नई दिल्ली, 26 सितंबर। प्रघानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि देश में किसी तरह का आर्थिक संकट नही है और विकास दर 6 से 6.5 फीसदी की दर पर है जो अन्य देशों की मुकाबले काफी बेहतर है। सिंह ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक और राहत पैकेज की संभावना से इंकार नही किया है, लेकिन अघिक वित्तीय घाटे और रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसकी गुंजाइश सीमित है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है और अभी तक मुद्रास्फीति किसी तरह की समस्या नही है। सिंह ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में देश की हिस्सेदारी है और जाहिर तौर पर वैश्विक संकट का देश के निर्यात पर असर प़डा है।
हीरे-जवाहरात, आभूषण, चर्म सामग्री और कप़डा निर्यात कम हुआ है। सिंह ने कहा कि जी-20 बैठक सकारात्मक रही, जिसमें विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। भारत सहित विकासशील देशों को वैश्विक वित्त संस्थाओं में पांच फीसदी अघिक वोटिंग अघिकार देने पर सहमति हो गई है। हालांकि मांग सात फीसदी बढ़ाने की थी। उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से इन सुघारों की मांग कर रहा था। इसी तरह सम्मेलन में मंदी से उबरने के लिए राहत पैकेज जारी रखने और दोहा वार्ता को शीघ्र पूरा करने पर भी सहमति हुई है।
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