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नेशनल हैंडलूम डे पर विद्या बालन ने हथकरघा परंपरा को किया सलाम, कहा-'हर साड़ी कहती है अपनी अनोखी कहानी'

Vidya Balan Salutes Handloom Tradition on National Handloom Day: Every Saree Tells Its Own Unique Story - Bollywood News in Hindi

मुंबई । भारतीय हथकरघा और पारंपरिक परिधानों की मजबूत समर्थक अभिनेत्री विद्या बालन ने 'नेशनल हैंडलूम डे' के अवसर पर देश की समृद्ध बुनाई परंपरा और कारीगरों के सम्मान में एक खास पोस्ट साझा किया। अपनी खूबसूरत साड़ियों के चयन और सार्वजनिक आयोजनों में भारतीय हैंडलूम को बढ़ावा देने के लिए जानी जाने वाली विद्या ने इस मौके पर इंस्टाग्राम पर वीडियो डाला, जिसमें उन्होंने हैंडलूम सिल्क साड़ियों की खूबसूरती, विरासत और उन्हें तैयार करने वाले बुनकरों की मेहनत को सलाम किया। विद्या बालन ने लोगों से भारतीय हथकरघा को अपनाने और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने की अपील करते हुए अपने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'हर हैंडलूम सिल्क साड़ी अपनी एक ऐसी कहानी कहती है, जिसे कोई मशीन कभी दोहरा नहीं सकती। इस नेशनल हैंडलूम डे पर आइए उन अद्भुत कारीगरों का सम्मान करें, जिनके हाथों ने भारत की कालजयी बुनाई परंपराओं को जीवित रखा है। जब भी आप शुद्ध रेशम खरीदें, तो हमेशा 'सिल्क मार्क' जरूर देखें क्योंकि यही असली और शुद्ध रेशम की पहचान है।' वीडियो में विद्या बालन ने हैंडलूम सिल्क साड़ियों की खासियत बताते हुए कहा, ''मुझे हैंडलूम सिल्क साड़ियों की सबसे खूबसूरत बात यह लगती है कि इसका हर धागा, हर मोटिफ और हर छोटी-सी बारीकी कलाकारों की मेहनत और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को दर्शाती है। यही वजह है कि हर हैंडलूम सिल्क साड़ी अपने आप में अनोखी होती है।''
'सिल्क मार्क' देखने की अपील के जरिए विद्या बालन ने लोगों को असली हैंडलूम सिल्क चुनने और भारतीय पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया है।
बता दें कि नेशनल हैंडलूम डे हर साल 7 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा, बुनकरों की कला और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। भारत में हथकरघा केवल कपड़ा बनाने की एक तकनीक नहीं बल्कि यह हमारी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से जुड़ी एक जीवंत विरासत है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों वर्षों से बुनकर अपनी कुशलता, मेहनत और रचनात्मकता के जरिए अनोखे वस्त्र तैयार करते आ रहे हैं।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा की गई थी। इसके लिए 7 अगस्त की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि इसी दिन वर्ष 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने भारतीय उत्पादों और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने का संदेश दिया था। इस दिवस का उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र को प्रोत्साहित करना, बुनकर समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और लोगों को भारतीय हस्तनिर्मित वस्त्रों के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

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Web Title-Vidya Balan Salutes Handloom Tradition on National Handloom Day: Every Saree Tells Its Own Unique Story
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Tags: national handloom day, vidya balan, bollywood news in hindi, bollywood gossip, bollywood hindi news
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