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राजस्थान में भगवान देव नारायण की आस्था से जुड़ा अनोखा गांव, जहां नहीं लगते घरों में ताले

A Unique Village in Rajasthan Rooted in Faith in Lord Dev Narayan—Where Homes Are Never Locked - Weird Stories in Hindi

नई दिल्ली। देश-दुनिया के कोने-कोने में कई खूबसूरत और आस्था को प्रगाढ़ करते देवालय हैं, जिनके शिखर मात्र से भक्तों का मन प्रसन्न हो जाता है। मात्र देवालय या शिखर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस पास की जगह भी बेहद खूबसूरत और उससे जुड़ी कथा हैरत में डालती है। ऐसा ही नारायण को समर्पित राजस्थान में एक खूबसूरत गांव है, जो नारायण को समर्पित है। खास बात है कि नारायण के इस गांव में मिट्टी के कच्चे घरों में कभी ताले नहीं लगते और साल 2024 में बेस्ट टूरिज्म विलेज का खिताब भी मिल चुका है। राजस्थान की अरावली पर्वत शृंखला की गोद में बसा एक अनोखा गांव आज पूरे देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। नाम है देवमाली। अजमेर जिले के ब्यावर क्षेत्र का यह छोटा सा गांव न केवल अपनी प्राचीन मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां की अनूठी परंपराओं ने इसे भारत का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव बना दिया है।
साल 2024 में केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर देवमाली गांव को बेस्ट टूरिज्म विलेज का प्रतिष्ठित खिताब प्रदान किया था। यह पुरस्कार ब्यावर के तत्कालीन कलेक्टर और गांव की सरपंच ने ग्रहण किया था। राजस्थान पर्यटन विभाग भी इस गांव को विशेष रूप से प्रचारित कर रहा है।
देवमाली गांव भगवान देव नारायण को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। स्थानीय मान्यता है कि लगभग एक हजार वर्ष पहले जब देव नारायण भगवान यहां पधारे थे, तो गांव के सभी पत्थर और चट्टानें उन्हें नमन करने के लिए झुक गई थीं। आज भी गांव के चारों ओर झुकी हुई चट्टानें इस पौराणिक कथा की गवाही देती हैं।
देवमाली की सबसे बड़ी खासियत यहां के घर हैं। पूरे गांव में कोई भी पक्का मकान नहीं बनाया जाता। घर केवल पीली मिट्टी और गाय के गोबर से बनाए जाते हैं। हर दो-तीन महीने में इनकी लिपाई-पुताई होती है, जिसे शुद्धिकरण माना जाता है। गांववासी मानते हैं कि भगवान देव नारायण ने वचन दिया था, “मेरा मंदिर पक्का रखो, तुम्हारे घर कच्चे रखो”। इस परंपरा को आज भी सख्ती से निभाया जाता है। सबसे अनोखी बात यहां के घरों में कभी ताले नहीं लगते।
गांववासी गर्व से कहते हैं कि सदियों से यहां न चोरी होती है और न कोई विवाद। चाहे कोई करोड़पति हो या साधारण किसान, सब एक समान कच्चे घरों में रहते हैं। व्यसनों पर भी पूर्ण प्रतिबंध है, न शराब, न मांस का उपयोग होता है। शनिवार को दूध नहीं बेचा जाता, उसे खीर बनाकर या पड़ोसियों में बांट दिया जाता है।
देवमाली पर्यटकों को पारंपरिक ग्रामीण जीवन का शानदार अनुभव कराता है। राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव अरावली की हरी-भरी वादियों से घिरा हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक प्राचीन देव नारायण मंदिर के दर्शन करते हैं। मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने व मत्था टेकने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं।
--आईएएनएस

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Web Title-A Unique Village in Rajasthan Rooted in Faith in Lord Dev Narayan—Where Homes Are Never Locked
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