जयपुर, 22 सितंबर। भाजपा से निष्कासित नेता जसवंत सिंह ने सवाल किया है कि लालकृष्ण आडवाणी पार्टी से उनके निष्कासन पर एक माह तक क्यों चुप्पी साघे रहे। जसवंत के निष्कासन का समर्थन नहीं करने संबंघी आडवाणी के कल के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया मांगे जाने पर जसवंत ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, इसकी जांच होनी चाहिए कि आडवाणी ने किस संदर्भ में यह बात कही और वह भी एक माह बाद। आडवाणी अपनी बात पर यू टर्न ले रहे हैं या उनके प्रति नरम हो रहे हैंक् इस सवाल पर उन्होंने कहा, यह तो उनसे ही पूछिए। आडवाणी ने कहा था कि उन्होंने जसवंत के निष्कासन का समर्थन नहीं किया था। हालांकि भाजपा ने दावा किया था कि आडवाणी इस फैसले में शामिल थे। उन्होंने कांग्रेस में जाने या भाजपा में लौटने से इनकार करते हुए कहा जिस पार्टी से निष्कासित हुआ हूं उस में मेरे और मेरे परिवार के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेेखावत के मुझ पर बहुत एहसान हैं। शेखावतजी ने मुझे संसद तक पहुंचाया। वे अघिकारपूर्वक मुझे कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन और किसी को यह अघिकार नहीं है। जसवंत अपने कुछ समर्थकों के साथ शेखावत से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "मैं और मेरा पुत्र पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह अब भाजपा में नहीं है।"
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