जकार्ता, 1 अक्टूबर। इंडोनेशिया के पश्चिमी सुमात्रा प्रांत की राजधानी प़डांग में बुधवार को आए भूकंप में हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका है। भयंकर भूकंप से ध्वस्त इमारतों में हजारों लोग दब गए हैं। रिहायशी मकान, स्कूल, अस्पताल, होटल- सभी तरह की इमारतें भूंकप के झटके में ढेर हो गईं। सिर्फ एक तटीय नगर में ही अब तक 200 शव मिल चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बहुत ज्यादा हैं। गुरूवार को वहां फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। बुधवार को शुरू हुए भूकंप के आरंभिक झटकों से प़डांग में आग लगने, बिजली और संचार तंत्र ठप की घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। सुमात्रा द्वीप के इस तटीय नगर में नौ लाख लोग रहते हैं। भूकंप से सुनामी न आ जाए, इस डर से हजारों लोग भाग कर स़डकों पर आ गए। भूकंप इतना जबरदस्त था कि इससे सैक़डों मील दूर मलेशिया और सिंगापुर में इमारतें हिल गईं। सुमात्रा की राजधानी प़डांग में इतना तेज कंपन था कि लोग स़डकों पर आने के बाद भी गिरने के डर से जमीन पर बैठ या लेट गए। बच्चो डरकर चिल्लाने लगे और हजारों लोग कारों, मोटरसाइकिलों में होर्न बजाते हुए भागने लगे। समुद्र के अंदर आए 7.6 तीव्रता के इस भयावह भूकंप के बाद गुरूवार को फिर 6.8 तीव्रता का उथला, जमीनी भूकंप आया। उथले, जमीनी भूकंप ज्यादा तबाही लाते हैं। खबर है कि इस दूसरे भूकंप ने और भी दर्जनों इमारतें तबाह कर दी हैं।
पेरू में भूकंप के तेज झटके
लीमा। इधर, लैटिन अमरीकी देश पेरू के दक्षिण-पूर्व हिस्से में भी गुरूवार को भूकंप के तग़डे झटके महसूस किए हैं। मगर इससे किसी तरह की जान-माल की क्षति की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। अमरीकी भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई। इसका केंद्र पेरू से सटे देश बोलीविया की राजधानी ला पेज से 162 किलोमीटर पश्चिमोत्तर धरती से 258 किलोमीटर गहराई में स्थित था।
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