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60 के हुए संजय लीला भंसाली, जिन्होंने बदली हिन्दी सिनेमा की दिशा

Happy birth Day : Sanjay Leela Bhansali films that changed the course of Hindi cinema - Bollywood News in Hindi

हिन्दी फिल्म इतिहास को जब भी लिखा या याद किया जाएगा तब संजय लीला भंसाली की चर्चा के बिना वह अधूरा रहेगा। आज 24 फरवरी को भंसाली अपना 60वाँ जन्म दिन मना रहे हैं। इन दिनों वे अपनी फिल्म जिसे वेब सीरीज के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, हीरामंडी को लेकर चर्चाओं में हैं। ऐसा हर साल नहीं होता कि संजय लीला भंसाली के पास दर्शकों के लिए कोई फिल्म हो। निर्देशक-लेखक-निर्माता जल्दबाजी में विश्वास नहीं करते हैं और अपना समय खुद लेते हैं। लेकिन जब वह फिल्म बनाते हैं तो उसे देखने के बाद जो कुछ मिलता है वह एक ब्लॉकबस्टर सफलता और याद रखने योग्य प्रदर्शन होता है। बीते वर्षों से, संजय लीला भंसाली भारतीय फिल्म विरासत के उत्तराधिकारी बन गए हैं। और यह कोई आसान काम नहीं है। राज कपूर, के आसिफ, महबूब खान, वी शांताराम, गुरुदत्त, कमाल अमरोही और अन्य लोगों की लगभग समान तर्ज पर चलना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे संजय लीला भंसाली बड़ी शिद्दत के साथ निभाते आ रहे हैं।

आज संजय लीला भंसाली के 60 जन्म दिन का मौका ऐसा है जब हम उनकी कुछ सर्वश्रेष्ठ फिल्मों के बारे में फिर से जान सकते हैं। खास खबर डॉट कॉम के पाठकों के लिए हम संजय लीला भंसाली की उन फिल्मों को याद कर रहे हैं जिन्होंने वर्षों में हिंदी सिनेमा के पाठ्यक्रम को बदल दिया।

हम दिल दे चुके सनम
1999 की फिल्म हम दिल दे चुके सनम में सलमान खान और ऐश्वर्या राय ने मुख्य भूमिकाएँ निभाईं जो एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई। संजय लीला भंसाली इस फिल्म के लेखक, निर्देशक और निर्माता थे। लोगों का कहना है कि फिल्म अपने समय से बहुत आगे थी। इस बात को वो लोग अच्छी तरह से समझ सकते हैं जो सेल्युलाइड के परदे पर काल्पनिक कथानकों को पंख फैलाते हुए देखना पसन्द करता है। आज तो ओटीटी का जमाना है जहाँ लम्बे कथानक को आसानी से कई भागों में खींचा जा सकता है लेकिन 90 के दशक में ऐसा करना सिर्फ भंसाली के लिए मुमकिन था। जीवन से बड़ी प्रेम कहानी और नाटक को उन्होंने भारतीय सिनेमा जगत की कालजयी फिल्मों में शुमार करवाने में सफलता प्राप्त की।

देवदास
देवदास शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास का रूपांतरण था लेकिन संजय लीला भंसाली ने कहानी को एक सिनेमाई चमत्कार में बदल दिया। इस बात पर कोई आश्चर्य नहीं होता कि फिल्म के संवाद, गीत, अभिनय और फिल्म का प्रस्तुतीकरण हमेशा के लिए दर्शकों के पसन्दीदा बन गए। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित के साथ जैकी श्रॉफ व मिलिंद गुणाजी को भूल पाना बहुत मुश्किल है।

ब्लैक
अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की ब्लैक संजय लीला भंसाली का बिल्कुल नया प्रयोग था। तब तक उन्होंने ज्यादातर प्रेम कहानियों का निर्देशन किया था और ब्लैक अप्रत्याशित रूप से दर्शकों के सामने आई और सभी को एक सुखद आश्चर्य हुआ। फिल्म को आसानी से अब तक की सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्मों में से एक के रूप में गिना जा सकता है।

गोलियों की रासलीला राम-लीला
2013 की फिल्म गोलियां की रासलीला राम-लीला में दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अभिनय किया और इसने हमेशा के लिए उनका जीवन बदल दिया। ताजा कहानी, शानदार जोड़ी और कथानक ने इसे 2013 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर में से एक बना दिया। आज तक, रणवीर और दीपिका अक्सर इस फिल्म के माध्यम से अपने करियर के रास्ते बदलने के लिए संजय लीला भंसाली को श्रेय देते हैं। इसके बाद इन दोनों लेकर बनाई गई संजय लीला भंसाली की बाजीराव मस्तानी और पद्मावत भी आई। इन तीन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस के गणित को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। साथ ही स्पष्ट किया कि युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, उसे उजागर करवाने वाला काबिल निर्देशक चाहिए।

गंगूबाई काठियावाड़ी
2022 हिन्दी सिनेमा के लिए सबसे खराब वर्षों में से एक था, लेकिन इस वर्ष भी संजय लीला भंसाली ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्शकों के सामने दर्ज करवाई। आलिया भट्ट और संजय की गंगूबाई काठियावाड़ी ने बॉक्स ऑफिस को कुछ राहत प्रदान की। यह फिल्म बहुत बड़ी हिट थी और न केवल आलिया को उनके प्रदर्शन के लिए सराहा गया बल्कि यह परियोजना कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पहुंची। यह 4 साल (पद्मावत के बाद) के अन्तराल के बाद संजय लीला भंसाली की निर्देशन में वापसी थी, इसलिए हमने महसूस किया कि हमने फिल्म निर्माता और उनके शिल्प को कितना याद किया।

हीरामंडी
और अब संजय लीला भंसाली वक्त को देखते हुए स्वयं को सिर्फ बड़े परदे तक सीमित नहीं रख रहे हैं। संजय लीला भंसाली ओटीटी पर पर्दापण करने जा रहे हैं। उनका अगला शिल्प हीरामंडी, जिसे वे एक दशक से ज्यादा समय से अपने सीने में दबाए बैठे थे, को दर्शकों के सामने ला रहे हैं। फिल्म निर्माता नेटफ्लिक्स प्रोजेक्ट हीरामंडी के साथ अपना ओटीटी डेब्यू कर रहा है, जिसमें मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, शर्मिन सहगल और संजीदा शेख जैसी अभिनेत्रियां हैं, और वे कम से कम कहने के लिए रीगल दिखती हैं। हालांकि अभी तक इस सीरीज के कथानक का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन बताया जा रहा है कि यह आजादी से पहले तवायफों की जिन्दगी पर आधारित है।

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Web Title-Happy birth Day : Sanjay Leela Bhansali films that changed the course of Hindi cinema
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