है। इस दिन माता पार्वती की पूजा की जाती है। विवाहित महिलाएं सुहाग और परिवार की मंगलकामना के लिए हल्दी से गौरी जी की प्रतिमा बनाकर उनकी पूजा करती हैं। इसके अगले दिन भगवान गणेश का स्वागत किया जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वह आदि शक्ति महामाया का सबसे शक्तिशाली अवतार हैं। ऐसा माना जाता है कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि देवी गौरी का स्वागत किया जाता है। अगले दिन उनके पुत्र भगवान गणेश का स्वागत इस प्रकार किया जाता है।
उत्तर भारत में इस त्योहार को हरतालिका के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आमतौर पर विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है, जो नई पारंपरिक साड़ियां या वस्त्र पहनकर देवी की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं हल्दी से बनी देवी गौरी की मूर्ति 'अरिशिनादगौरी' बनाती हैं। मूर्ति को आम के फूलों और पत्तियों से भी सजाया जाता है।
गणेश चतुर्थी में दक्षिण भारत के घरों और मंदिरों में इको-फ्रेंडली (मिट्टी की) गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। वेदों और पारंपरिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा और षोडशोपचार पूजा की जाती है। भगवान गणेश को प्रिय मोदक के अलावा दक्षिण भारत में विशेष पकवान बनाए जाते हैं। तमिलनाडु में चावल के आटे और नारियल-गुड़ से बने कोझुकट्टई का विशेष महत्व है। इसके अलावा पप्पडम, मोदक, वड़ा और पायसम का भोग लगाया जाता है।
बड़े पैमाने पर सार्वजनिक पंडालों का चलन महाराष्ट्र जैसा ही अब हर जगह है, लेकिन दक्षिण भारत में कई जगहों पर पारिवारिक रूप से एक, तीन या पांच दिनों तक पूजा के बाद स्थानीय जल स्रोतों (नदियों या समुद्र) में गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। तमिलनाडु और केरल के प्रसिद्ध विनायक मंदिरों में इस दौरान विशेष वाहन सेवाएं और उत्सव आयोजित होते हैं।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-This is how Ganesh Chaturthi is celebrated in South India; the festival symbolizes the sacred bond between mother and son.
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: ganesh chaturthi, ganesh chaturthi is celebrated in south india, how ganesh chaturthi is celebrated in south india, astrology in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

जीवन मंत्र

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved