नई दिल्ली। भारतीय थलसेना अपने पैदल जवानों को मध्यम रेंज की एक मिसाइल से लैस करने जा रही है जो किसी लक्ष्य के आस-पास 30 मिनट तक मंडराने के बाद उस पर निशाना साध सकती है और शत्रु के ठिकाने पर मौजूद महत्वपूर्ण जानकारी भेज सकती है। सेना ने बडी वैश्चिक रक्षा कंपनियों के लिए सूचना के लिए अनुरोध (आरएफआई) जारी किया है, जिसमें यह पूछा गया है कि वे इस तरह की मिसाइल की आपूर्ति कर सकती हैं।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि आरएफआई इस महीने की शुरूआत में जारी किया गया था। यह मिसाइल मूल तौर पर मानवरहित विमान है, जो किसी लक्ष्य पर करीब आधे घंटे तक मंडराने के बाद जानकारी भेज सकता है और बाद में खुद को निशाने पर नष्ट कर शत्रु के ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकता है। भारत के पास सशस्त्र यूएवी की इस सीरीज में कोई स्वदेश निर्मित उत्पाद नहीं है इसलिए आरएफआई से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। वर्तमान में वैश्चिक स्तर पर इस्त्राइल एयरोस्पेस इंडिस्ट्रीज और अमेरिका की लाकहीड मार्टिन दो बडी कंपनियों है जो इस तरह की मिसाइल बनाती हैं।
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