• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

परमा एकादशी 2026: आज शाम से शुरू होगी द्वादशी तिथि, जानिए पूजा का श्रेष्ठ समय और व्रत पारण की संपूर्ण जानकारी

Parama Ekadashi 2026: Dwadashi Tithi Begins This Evening, Know the Auspicious Worship and Vrat Parana Timings - Puja Path in Hindi

अधिक मास की परमा एकादशी का विशेष महत्व, आज भगवान विष्णु की आराधना से मिलेगा पुण्यफल
सनातन परंपरा में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। विशेष रूप से अधिक मास में आने वाली परमा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह एक ऐसा दुर्लभ व्रत है जो लगभग तीन वर्ष के अंतराल के बाद आता है। इस वर्ष परमा एकादशी का पावन व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जा रहा है। गुरुवार स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, ऐसे में एकादशी और गुरुवार का यह शुभ संयोग श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक उपवास रखने, भगवान विष्णु का पूजन करने तथा धर्म-कर्म में समय लगाने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। परमा एकादशी की तिथि आज सायंकाल लगभग सात बजकर छह मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
पूजन के लिए श्रेष्ठ समय
इस वर्ष परमा एकादशी पर पूरे दिन शुभ योग का प्रभाव बना हुआ है, जिससे पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व और बढ़ गया है। दोपहर के समय का अभिजित मुहूर्त विशेष रूप से मंगलकारी माना गया है। इसके अतिरिक्त सायंकाल का विजय मुहूर्त भी पूजा-अर्चना तथा विशेष अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त रहेगा।
जो श्रद्धालु दिनभर व्यस्त रहने के कारण दिन में पूजन नहीं कर पाते, वे रात्रि के समय भी भगवान विष्णु का ध्यान, मंत्र-जप और आराधना कर सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह समय भी शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है।
व्रत पारण कब किया जाएगा
परमा एकादशी का व्रत अगले दिन द्वादशी तिथि में खोला जाता है। इस वर्ष व्रत का पारण 12 जून 2026 को किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वादशी तिथि के भीतर ही व्रत का पारण करना उत्तम माना गया है। निर्धारित समय के भीतर पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
धर्मशास्त्रों में यह भी कहा गया है कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले व्रत खोल लेना चाहिए। इसलिए श्रद्धालुओं को समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि व्रत की पूर्णता बनी रहे।
पारण के समय क्या ग्रहण करें
व्रत समाप्त करते समय सात्विक आहार ग्रहण करने की परंपरा है। सबसे पहले भगवान विष्णु का स्मरण कर तुलसी युक्त जल ग्रहण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद फलाहार अथवा सात्विक भोजन से व्रत का समापन किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पारण की शुरुआत पवित्र जल और तुलसी पत्र से करने पर विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
परमा एकादशी का धार्मिक महत्व
परमा एकादशी को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। आर्थिक कठिनाइयों, मानसिक चिंताओं और पारिवारिक समस्याओं से मुक्ति के लिए भी इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।
अधिक मास में आने वाली यह एकादशी आत्मिक उन्नति और धार्मिक साधना के लिए भी श्रेष्ठ मानी जाती है। यही कारण है कि देशभर के विष्णु भक्त इस दिन उपवास रखकर पूजा-पाठ और भक्ति में समय व्यतीत करते हैं।

परमा एकादशी के बाद कौन-सी एकादशी आएगी

परमा एकादशी के बाद जून माह में निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत 25 जून 2026 को पड़ रहा है। निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में विशेष स्थान प्राप्त है। इस व्रत में श्रद्धालु पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान विष्णु की उपासना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया निर्जला एकादशी व्रत वर्षभर की एकादशियों के समान पुण्य प्रदान करता है।

यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार पूजा-विधि एवं समय में अंतर संभव है। श्रद्धालु किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पूर्व अपने स्थानीय विद्वान या पुरोहित से परामर्श अवश्य करें।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Parama Ekadashi 2026: Dwadashi Tithi Begins This Evening, Know the Auspicious Worship and Vrat Parana Timings
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: \r\nparama ekadashi 2026, ekadashi vrat, lord vishnu, dwadashi tithi, hindu festival, vrat parana, adhik maas, sanatan dharma, religious news, vishnu puja, astrology in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

जीवन मंत्र

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved