नई दिल्ली, 4 जून। राजग के दो प्रमुख घटक दलों जनता दल-यू और शिवसेना ने गुरूवार को महिला आरक्षण विधेयक को उसके मौजूदा स्वरूप में पारित किए जाने का विरोध करने के संकेत दिए हैं। समाजवादी पार्टी पहले ही इसका विरोध करती आ रही है। जद-यू अघ्यक्ष शरद यादव ने कहा कि देश की असली (गरीब और वंचित) महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। केंद्र सरकार के संसद में इस विधेयक को पारित कराने के दृढ निश्चय के बारे में पूछ जाने पर उन्होंने टिप्पणी की कि विधेयक में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 30 फीसदी आरक्षण मुहैया कराने का प्रावधान है। उनकी पार्टी ने पहले भी कोटे के भीतर कोटे की मांग करते हुए विधेयक का विरोध किया था। हम अब भी अपने पुराने दृष्टिकोण पर कायम हैं। इसमें कोटे के भीतर कोटा होना चाहिए जैसा कि हमने बिहार में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देकर किया है। सरकार ने गुरूवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के जरिए अगले 100 दिन के भीतर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।