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बर्फ के नीचे जमी रहने वाली अंटार्कटिका की अनोखी अन्टर-सी झील

Antarctica unique undersea lake, frozen beneath the ice, - Weird Stories in Hindi

नई दिल्ली, । अंटार्कटिका में स्थित अन्टर-सी झील धरती की सबसे अनोखी झीलों में से एक है। यह क्वीन मौड लैंड के ग्रुबर पर्वतों के समीप अनुचिन ग्लेशियर के छोर पर स्थित है। अत्यधिक ठंड के कारण यह झील वर्ष भर बर्फ की मोटी परत से ढकी रहती है, जहां वार्षिक औसत तापमान शून्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया जाता है। नासा के लैंडसैट 9 उपग्रह पर लगे ओएलआई सेंसर ने 16 फरवरी 2026 को अंटार्कटिका गर्मियों के दौरान इस झील की तस्वीर ली, जिसमें बर्फ से ढका पानी और आसपास का ठंडा परिदृश्य साफ दिखाई देता है। झील का ज्यादातर पानी मौसमी रूप से अनुचिन ग्लेशियर के पिघलने से आता है। सूरज की रोशनी बर्फ से गुजरकर नीचे के पानी को थोड़ा गर्म करती है, लेकिन तेज हवाएं और ठंडी सतह वाष्पीकरण व सब्लिमेशन बढ़ाती हैं, इसलिए सतह ज्यादा नहीं पिघलती। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की ऑफिशियल वेबसाइट पर झील के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। नासा के अनुसार, झील की अधिकतम गहराई लगभग 558 फीट है। इस झील की पानी की केमिस्ट्री बहुत खास है। यहां घुली हुई ऑक्सीजन का स्तर बहुत ज्यादा, कार्बन डाइऑक्साइड कम और पीएच काफी बेसिक यानी एल्कलाइन है। यह उन कुछ झीलों में से एक है जो हमेशा जमी रहती है और जहां बड़े कोनिकल स्ट्रोमेटोलाइट्स पाए जाते हैं।
ये स्ट्रोमेटोलाइट्स फोटोसिंथेटिक साइनोबैक्टीरिया बनाते हैं, जो चिपचिपी सतह पर सेडिमेंट ट्रैप करते हैं और कैल्शियम कार्बोनेट क्रस्ट बनाते हैं। ये संरचनाएं धीरे-धीरे ऊपर बढ़ती हैं और ऑक्सीजन छोड़ती हैं। साल 2011 में एसईटीआई के जियोबायोलॉजिस्ट डेल एंडरसन और उनकी टीम ने इन स्ट्रोमेटोलाइट्स की खोज की थी। ये आधे मीटर तक ऊंचे होते हैं, जबकि अन्य अंटार्कटिक झीलों जैसे लेक जॉयस में सिर्फ कुछ सेंटीमीटर ऊंचे मिलते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि बर्फ के नीचे ज्वार-लहरों से सुरक्षा, साफ पानी, कम गाद, कम रोशनी की वजह से ये असामान्य रूप से ऊंचे बन पाते हैं। झील के सबसे बड़े जीव टार्डिग्रेड्स हैं, जो कठिन परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं। ये स्ट्रोमेटोलाइट्स 3 अरब साल पहले के जीवन की झलक दिखाते हैं, जब धरती पर सिर्फ माइक्रोब्स ही थे। ये उन जीवों में से हैं, जो ग्रीनलैंड और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले सबसे पुराने फॉसिल्स में से एक रहे।
एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट इसे यूरोपा, एन्सेलाडस जैसे बर्फीले चंद्रमाओं या मंगल ग्रह के प्राचीन बर्फीले झीलों के लिए एनालॉग की तरह मानते हैं। हालांकि, झील स्थिर दिखती है, लेकिन कभी-कभी अचानक बदलाव आते हैं।
वर्ष 2019 में ओटावा विश्वविद्यालय के एक दल ने इस झील पर विस्तृत फील्डवर्क किया। नासा के आईसीईएसएटी-2 डेटा से इस बात की पुष्टि हुई कि पास की ओबर-सी झील के फटने से लगभग 1.75 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी इस झील में समाहित हुआ था। इस प्रवाह के कारण झील के पीएच स्तर में परिवर्तन हुआ और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई, जिससे सूक्ष्मजीवी जीवन की उत्पादकता में वृद्धि देखी गई। हालांकि, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ग्लेशियल झीलों के फटने से आने वाली ऐसी बाढ़ अंटार्कटिका के पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
--आईएएनएस

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Web Title-Antarctica unique undersea lake, frozen beneath the ice,
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