मास्को, 5 सितंबर। रूसी परमाणु पनडुब्बी नेरपा के मघ्य सितंबर में होने वाले समुद्री परीक्षण में भारतीय पनडुब्बी चालकों का भी एक दल शामिल होगा। परमाणु हमले की क्षमता वाली पनडुब्बी नेरपा गत नवंबर में एक परीक्षण के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बाद में इसमें व्यापक सुधार कर दस जुलाई को जापान सागर में दोबारा इसका समुद्री परीक्षण शुरू किया गया। इसके सुधार पर छह करोड डॉलर का संभावित खर्च हुआ है। यह पनडुब्बी इस साल के अंत तक भारतीय नौसेना को लीज पर मिलनी है, जो भारत में आईएनएस चक्र कहलाएगी। समाचारों के मुताबिक भारतीय पनडुब्बी चालकों को रूसी विशेषज्ञों और कर्मचारियों के अंतर्गत प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पडेगी। बाद में वे रूसी निर्देशकों की देखरेख में इसे संचालित करेंगे। 12 हजार टन की अकूला दि्वतीय श्रेणी की परमाणु हमलावर पनडुब्बी के 152 नेरपा को लीज पर लेने के लिए भारत ने रूस को 65 करोड डॉलर दिए।