इस्लामाबाद, 6 मई। पाकिस्तान के स्वात घाटी से तालिबान को खदेडने के लिए पाक सेना ने बुधवार से नया ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाक सेना ने गोलाबारी के साथ ही हेलीकॉप्टरों से तालिबान के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान सेना ने जहां मिंगोरा कस्बे को तालिबान के कब्जे से मुक्त कराने के लिए जबर्दस्त कार्रवाई शुरू की है वहीं वह तालिबान के कब्जे से खदानों को मुक्त कराने पर भी जी-जान से जुटी हुई है। इसके साथ ही वह डग्गर और उसके आसपास के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। इस ताजा लडाई के कारण स्वात घाटी के पांच लाख लोगों के विस्थापित होंगे। पाक सेना की कार्रवाई के मद्देनजर मंगलवार दोपहर से 40 हजार लोग मिंगोरा छोडकर जा चुके हैं। पाक सेना के अधिकारियों ने नए अभियान के तहत मंगलवार को ही क्षेत्र के कई गांव-कस्बों को खाली करने लिए लोगों को कह दिया था। उधर, तालिबान ने पाकिस्तान के इस ताजा अभियान से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है। उसने पाकिस्तान सेना के 48 सैनिकों को अपने कब्जे में ले रखा है। पाकिस्तान से स्वात को जोडने वाले प्रमुख संपर्क पुल को उन्होंने उडा दिया है। तालिबान लडाकों ने आम नागरिकों को ढाल बनाने की तैयारी कर ली है। गांव-कस्बों के लोग पलायन कर पाते इससे पहले ही उन्होंने स्वात से बाहर निकलने के प्रमुख मार्गो पर मोर्चा संभाल लिया है। गांव-कस्बों में स्वचलित हथियारों से लैश तालिबान लडाके गलियों में गश्त कर रहे हैं और महत्वपूर्ण भवनों की छतों पर मोर्चे ले लिए हैं। इस बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा है कि तालिबान का मुकाबला करने के लिए अमरीका को पाकिस्तान पर जबर्दस्त दबाल डालना होगा। अमरीका की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि पाकिस्तान का अस्तित्व लोकतांत्रिक और उदारवादी छवि वाले देश के रूप में हो।