नई दिल्ली, 25 मई। निर्देशक रामगोपाल वर्मा की फिल्म "रण" के गाने "जन गन मन रण है,इस रण में जख्मी हुआ है भारत का भाग्य विघाता" में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस गाने में राष्ट्रगान के साथ छेडछाड की गई है। इसलिए इस मामले में स्पष्टीकरण के लिए डायरेक्टर संबंघित विभाग जाएं। इस गाने पर सेंसर बोर्ड की हरी झंडी नही मिलने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया और कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया कि इस गाने में राष्ट्रगान के साथ छेडछाड हुई है। सेंसर बोर्ड की अघ्यक्ष शर्मिला टैगोर के सेक्रटरी ने बताया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म के प्रोमो देखे है और इस नतीजे पर पहुंचा कि सिनेमेटोग्राफ ऎक्ट के सेक्शन 5(बी)2 की गाइडलाइन 219 के तहत इसे मंजूरी नही दी जा सकती। ऎसा नैशनल ऑनर ऎक्ट 1971 के उल्लंघन से बेचने के लिए भी किया गया है। उनका कहना था कि राष्ट्रगान की घुन को तोडमरोड कर नही बजाया जा सकता। इन आरोपों से इंकार करते हुए फिल्म के डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने कहा था कि इसे देशद्रोह के तौर पर नही देखा जाना चाहिए। मैंने राष्ट्रगान को असम्मानपूर्वक पेश नही किया। यह गाना सिर्फ भारत की हालिया बदतर स्थिति के प्रति गुस्से को जाहिर करने का जरिया है। इस फिल्म मे अमिताभ बच्चान अहम भूमिका निभा रहे है।
|