वाशिंगटन, 5 अक्टूबर। रविवार को अमेरिका के तीन और बैंकों के बंद होने से इस वर्ष बंद होने वाले बैंकों की संख्या बढ़कर 98 तक पहुंच गई हैं। दरअसल जो बैंक कर्ज के बोझ से दबे है और जिनके पास पूंजी संकट है, नियामक ऎसे बैंकों को बंद करने के लिए दबाव डाल रहे है। फेडरेल डिपाजिट इंश्योरेंस कारपोरेशन का कहना है कि मिशीगत स्थित वारेन बैंक बंद हो गया है और ओहियो स्थित हंटिगटन नेशनल बैंक वहां जमा अपनी समस्त राशि निकाल रहा हैं। बैंक की 53.8 करोड डॉलर की परिसंपतियां है और 50.1 करोड डॉलर की राशि जमा हैं। मिनसॉटा का जैनिंग्स स्टेट बैंक भी बंद हो गया है और वहां सेन्ट्रल बैंक उस बैंक में जमा अपनी संपतियों को निकाल रहा हैं। उसकी 5.63 करोड डॉलर की परिसंपतियां है और 5.24 करोड डॉलर जमा राशि है। बंद होने वाले बैंको में तीसरा सदर्न कोलोरेडो नेशनल बैंक है और वहीं का लेगेसी बैंक उसमें जमा अपनी संपति वापिस ले रहा है। उसकी 3.95 करोड डॉलर की परिसंपति है और 3.19 करोड डॉलर की जमा राशि हैं। इन सब बैंकों की शाखाएं रविवार को खुली थीं और सभी ग्राहक अपनी जमा राशियों को चेक, एटीएम और डेबिट कार्ड के जरिए निकाल रहे थे।
इन तीनों बैंकों के बंद होने से कारपोरेशन पर 29.3 करोड डॉलर की अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। हालांकि कारपोरेशन ने 2,50,000 डॉलर जमा राशि वाले ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उनकी पूंजी सुरक्षित है। कारपोरेशन का कहना है कि बैंकों के बंद होने का यह सिलसिला वर्ष 2009 और 2010 तक जारी रहेगी और वर्ष 2011 से आर्थिक मंदी से छुटकारा मिलना शुरू हो जाएगा।
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